लद्दाख में जोजी ला दर्रे के पास श्रीनगर-लेह राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक बड़ा हिमस्खलन हुआ, जिसमें कम से कम सात लोगों की मौत हो गई और सात अन्य घायल हो गए। अधिकारियों के अनुसार, यह हादसा शुक्रवार को हुआ, जब भारी मात्रा में बर्फ गिरने से करीब 15 वाहन आंशिक या पूरी तरह बर्फ के नीचे दब गए। घटना के बाद प्रशासन ने तुरंत बड़ा बचाव अभियान शुरू कर दिया। इस अभियान में पुलिस, सेना, सीमा सड़क संगठन, एसडीआरएफ और सोनमर्ग व द्रास के ज़िला प्रशासन की टीमें शामिल हैं, जो राहत और बचाव कार्य में जुटी हुई हैं।
हादसे में सात लोगों की हुई मौत
पुलिस के अनुसार, दोपहर के समय द्रास इलाके में जोजी ला दर्रे के ‘कैप्टन टर्न’ नामक स्थान पर हाईवे पर कई वाहन फंस गए थे। इससे पहले, द्रास के उप-विभागीय मजिस्ट्रेट विशाल अत्री ने बताया था कि इस दुखद हादसे में पांच लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। मृतकों में तीन पुरुष, एक महिला और एक बच्चा शामिल हैं। वहीं, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (ट्विटर) पर लद्दाख के उपराज्यपाल लद्दाख के उपराज्यपाल ने इस घटना पर गहरा दुख जताया। उन्होंने लिखा, “ज़ोजी ला में हिमस्खलन की दुखद खबर मिली है। मैंने कारगिल के डीसी और एसएसपी को तुरंत मौके पर पहुंचने और राहत-बचाव कार्य तेज़ करने के निर्देश दिए हैं।” उन्होंने आगे कहा, “आपदा राहत बलों और सीमा सड़क संगठन समेत सभी सरकारी एजेंसियों को अलर्ट पर रखा गया है। मैं खुद लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हूं।”
इस बीच, विशाल अत्री ने बताया कि, बचाव अभियान हाईवे के दोनों तरफ से चलाया जा रहा है—कश्मीर की ओर से सोनमर्ग की तरफ और लद्दाख की ओर से द्रास की तरफ। इस हादसे पर दुख जताते हुए केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा, “ज़ोजी ला दर्रे पर हिमस्खलन की चपेट में आने से 7 लोगों की मौत और 5 लोगों के घायल होने की खबर बहुत दुखद है।” उन्होंने आगे कहा, “शोक में डूबे परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं। घायलों को हर संभव मदद दी जा रही है।” वहीं, केंद्र शासित प्रदेश जम्मू और कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी इस घटना में हुई जानमाल के नुकसान पर गहरा दुख व्यक्त किया।