नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) ने एक बड़े ऑपरेशन में अमेरिकी नागरिक मैथ्यू एरॉन वैनडाइक समेत छह यूक्रेनी नागरिकों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई तीन अलग-अलग हवाई अड्डों—कोलकाता, लखनऊ और दिल्ली—पर की गई। वहीं वैनडाइक को कोलकाता में पकड़ा गया, जबकि बाकी यूक्रेनी नागरिकों को लखनऊ और दिल्ली से हिरासत में लिया गया। गिरफ्तार यूक्रेनी नागरिकों में पेट्रो हुर्बा, तारास स्लीवियाक, इवान सुकमानोव्स्की, मारियन स्टेफानकिव, मैक्सिम होनचारुक और विक्टर कामिंस्की शामिल हैं।
भेजा गया 11 दिनों के हिरासत में
बताया जाता है कि वैनडाइक पहले लीबिया के गृहयुद्ध के दौरान चर्चा में आए था और उन्होंने इराक में आईएस के खिलाफ लड़ाई में हिस्सा लेने के साथ यूक्रेन-रूस युद्ध के दौरान यूक्रेनी सैनिकों को प्रशिक्षण भी दिया है। न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक, दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट की स्पेशल NIA कोर्ट ने 16 मार्च को अमेरिकी नागरिक मैथ्यू एरॉन वैनडाइक सहित सातों आरोपियों को गैर-कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत 11 दिनों की NIA हिरासत में भेज दिया है। FIR के अनुसार इन लोगों के नाम, पासपोर्ट और गिरफ्तारी से जुड़ी जानकारी दर्ज की गई है।
प्रतिबंधित क्षेत्र में की थी यात्रा
जांच एजेंसियों का आरोप है कि इस समूह ने बिना जरूरी ‘प्रतिबंधित क्षेत्र परमिट’ के मिजोरम की यात्रा की और इसके बाद अवैध तरीके से सीमा पार कर म्यांमार में प्रवेश किया। अब इस पूरे मामले की गहराई से जांच की जा रही है। भारत के उत्तर-पूर्वी राज्यों में जाने के लिए भारतीय नागरिकों को इनर लाइन परमिट (ILP) और विदेशियों को प्रतिबंधित क्षेत्र परमिट (RAP) या सुरक्षित क्षेत्र परमिट (PAP) लेना जरूरी होता है। जांच एजेंसी NIA के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए सात विदेशी नागरिकों ने बिना जरूरी अनुमति के मिजोरम में प्रवेश किया और वहां कुछ जातीय सशस्त्र समूहों के संपर्क में आए। एजेंसी का आरोप है कि ये समूह उत्तर-पूर्व में सक्रिय उग्रवादी संगठनों से जुड़े हैं।
कौन है अमेरिकी नागरिक मैथ्यू
NIA की FIR के अनुसार, यह ग्रुप म्यांमार में चल रहे प्रशिक्षण कैंपों को सहयोग देने, हथियारों की सप्लाई करने और उग्रवादियों को ट्रेनिंग देने की योजना बना रहा था। साथ ही, ये लोग यूरोप से लाए गए ड्रोन का इस्तेमाल कर ड्रोन ऑपरेशन, असेंबली और जैमिंग तकनीक पर काम करने की भी तैयारी में थे। एनआईए के इस ऑपरेशन में सबसे अहम गिरफ्तारी अमेरिकी नागरिक मैथ्यू एरॉन वैनडाइक की मानी जा रही है। वैनडाइक को एक डॉक्यूमेंट्री फिल्ममेकर होने के साथ-साथ भाड़े का सैनिक भी कहा जाता है। वह खुद को अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा विश्लेषक, अनुभवी लड़ाका और ‘सन्स ऑफ लिबर्टी इंटरनेशनल’ नामक संगठन का संस्थापक बताता है। उन्हें पहली बार 2011 के लीबियाई गृहयुद्ध के दौरान पहचान मिली थी, जब वह वहां की ‘नेशनल लिबरेशन आर्मी’ के साथ मिलकर मुअम्मर गद्दाफी के खिलाफ लड़ रहे विद्रोही समूहों में शामिल हो गया था। सके अलावा उन्होंने लविव और कीव जैसे शहरों में यूक्रेनी नागरिकों और सैनिकों को प्रशिक्षण दिया और वहां ‘काउंटर-ड्रोन’ जैसी नई तकनीकों को भी लागू करने में भूमिका निभाई।