Get App

'किसी से बात नहीं करते और आधी रात को...', अहमदाबाद प्लेन क्रैश में जिंदा बचे विश्वास का ऐसा हाल

Air India Plan Crash : 12 जून को हुए भीषण एयर इंडिया हादसे में ज़िंदा बचे एकमात्र यात्री विश्वास कुमार रमेश अब भी इमोशनल सदमे से जूझ रहे हैं। उनके चचेरे भाई सनी ने बताया कि दुर्घटनास्थल की भयावह यादें, खुद के बच जाने का एहसास और भाई अजय की मौत का ग़म उन्हें आज भी बहुत परेशान करता है

MoneyControl Newsअपडेटेड Jul 12, 2025 पर 11:05 PM
'किसी से बात नहीं करते और आधी रात को...', अहमदाबाद प्लेन क्रैश में जिंदा बचे विश्वास का ऐसा हाल
सदमे से बाहर नहीं निकल पा रहा एयर इंडिया क्रैश सर्वाइवर विश्वास

Air India Plan Crash : 12 जून को अहमदाबाद से लंदन जा रही एयर इंडिया की फ्लाइट हादसे का शिकार हो गई थी। इस हादसे में  270 लोगों की मौत हो गई थी। इस भयानक हादसे में भारतीय मूल के ब्रिटिश नागरिक विश्वास कुमार रमेश अकेले ऐसे व्यक्ति थे जो जिंदा बच पाए। रमेश अपने भाई अजय के साथ विमान में सवार थे, लेकिन हादसे में अजय और अन्य सभी 241 यात्री मारे गए। जलती हुई लपटों और मलबे से सिर्फ रमेश ही बाहर निकल पाए।

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, उनके चचेरे भाई ने बताया कि रमेश अब इस दर्दनाक अनुभव से उबरने के लिए मनोचिकित्सक की मदद ले रहे हैं। हादसे के बाद वे शारीरिक रूप से तो ठीक हो रहे हैं, लेकिन मानसिक रूप से अब भी गहरे सदमे में हैं।

भाई की यादें आज भी सताती है

12 जून को हुए भीषण एयर इंडिया हादसे में ज़िंदा बचे एकमात्र यात्री विश्वास कुमार रमेश अब भी इमोशनल सदमे से जूझ रहे हैं। उनके चचेरे भाई सनी ने बताया कि दुर्घटनास्थल की भयावह यादें, खुद के बच जाने का एहसास और भाई अजय की मौत का ग़म उन्हें आज भी बहुत परेशान करता है। सनी के अनुसार, विदेश में रहने वाले कई रिश्तेदार विश्वास का हाल जानने के लिए फोन करते हैं, लेकिन वह किसी से बात नहीं करते। वह अब तक हादसे और भाई की मौत के सदमे से उबर नहीं पाए हैं।

उन्होंने यह भी बताया कि विश्वास कई बार आधी रात को अचानक जाग जाते हैं, और फिर उन्हें फिर से नींद लेने में मुश्किल होती है। परिवार अब उन्हें मानसिक रूप से ठीक करने के लिए हरसंभव मदद देने की कोशिश कर रहा है।

आधी रात को चौंक कर उठ जाते हैं विश्वास

सब समाचार

+ और भी पढ़ें