ट्रंप टैरिफ के बीच विदेश मंत्री जयशंकर ने रूसी कंपनियों को दिया न्योता, कहा- 'भरोसेमंद साझेदारों की है जरूरत'

एस. जयशंकर ने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था बहुत तेजी से बढ़ रही है और यह जल्द ही 4 ट्रिलियन डॉलर से भी ज्यादा की हो जाएगी। इतनी तेजी से बढ़ते देश को फर्टिलाइजर, केमिकल और मशीनरी जैसी चीजों की बहुत जरूरत है, और रूस इन चीजों के लिए एक भरोसेमंद साथी हो सकता है

अपडेटेड Aug 21, 2025 पर 10:04 AM
इस मौके पर जयशंकर ने कहा कि भारत और रूस का रिश्ता बहुत पुराना और मजबूत है

Foreign Minister Jaishankar: विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बुधवार को मॉस्को में इंडिया-रशिया बिजनेस फोरम को संबोधित किया। वहां उन्होंने रूस के साथ व्यापार बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने रूसी कंपनियों को भारतीय कंपनियों के साथ 'और अधिक व्यापार करने' के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा, 'वे भारत में आकर काम करें और यहां की कंपनियों के साथ मिलकर व्यापार बढ़ाएं'। इस कार्यक्रम में जयशंकर ने कहा कि भारत की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था और 'मेक इन इंडिया' जैसी पहलों ने विदेशी व्यवसायों के लिए नए अवसर खोले हैं, और ये आयाम रूसी कंपनियों को भारत के साथ जुड़ने का निमंत्रण देते हैं।

'तेजी से बढ़ रहा है भारत'

एस. जयशंकर ने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था बहुत तेजी से बढ़ रही है और यह जल्द ही 4 ट्रिलियन डॉलर से भी ज्यादा की हो जाएगी। इतनी तेजी से बढ़ते देश को फर्टिलाइजर, केमिकल और मशीनरी जैसी चीजों की बहुत जरूरत है, और रूस इन चीजों के लिए एक भरोसेमंद साथी हो सकता है। जयशंकर ने यह भी बताया कि भारत में तेजी से नए पुल और सड़कें बन रही है, जिससे विदेशी कंपनियों को यहां व्यापार करने के कई अच्छे मौके मिल रहे है।


'मेक इन इंडिया' और रूस के लिए मौके

विदेश मंत्री ने समझाया कि भारत सरकार की 'मेक इन इंडिया' जैसी योजनाओं ने विदेशी कंपनियों के लिए नए रास्ते खोल दिए है। भारत के शहर भी बदल रहे हैं और लोगों की जरूरतें भी बदल रही हैं। इन सभी वजहों से रूस की कंपनियों को भारत में आकर अपनी भारतीय कंपनियों के साथ मिलकर काम करना चाहिए। जयशंकर ने कहा कि सरकार चाहती है कि दोनों देशों की कंपनियां इस चुनौती को स्वीकार करें।

व्यापार में संतुलन क्यों जरूरी है?

इस मौके पर जयशंकर ने कहा कि भारत और रूस का रिश्ता बहुत पुराना और मजबूत है। लेकिन, दोनों देशों के बीच व्यापार उतना ज्यादा नहीं हुआ है। हाल के सालों में व्यापार बढ़ा जरूर है, लेकिन रूस से भारत में ज्यादा सामान आता है और भारत से रूस में कम, जिससे व्यापार में असंतुलन है। इस असंतुलन को ठीक करना बहुत जरूरी है ताकि व्यापार और बढ़ सके। जयशंकर ने कहा कि सरकारें सिर्फ रास्ता दिखा सकती हैं, लेकिन असल काम तो दोनों देशों के व्यापारियों को मिलकर करना होगा।

फ्री ट्रेड एग्रीमेंट को लेकर जारी है बातचीत

जयशंकर ने बताया कि भारत और यूरेशियन इकोनॉमिक यूनियन (जिसमें रूस भी शामिल है) के बीच मुक्त व्यापार समझौते (Free Trade Agreement) को लेकर बातचीत शुरू हो गई है। यह समझौता होने पर व्यापार करना और भी आसान हो जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि भारत में और भी ज्यादा निवेश, ज्वाइंट वेंचर और अन्य तरह के सहयोग की भी बातचीत हो रही है। जयशंकर ने साफ किया कि अगर दोनों देशों के बीच रिश्ते को लंबा चलाना है, तो व्यापार को भी मजबूत बनाना होगा।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।