Asaduddin Owaisi Statement: AIMIM के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने शुक्रवार को महाराष्ट्र के सोलापुर में एक चुनावी सभा में कहा कि जहां पाकिस्तान के संविधान में प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति बनने की योग्यता केवल किसी एक धर्म के लोगों तक सीमित है, वहीं भारत के संविधान में किसी भी नागरिक को ये पद मिलने की अनुमति है।
ओवैसी ने बाबासाहेब अंबेडकर द्वारा निर्मित भारत के संविधान की समावेशिता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह किसी को भी प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति, मुख्यमंत्री या महापौर बनने की अनुमति देता है। उन्होंने कहा, "उनका सपना था कि एक दिन ऐसा आएगा जब हिजाब पहनने वाली महिला भारत की प्रधानमंत्री बनेगी। वह दिन भविष्य में जरूर आएगा।"
ओवैसी ने कहा कि हमारा संविधान किसी को छोटा या बड़ा नहीं मानता। यहां सब बराबर हैं और यही लोकतंत्र की असली पहचान है। उन्होंने युवाओं और अल्पसंख्यक समुदाय से अपील की कि वे अपने संवैधानिक अधिकारों को समझें और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें।
नीतीश राणे ने ओवैसी के बयान पर दी प्रतिक्रिया
ओवैसी की टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देते हुए महाराष्ट्र के मंत्री नीतीश राणे ने कहा, "असदुद्दीन ओवैसी हमारे हिंदू राष्ट्र में इस तरह के बयान देने की हिम्मत नहीं कर सकते। यह हमारा हिंदू राष्ट्र है, जहां 90% आबादी हिंदू है। हिजाब या बुर्का पहनने वाली महिलाएं न तो प्रधानमंत्री बनेंगी और न ही मुंबई की मेयर।"
उन्होंने आगे कहा, “जो लोग ऐसे पदों पर आसीन होना चाहते हैं, उन्हें कराची जैसे अपने इस्लामी देशों में चले जाना चाहिए। यहां उनके लिए कोई जगह नहीं है। हिजाब या बुर्का पहनने वाली महिलाएं प्रधानमंत्री या मुंबई में महापौर नहीं बन सकतीं।”