तमिलनाडु में भाजपा के फायरब्रांड नेता अन्नामलाई का बीजेपी से मोहभंग हो गया है। बीजेपी से अलग होने को लेकर चल रहे सस्पेंस से अब अन्नामलाई ने पर्दा हटा दिया है। उन्होंने भाजपा से अलग होने का मन बना ही लिया है। अन्नामलाई ने मंगलवार बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन से मुलाकात की और अपना इस्तीफा सौंप दिया। अन्नामलाई के इस्तीफे चर्चाओं के बीच उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। अब तमिलनाडु की राजनीति में एक बड़ा सवाल उठ रहा है कि क्या पूर्व आईपीएस अधिकारी अन्नामलाई आने वाले उपचुनावों में अपनी राजनीतिक ताकत दिखाएंगे?
उपचुनाव में ताकत दिखाएंगे अन्नामलाई!
फिलहाल तमिलनाडु विधानसभा की पांच सीटें खाली हैं, जिसके कारण आने वाले महीनों में उपचुनाव कराए जाने की संभावना है। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय ने 2026 के विधानसभा चुनाव के बाद त्रिची ईस्ट सीट छोड़ दी थी। उन्होंने पेराम्बुर सीट अपने पास रखने का फैसला किया था। उन चुनावों में उनकी पार्टी तमिलगा वेट्री कझगम (TVK) ने पूरे राज्य में शानदार प्रदर्शन करते हुए बड़ी जीत हासिल की थी। इसके अलावा, पिछले महीने अन्नाद्रमुक (AIADMK) के चार विधायकों ने विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया और विजय की पार्टी तमिलगा वेट्री कझगम (TVK) में शामिल हो गए। इसके चलते विधानसभा की खाली सीटों की संख्या बढ़ गई है और उपचुनाव की चर्चा तेज हो गई है।
सूत्रों के अनुसार, विधानसभा की खाली सीटों की संख्या आगे और बढ़ सकती है। बताया जा रहा है कि कुछ अन्य विधायक भी अपनी सीटों से इस्तीफा देकर दूसरी पार्टियों में जाने पर विचार कर रहे हैं। अगर ऐसा होता है, तो आने वाले उपचुनाव और बड़े स्तर पर कराए जा सकते हैं। यह सब ऐसे समय में हो रहा है, जब के. अन्नामलाई अपने अगले बड़े राजनीतिक कदम की तैयारी में जुटे हुए हैं। उनके करीबी लोगों का कहना है कि वह एक बड़े राजनीतिक अभियान की योजना बना रहे हैं।
अन्नामलाई की योजनाओं से जुड़े लोगों के मुताबिक, बीजेपी के पूर्व नेता इस साल के अंत तक एक जन आंदोलन शुरू कर सकते हैं। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य युवाओं, खासकर नई पीढ़ी के मतदाताओं से सीधे जुड़ना होगा। माना जा रहा है कि यह जन आंदोलन आगे चलकर एक नई राजनीतिक पार्टी की नींव बन सकता है। सूत्रों का कहना है कि अन्नामलाई आने वाले महीनों में अपनी नई पार्टी शुरू करने की तैयारी कर रहे हैं।
हालांकि अभी तक अन्नामलाई की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन उन्होंने कई बार इशारों में बताया है कि वह किसी बड़े राजनीतिक कदम की तैयारी कर रहे हैं। अपने भविष्य को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच हाल ही में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने समर्थकों से "दो दिन और इंतजार करने" को कहा था। उनके इस बयान के बाद नई राजनीतिक शुरुआत की अटकलें और तेज हो गई हैं।
तमिलनाडु की राजनीति में उलफेर का दौर!
इस पूरे घटनाक्रम का समय भी काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पिछले कुछ महीनों में अन्नामलाई के बयानों और राजनीतिक संदेशों से यह साफ नजर आया है कि वह बीजेपी और तमिलनाडु की पारंपरिक द्रविड़ राजनीति, दोनों से अलग एक नया राजनीतिक विकल्प तैयार करना चाहते हैं। अन्नामलाई लगातार कहते रहे हैं कि तमिलनाडु में कई दशकों से चली आ रही द्रविड़ राजनीति अब पहले जैसी प्रभावशाली नहीं रही है। उनका मानना है कि राज्य के मतदाता, खासकर युवा वर्ग, अब एक नए राजनीतिक विकल्प की तलाश कर रहे हैं। इसी वजह से वह युवाओं को केंद्र में रखकर अपनी नई राजनीतिक दिशा तय करने की कोशिश कर रहे हैं।