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CJI सूर्य कांत को बुलाने के विरोध से जुड़े बवाल के बीच BCI ने वापस लिया नालसार छात्रों पर बैन का आदेश, अब NALSAR VC ने दिया बड़ा बयान

NALSAR CJI Invite Row: NALSAR यूनिवर्सिटी में CJI सूर्य कांत को दीक्षांत समारोह में बुलाने को लेकर विवाद बढ़ गया है। BCI ने पहले 2026 बैच के छात्रों के वकालत नामांकन पर रोक लगाई, लेकिन कुछ घंटों बाद आदेश वापस ले लिया। अब कुलपति जांच के मुद्दे पर कार्यकारी परिषद से राय लेंगे।

Moneycontrol Hindi Newsअपडेटेड Aug 14, 2026 पर 9:26 AM
CJI सूर्य कांत को बुलाने के विरोध से जुड़े बवाल के बीच BCI ने वापस लिया नालसार छात्रों पर बैन का आदेश, अब NALSAR VC ने दिया बड़ा बयान
CJI सूर्य कांत के न्योते पर घमासान, NALSAR छात्रों पर BCI ने लगाया बैन, फिर वापस लिया आदेश

NALSAR CJI Invite Row: नालसार यूनिवर्सिटी ऑफ लॉ के दीक्षांत समारोह में भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्य कांत को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित करने के विरोध से जुड़ा विवाद गहराता जा रहा है। बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) द्वारा विश्वविद्यालय के 2026 बैच के पास आउट छात्रों के वकालत नामांकन पर रोक लगाने और फिर कुछ ही घंटों में उस आदेश को वापस लेने के बाद अब NALSAR के कुलपति (VC) श्रीकृष्ण देव राव का बड़ा बयान सामने आया है।

यूनिवर्सिटी के कुलपति श्रीकृष्ण देव राव ने गुरुवार देर रात जारी एक बयान में कहा कि विश्वविद्यालय आगामी दीक्षांत समारोह से जुड़े हालिया घटनाक्रमों में शामिल व्यक्तियों की जांच करने के बीसीआई के अनुरोध को अपनी कार्यकारी परिषद के समक्ष रखेगा। कार्यकारी परिषद नालसार यूनिवर्सिटी की सर्वोच्च निर्णय लेने वाली संस्था है।

BCI ने पहले भेजा था छात्रों पर बैन और जांच का पत्र, फिर बदला फैसला

कुलपति श्रीकृष्ण देव राव ने बताया कि उन्हें गुरुवार को बार काउंसिल ऑफ इंडिया की ओर से एक पत्र मिला था। इस पत्र में वर्ष 2026 बैच के स्नातक बीए और एलएलबी (ऑनर्स) के सभी छात्रों के वकालत नामांकन को नामंजूर करने का निर्देश दिया गया था। इसके साथ ही बीसीआई ने दीक्षांत समारोह से जुड़े घटनाक्रमों में शामिल व्यक्तियों पर एक जांच रिपोर्ट भी मांगी थी। इस शुरुआती पत्र के बाद बीसीआई की तरफ से एक दूसरा पत्र भी मिला। इस दूसरे लेटर में राज्य बार कौंसिलों को दिए गए उस निर्देश को पलट दिया गया जिसके तहत स्नातक छात्रों के नामांकन पर रोक लगाई गई थी। वीसी के मुताबिक इस नए लेटर में भी बीसीआई ने यह शर्त बरकरार रखी है कि कुलपति इसमें शामिल व्यक्तियों की जांच रिपोर्ट सौंपेंगे।

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