एयर इंडिया 171 विमान दुर्घटना की जांच के सिलसिले में विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) की ओर से कैप्टन वरुण आनंद को तलब किए जाने के बाद फेडरेशन ऑफ इंडियन पायलट्स (FIP) ने ब्यूरो को कानूनी नोटिस भेजा है। खबरों के मुताबिक, एयर इंडिया ने कैप्टन आनंद को सूचित किया कि AAIB ने उन्हें जांचकर्ताओं के सामने पेश होने के लिए कहा है।
पायलटों के संगठन ने कहा कि कैप्टन आनंद का दुर्घटनाग्रस्त विमान से कोई संबंध नहीं है। संगठन ने बताया कि वे फ्लाइट प्लानिंग में शामिल नहीं थे, दुर्घटनास्थल पर मौजूद नहीं थे, और न ही वे तथ्यात्मक, तकनीकी या विशेषज्ञ गवाह हैं। इस दुर्घटना में 260 लोगों की जान चली गई।
FIB के अनुसार, कैप्टन आनंद को केवल इसलिए तलब किया गया था, क्योंकि वे उस दुर्भाग्यपूर्ण फ्लाइट के पायलट इन कमांड, कैप्टन सुमित सभरवाल के रिश्तेदार हैं। फेडरेशन ने कहा कि इससे यह चिंता पैदा होती है कि जांचकर्ता जान गंवाने वाले विमान चालक दल पर जिम्मेदारी डालने की कोशिश कर रहे होंगे।
FIP ने अंतर्राष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन के नियमों का हवाला देते हुए कहा कि दुर्घटना की जांच के हिस्से के रूप में परिवार के सदस्यों को बुलाना गैरकानूनी है। इसमें यह भी कहा गया कि समन में कैप्टन आनंद को किस कानूनी आधार या किस उद्देश्य के तहत बुलाया गया था, इसकी कोई जानकारी नहीं दी गई थी।
एयर इंडिया के सेवारत पायलट और FIP सदस्य कैप्टन आनंद को 15 जनवरी को पेश होने के लिए कहा गया था। फेडरेशन ने इस कदम को अनुचित बताया और कहा कि इससे उन्हें मानसिक पीड़ा और पेशेवर नुकसान हुआ है। हालांकि, कैप्टन आनंद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश होने के लिए सहमत हो गए हैं।
यह जांच 12 जून को अहमदाबाद से उड़ान भरने के तुरंत बाद लंदन जा रहे एयर इंडिया के बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने से संबंधित है। विमान एक हॉस्टल बिल्डिंग से टकरा गया, जिसमें 242 यात्रियों में से 241 की मौत हो गई, जिनमें गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी भी शामिल थे। AAIB दुर्घटना के कारणों की जांच कर रही है।