झांसी हाईवे पर हुए सड़क हादसे में जान गंवाने वाले अबान अहमद का प्रयागराज में अंतिम संस्कार किया जाएगा। वहीं इलाहाबाद हाई कोर्ट ने शुक्रवार को जेल में बंद अली अहमद और उमर अहमद को पैरोल देने की अनुमति दी। दोनों अतीक अहमद के बेटे हैं। अदालत ने उन्हें अपने छोटे भाई अबान अहमद के अंतिम संस्कार में शामिल होने की इजाजत दी है। अबान की हाल ही में एक सड़क हादसे में मौत हो गई थी। यह फैसला जस्टिस अजय भनोट और जस्टिस दिवेश चंद्र सामंत की खंडपीठ ने सुनाया। यह आदेश अतीक अहमद की बहन परवीन कुरैशी की ओर से दायर याचिका पर दिया गया, जिसमें दोनों भाइयों को अंतिम संस्कार में शामिल होने की अनुमति देने की मांग की गई थी।
सुनवाई के दौरान अदालत को बताया गया कि अबान अहमद का अंतिम संस्कार शनिवार सुबह किया जाएगा। इसके बाद हाई कोर्ट ने अली अहमद और उमर अहमद को अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए पैरोल पर रिहा करने की अनुमति दे दी। अली अहमद इस समय झांसी जेल में बंद है, जबकि उसका भाई उमर अहमद लखनऊ जेल में सजा काट रहा है।
21 वर्षीय अबान अहमद की गुरुवार को एक सड़क हादसे में मौत हो गई। वह जिस एसयूवी में सफर कर रहा था, वह उत्तर प्रदेश के झांसी जिले में सड़क के डिवाइडर से टकरा गई। इस हादसे में उसके 25 वर्षीय दोस्त सोनू की भी जान चली गई। पुलिस के अनुसार, अबान अपने दोस्तों के साथ झांसी जेल में बंद अपने बड़े भाई अली से मिलने जा रहा था। इसी दौरान रास्ते में यह दर्दनाक हादसा हो गया। कार में सवार तीन अन्य लोग—आजम, मोहम्मद जावेद और उमर—भी घायल हो गए। उन्हें इलाज के लिए झांसी मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। बाद में उनके परिवार के लोग उन्हें प्रयागराज ले गए।
पिता और भाई की कब्र के पास होगा अबान का अंतिम संस्कार
अबान अहमद को प्रयागराज के कसारी-मसारी कब्रिस्तान में दफनाया जाएगा। उसकी कब्र उसके पिता अतीक अहमद के पास बनाई गई है। इसी कब्रिस्तान में अतीक के भाई अशरफ और बेटे असद की कब्र भी मौजूद है। अबान, अतीक अहमद के पांच बेटों में सबसे छोटा था। पिछले कुछ वर्षों में अहमद परिवार ने कई बड़ी घटनाओं का सामना किया है। अप्रैल 2023 में अतीक अहमद के बेटे असद को झांसी के पास पुलिस मुठभेड़ में मार गिराया गया था। वह उमेश पाल हत्याकांड में वांछित था। उमेश पाल, वर्ष 2005 में बसपा विधायक राजू पाल की हत्या के मामले में मुख्य गवाह थे। इसके कुछ दिन बाद, 15 अप्रैल 2023 को पुलिस अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ को मेडिकल जांच के लिए प्रयागराज के एक अस्पताल ले जा रही थी। इसी दौरान पत्रकार बनकर आए तीन हमलावरों ने दोनों की गोली मारकर हत्या कर दी थी।