Air India Crash: फ्लाइट में गए पति और बेटी, घर लौटा सिर्फ दर्द ...मोब्बशेरा ने एक ही पल में खो दी अपनी पूरी दुनिया

इस हादसे के बाद मोब्बशेरा लंदन में बिल्कुल अकेली रह गईं। पति और बेटी को खोने का दुख इतना बड़ा था कि उसे शब्दों में बयां करना मुश्किल है। कुछ समय बाद उन्होंने ब्रिटेन छोड़ने का फैसला किया और महाराष्ट्र के तारापुर स्थित अपने पैतृक घर लौट आईं, जहां उनके रिश्तेदार और परिवार के लोग उन्हें इस कठिन समय से उबरने में सहारा दे रहे हैं

अपडेटेड Jun 12, 2026 पर 3:47 PM
Air India Crash: 12 जून 2025 को अहमदाबाद एयरपोर्ट पर एयर इंडिया का विमान क्रैश हो गया था।

12 जून 2025 को अहमदाबाद एयरपोर्ट पर एयर इंडिया का विमान क्रैश हो गया था। अहमदाबाद से लंदन जा रही एयर इंडिया की फ्लाइट 171 उड़ान भरने के कुछ समय बाद ही हादसे का शिकार हो गई। इसमें 241 यात्रियों की मौत हो गई थी। अहमदाबाद विमान हादसे को एक साल पूरा हो गया है, लेकिन पीड़ित परिवारों का दर्द आज भी कम नहीं हुआ है। एक साल पहले जब मोब्बशेरा वोहोरा के पति और बेटी एयर इंडिया की उस फ्लाइट में सवार हुए थे, तब उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि कुछ ही मिनटों में उनकी जिंदगी पूरी तरह बदल जाएगी।

पूरा परिवार हुआ तबाह

बता दें कि, अहमदाबाद प्लेन क्रैश में मोब्बशेरा वोहोरा के पति परवेज वोहोरा और चार साल की बेटी ज़ुवेरिया भी मौजूद थे। दोनों भारत में अपने परिवार से मुलाकात करने के बाद लंदन लौट रहे थे। लेकिन इस हादसे में पिता और बेटी की मौके पर ही मौत हो गई। इस दर्दनाक घटना ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया और आज भी वे इस अपूरणीय नुकसान से उबरने की कोशिश कर रहे हैं।


पति और बेटी की हुआ मौत

इस हादसे के बाद मोब्बशेरा लंदन में बिल्कुल अकेली रह गईं। पति और बेटी को खोने का दुख इतना बड़ा था कि उसे शब्दों में बयां करना मुश्किल है। कुछ समय बाद उन्होंने ब्रिटेन छोड़ने का फैसला किया और महाराष्ट्र के तारापुर स्थित अपने पैतृक घर लौट आईं, जहां उनके रिश्तेदार और परिवार के लोग उन्हें इस कठिन समय से उबरने में सहारा दे रहे हैं। हादसे के समय मोब्बशेरा गर्भवती थीं। भारत वापस आने के बाद उन्होंने एक बेटे को जन्म दिया। यह उनके जीवन का ऐसा पल था जिसमें खुशी और गहरा दुख दोनों शामिल थे। एक ओर बेटे के जन्म की खुशी थी, वहीं दूसरी ओर यह दर्द भी था कि वह अपने पिता और बड़ी बहन को कभी जान नहीं पाएगा।

अकेली रह गईं मोब्बशेरा 

मोब्बशेरा के रिश्तेदार फारूक भाई ने एनडीटीवी से बातचीत में कहा, "उनके लिए लंदन में अकेले रहना बहुत मुश्किल हो गया था।" उन्होंने बताया कि इसी वजह से परिवार उन्हें वापस महाराष्ट्र के तारापुर ले आया, ताकि वह अपने लोगों के बीच रह सकें और इस दुख को सहन करने में उन्हें सहारा मिल सके। फारूक भाई ने कहा, "जब यह दर्दनाक हादसा हुआ, तब वह गर्भवती थीं और लंदन में रह रही थीं। इस दुर्घटना ने उनसे उनका पूरा परिवार छीन लिया। ऐसे में परिवार ने फैसला किया कि उन्हें भारत वापस आ जाना चाहिए।" एयर इंडिया की फ्लाइट AI-171 दुर्घटना से प्रभावित सैकड़ों परिवारों में यह भी एक ऐसी कहानी है, जिसने लोगों को भावुक कर दिया और इस हादसे के गहरे दर्द को सामने लाया।

आज भी सदमे में हैं पीड़ित परिवार

इस विमान हादसे में गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी भी अपनी जान गंवाने वालों में शामिल थे। वहीं, ब्रिटेन के नागरिक विश्वास कुमार रमेश इस दुर्घटना में जीवित बचने वाले एकमात्र व्यक्ति थे। वह घायल अवस्था में विमान के मलबे से बाहर निकलने में सफल रहे, जबकि बाकी 241 यात्रियों और चालक दल के सदस्यों की मौत हो गई। हादसे में उनके भाई की भी जान चली गई थी। इस दर्दनाक दुर्घटना में कुल 260 लोगों की मौत हुई थी। हादसे के एक साल बाद भी विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो की जांच जारी है। दूसरी ओर, एयर इंडिया का कहना है कि विमान में सवार लोगों के 96 प्रतिशत परिवारों को अंतरिम मुआवजा दिया जा चुका है।

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