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Ashwini Vaishnaw: '3 घंटे तो बहुत हैं, 5 मिनट में हटना चाहिए कंटेंट', IT मंत्री ने टेक कंपनियों के दावों को नकारा

IT minister Ashwini Vaishnaw: सरकार ने हाल ही में 'आईटी नियम, 2021' में संशोधन किया है। इसके तहत पहले अदालती आदेश या सरकारी निर्देश मिलने पर कंटेंट हटाने के लिए 36 घंटे का समय मिलता था, जिसे अब घटाकर मात्र 3 घंटे कर दिया गया है। टेक कंपनियों का तर्क है कि इतने कम समय के दबाव में वे गलती से ऐसा कंटेंट भी हटा सकते हैं जो गैर-कानूनी न हो

Edited By: Abhishek Guptaअपडेटेड Feb 18, 2026 पर 2:00 PM
Ashwini Vaishnaw: '3 घंटे तो बहुत हैं, 5 मिनट में हटना चाहिए कंटेंट', IT मंत्री ने टेक कंपनियों के दावों को नकारा
सरकार ने हाल ही में 'आईटी नियम, 2021' में संशोधन करके कंटेंट हटाने के लिए 36 घंटे के समय को घटाकर मात्र 3 घंटे कर दिया गया है

Ashwini Vaishnaw: दिल्ली में चल रहे 'AI इम्पैक्ट समिट' के दौरान केंद्रीय आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोशल मीडिया कंपनियों की उन शिकायतों को सिरे से खारिज कर दिया है, जिनमें 3 घंटे के भीतर कंटेंट हटाने के नियम को लागू करना मुश्किल बताया जा रहा था। मंत्री ने साफ कहा कि बड़ी टेक कंपनियों के पास इतनी उन्नत तकनीक है कि वे घंटों नहीं, बल्कि मिनटों में कार्रवाई कर सकती हैं।

'3 घंटे नहीं, 5 मिनट में होनी चाहिए कार्रवाई'

आईटी मंत्री ने एक इंटरव्यू में कहा कि एआई द्वारा बनाया गया भ्रामक कंटेंट जिस रफ्तार से वायरल होता है, उसे देखते हुए 3 घंटे का समय भी बहुत ज्यादा है। उन्होंने जोर देते हुए कहा, 'बड़ी टेक कंपनियों के पास 3 घंटे के नोटिस को लागू करने के लिए पर्याप्त उपकरण और तकनीकी कौशल है। असल में तो यह काम 5 मिनट में होना चाहिए।' उनका मानना है कि जब तकनीक इतनी तेज है, तो सुरक्षा के लिए उठाए जाने वाले कदम भी उतने ही तेज होने चाहिए। मंत्री के कड़े रुख से यह स्पष्ट है कि सरकार डिजिटल सुरक्षा और डीपफेक जैसे खतरों से निपटने के लिए कंपनियों को कोई ढील देने के मूड में नहीं है।

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