Putin BRICS Speech: नई दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स बिजनेस फोरम को संबोधित करते हुए रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने पश्चिमी देशों और पारंपरिक आर्थिक महाशक्तियों पर करारा हमला बोला है। पुतिन ने कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था में इस समय गहरे और बुनियादी बदलाव हो रहे हैं। 20वीं सदी के उत्तरार्ध में दुनिया के विकास की अगुवाई करने वाले तथाकथित पुराने नेता अब पीछे छूट रहे हैं और उनकी जगह आर्थिक गतिविधियों के नए केंद्र यानी विकास के नए इंजन ले रहे हैं। पुतिन ने पश्चिमी देशों पर सीधा निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि ब्रिक्स के बढ़ते असर को देखकर उनके प्रतिस्पर्धी अपनी खोई हुई बढ़त वापस हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं। पुतिन ने कहा कि उनकी इन कोशिशों की वजह से यह कंपीटिशन कई बार काफी अनुचित और गंदा रूप लेता नजर आ रहा है।
पुराने नेतृत्व की जगह ले रहे विकास के नए इंजन
अपने संबोधन में रूसी राष्ट्रपति ने स्पष्ट किया कि दुनिया की अर्थव्यवस्था में शक्ति का संतुलन तेजी से बदल रहा है। उन्होंने स्वीकार किया कि पारंपरिक आर्थिक ताकतों के पास आज भी मजबूत बुनियादी ढांचा, तकनीकी बढ़त, वैज्ञानिक लाभ और वैज्ञानिक संस्थान मौजूद हैं लेकिन इसके बावजूद आर्थिक बदलाव को रोका नहीं जा सकता। पुतिन ने कहा कि जो देश पहले आर्थिक विकास की अगुवाई करते थे अब उनकी जगह नए उभरते हुए केंद्र ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि वैश्विक चुनौतियों से निपटने और मजबूत अंतरराष्ट्रीय आर्थिक संबंध बनाने के लिए ब्रिक्स देशों के बीच कारोबारी संबंधों और आर्थिक साझेदारी को मजबूत करना बेहद जरूरी है।
G7 को पछाड़ ब्रिक्स ने बनाई बढ़त: वैश्विक GDP में 40% हिस्सेदारी
ब्रिक्स देशों की बढ़ती आर्थिक ताकत का आंकड़ा पेश करते हुए पुतिन ने कहा कि पिछले पांच वर्षों के दौरान दुनिया की कुल आर्थिक वृद्धि में 50 प्रतिशत से अधिक योगदान ब्रिक्स देशों का रहा है जबकि इस दौरान G7 देशों की हिस्सेदारी सिर्फ 18 फीसदी रही। पुतिन ने बताया कि वैश्विक जीडीपी में अब ब्रिक्स देशों की हिस्सेदारी करीब 40 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है। ये आंकड़ा दुनिया के आर्थिक मंच पर ब्रिक्स के बढ़ते वजन को दिखाता है।
'प्रतिस्पर्धा की बात करने वाले पश्चिमी देश अपना रहे भद्दे तरीके'
पश्चिमी देशों की नीतियों और प्रतिस्पर्धा पर प्रहार करते हुए पुतिन ने कहा कि पश्चिमी प्रतिस्पर्धी ब्रिक्स के उभार पर नजर बनाए हुए हैं और अपनी प्रतिस्पर्धी बढ़त वापस पाने के लिए हर संभव कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमें बताया जाता रहा है कि प्रतिस्पर्धा पवित्र है, लेकिन हमारे पश्चिमी प्रतिस्पर्धी अपनी बढ़त वापस पाने के लिए सब कुछ कर रहे हैं और कई बार यह बहुत ही भद्दा और अनुचित रूप ले लेता है।
रूस पर लगाए गए प्रतिबंधों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि मॉस्को अभी 30000 से ज्यादा प्रतिबंधों का सामना कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि पश्चिमी देश रूस और उसके सहयोगियों पर लगातार आर्थिक दबाव बना रहे हैं। इसी क्रम में उन्होंने भारत से उभरती हुई टेक्नोलॉजी दिग्गज कंपनियों का भी उल्लेख किया।
ईरान और ब्राजील ने भी उठाई आर्थिक दबाव के खिलाफ आवाज
इस मंच से ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान और ब्राजील के विदेश मंत्री माउरो विएरा ने भी अपने विचार रखे। मसूद पेजेशकियान ने भू-राजनीतिक अनिश्चितता, सप्लाय चेन में रुकावटों और राजनीतिक दबाव बनाने के लिए आर्थिक हथियारों के इस्तेमाल पर चिंता जताई। वहीं ब्राजील के विदेश मंत्री माउरो विएरा ने कहा कि 1960 के दशक से अब तक दुनिया की जीडीपी में निम्न और मध्यम आय वाले देशों की हिस्सेदारी 20% से बढ़कर 50% से अधिक हो गई है।
ब्रिक्स का निर्यात बढ़कर 6 ट्रिलियन डॉलर पहुंचा: पीयूष गोयल
फोरम में भारत के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने जानकारी दी कि ब्रिक्स का निर्यात 2003 के 900 अरब डॉलर से बढ़कर 2024 में लगभग 6 ट्रिलियन डॉलर हो गया है। इसके साथ ही वैश्विक निर्यात में ब्रिक्स की हिस्सेदारी करीब दोगुनी होकर 24 प्रतिशत के करीब पहुंच गई है। बिजनेस फोरम के दौरान ग्लोबल वैल्यू चेन को प्रभावित करने वाली गैर-टैरिफ बाधाओं, कृषि व कृषि-प्रौद्योगिकी, सेवा व्यापार, महिला आधारित उद्यमों और डिजिटल अर्थव्यवस्था जैसे अहम मुद्दों पर भी चर्चा हुई। यह बैठक शनिवार से शुरू हो रहे दो दिवसीय ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से ठीक पहले आयोजित की गई।