'₹30,500 करोड़ खर्च वाला ये सिस्टम बंद कर दो...', अश्नीर ग्रोवर ने UPI पर चार्ज लगाने के बीच समझाया ये गणित
Ashneer Grover UPI MDR Charge: ₹2,000 से ऊपर के UPI पेमेंट पर चार्ज लगाने के नए नियमों के संकेतों के बीच भारतपे के पूर्व सह-संस्थापक अश्नीर ग्रोवर ने सरकार और बैंकिंग सिस्टम को सीधे कटघरे में खड़ा कर दिया है। ग्रोवर ने ₹30,500 करोड़ के एटीएम खर्च और बैंकों के ₹4 लाख करोड़ से ज्यादा के मुनाफे का गणित गिनाते हुए पूछा कि जब सब मुनाफे में हैं तो UPI पर टैक्स की बलि क्यों चढ़ाई जा रही है? जानिए ग्रोवर ने वो कौन सा उपाय सुझाया है जिससे नहीं लगाना होगा कोई एक्स्ट्रा चार्ज
अश्नीर ग्रोवर ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि UPI पर किसी भी तरह का चार्ज लगाना सिर्फ टैक्स वसूली जैसा है
Ashneer Grover On UPI MDR Charge: भारतपे के सह-संस्थापक और अपनी किताब 'दोगलापन' के लिए मशहूर अश्नीर ग्रोवर ने UPI के नए नियमों पर एक गजब का फार्मूला बताया है। सरकार के ₹2,000 से ऊपर के UPI पेमेंट पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) या चार्ज लगाने की अटकलों के बीच उन्होंने सरकार और बैंकिंग सिस्टम को आड़े हाथों लिया है।
हाल ही में सरकार ने एक नोटिफिकेशन जारी कर साफ किया है कि ₹2,000 तक के UPI ट्रांसजेक्शन और RuPay डेबिट कार्ड से भुगतान पर बैंक या पेमेंट सिस्टम कोई चार्ज नहीं वसूल सकते। हालांकि, इस नोटिफिकेशन में ₹2,000 से ऊपर के UPI भुगतानों पर चार्ज लगाने या न लगाने को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं की गई है। इसी को लेकर अश्नीर ग्रोवर ने सोशल मीडिया (X) पर आंकड़ों के साथ पूरा गणित समझाते हुए सरकार से तीखे सवाल पूछे हैं।
आइए आपको बताते हैं कि अश्नीर ग्रोवर ने क्या गणित बिठाया है और सरकार आखिर UPI पर चार्ज का फ्रेमवर्क क्यों ला रही है।
बंद करो ATM, UPI पर टैक्स की बलि क्यों?
अश्नीर ग्रोवर ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि UPI पर किसी भी तरह का चार्ज लगाना सिर्फ टैक्स वसूली जैसा है। उन्होंने कहा, 'UPI भारत की एक ऐसी वैज्ञानिक उपलब्धि है जिसे पूरी दुनिया मानती है, पर अब यह टैक्स की बलि चढ़ेगी।'
इसके जवाब में उन्होंने कहा कि, देश में कैश और ATM इंफ्रास्ट्रक्चर को चलाने का सालाना खर्च करीब ₹30,500 करोड़ आता है। ग्रोवर की सलाह है कि अगर सरकार को खर्च कम ही करना है, तो एटीएम बंद कर दे और यूपीआई को बढ़ावा दे। ग्रोवर ने याद दिलाया कि RBI ने सरकार को ₹2.87 लाख करोड़ का सरप्लस ट्रांसफर किया है, सभी लिस्टेड बैंकों का मुनाफा ₹4.11 लाख करोड़ है और NPCI के पास टैक्स से पहले ₹1,888 करोड़ का सरप्लस है।
'जब बैंक और आरबीआई इतना भारी मुनाफा कमा रहे हैं, तो फिर यूपीआई की वजह से किसका नुकसान हो रहा है? सरकार ऐसी कौन सी सब्सिडी दे रही है जिससे नुकसान हो रहा है?'
India mein koi 5 minutes number Google kar le to doodh ka doodh paani ka paani ho jaye.
RBI surplus to Govt : ₹2.87 Lakh Crores (US$30 Bn) Total listed bank profits : ₹4.11 Lakh Crores (US$42 Bn) NPCI - which runs UPI pre tax ‘surplus’ : ₹ 1,888 crores (US$200 Mn) To… https://t.co/jI1nHP0qVs — Ashneer Grover (@Ashneer_Grover) September 15, 2026
सरकार का नया नियम: ₹2,000 की लिमिट और MDR
14 सितंबर को जारी गजट नोटिफिकेशन के मुताबिक, ₹2,000 तक के UPI या RuPay डेबिट कार्ड ट्रांजैक्शन पर बैंक या पेमेंट ऐप कोई प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष चार्ज नहीं वसूल सकते।
संसद के मानसून सत्र (जो 13 अगस्त 2026 को समाप्त हुआ) में पेमेंट एक्ट की धारा 10A में संशोधन किया गया। इसके तहत इलेक्ट्रॉनिक भुगतान पर MDR लगाने का एक रास्ता तैयार हो गया है।
NPCI के नेतृत्व वाली 'यूपीआई एंड सर्विसेज स्टीयरिंग कमेटी' अब यह तय करेगी कि ₹2,000 से ऊपर के मर्चेंट भुगतानों पर कितना MDR चार्ज लगाया जाएगा।
सरकार क्यों लाना चाहती है MDR फ्रेमवर्क?
सरकार का तर्क है कि UPI अब काफी बड़ा हो चुका है और इसके सुरक्षित संचालन के लिए पैसों की जरूरत है। लेनदेन की भारी मात्रा को संभालने के लिए साइबर सुरक्षा और फ्रॉड रोकने के लिए लगातार बड़े निवेश की जरूरत है। सरकार का मानना है कि UPI के अगले चरण के विस्तार के लिए केवल सरकारी सब्सिडी पर निर्भर रहना मुमकिन नहीं है।
जब डिजिटल पेमेंट कंपनियों को कमाई (MDR) का जरिया मिलेगा, तो इस सेक्टर में नई कंपनियां आएंगी, जिससे कॉम्पिटिशन और इनोवेशन बढ़ेगा।
कितना बड़ा हो चुका है देश का UPI का नेटवर्क?
NPCI द्वारा संचालित UPI ने पिछले एक दशक में डिजिटल पेमेंट की दुनिया बदल दी है। वित्त वर्ष 2017 में जहां UPI के जरिए ₹0.07 लाख करोड़ का ट्रांजैक्शन हुआ था, वहीं वित्त वर्ष 2026 (FY26) में यह बढ़कर ₹314 लाख करोड़ हो गया। यानी 10 सालों में 4,000 गुना से ज्यादा की बढ़ोतरी।
UPI अब भारत के अलावा दुनिया के 11 देशों में इस्तेमाल हो रहा है। उज्बेकिस्तान इस लिस्ट में शामिल होने वाला नया देश बना है। इसके अलावा सिंगापुर, यूएई, फ्रांस, मॉरीशस, नेपाल, भूटान, कतर, श्रीलंका, कंबोडिया और ग्रीस में भी यूपीआई स्वीकार किया जाता है।