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'₹30,500 करोड़ खर्च वाला ये सिस्टम बंद कर दो...', अश्नीर ग्रोवर ने UPI पर चार्ज लगाने के बीच समझाया ये गणित

Ashneer Grover UPI MDR Charge: ₹2,000 से ऊपर के UPI पेमेंट पर चार्ज लगाने के नए नियमों के संकेतों के बीच भारतपे के पूर्व सह-संस्थापक अश्नीर ग्रोवर ने सरकार और बैंकिंग सिस्टम को सीधे कटघरे में खड़ा कर दिया है। ग्रोवर ने ₹30,500 करोड़ के एटीएम खर्च और बैंकों के ₹4 लाख करोड़ से ज्यादा के मुनाफे का गणित गिनाते हुए पूछा कि जब सब मुनाफे में हैं तो UPI पर टैक्स की बलि क्यों चढ़ाई जा रही है? जानिए ग्रोवर ने वो कौन सा उपाय सुझाया है जिससे नहीं लगाना होगा कोई एक्स्ट्रा चार्ज

Curated By: Abhishek Guptaअपडेटेड Sep 15, 2026 पर 4:26 PM
'₹30,500 करोड़ खर्च वाला ये सिस्टम बंद कर दो...', अश्नीर ग्रोवर ने UPI पर चार्ज लगाने के बीच समझाया ये गणित
अश्नीर ग्रोवर ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि UPI पर किसी भी तरह का चार्ज लगाना सिर्फ टैक्स वसूली जैसा है

Ashneer Grover On UPI MDR Charge: भारतपे के सह-संस्थापक और अपनी किताब 'दोगलापन' के लिए मशहूर अश्नीर ग्रोवर ने UPI के नए नियमों पर एक गजब का फार्मूला बताया है। सरकार के ₹2,000 से ऊपर के UPI पेमेंट पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) या चार्ज लगाने की अटकलों के बीच उन्होंने सरकार और बैंकिंग सिस्टम को आड़े हाथों लिया है।

हाल ही में सरकार ने एक नोटिफिकेशन जारी कर साफ किया है कि ₹2,000 तक के UPI ट्रांसजेक्शन और RuPay डेबिट कार्ड से भुगतान पर बैंक या पेमेंट सिस्टम कोई चार्ज नहीं वसूल सकते। हालांकि, इस नोटिफिकेशन में ₹2,000 से ऊपर के UPI भुगतानों पर चार्ज लगाने या न लगाने को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं की गई है। इसी को लेकर अश्नीर ग्रोवर ने सोशल मीडिया (X) पर आंकड़ों के साथ पूरा गणित समझाते हुए सरकार से तीखे सवाल पूछे हैं।

आइए आपको बताते हैं कि अश्नीर ग्रोवर ने क्या गणित बिठाया है और सरकार आखिर UPI पर चार्ज का फ्रेमवर्क क्यों ला रही है।

बंद करो ATM, UPI पर टैक्स की बलि क्यों?

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