Ayodhya Ram Darbar: अयोध्या राम मंदिर में भव्य राम दरबार की प्राण प्रतिष्ठा हो गई है। राम दरबार राम मंदिर के गर्भगृह के ऊपर यानी पहली मंजिल पर बनाया गया है। इसमें श्रीराम के साथ माता सीता, भक्त हनुमान, भाई लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न की मूर्ति लगी हैं। 22 जनवरी 2024 को मंदिर के गर्भ गृह में रामलला के बाल स्वरूप की प्राण प्रतिष्ठा की गई थी। गर्भगृह में भगवान राम बालक के रूप में हैं तो राम दरबार में राजा के रूप में विराजमान हैं। वहीं राम दरबार के प्रण प्रतिष्ठा के साथ ही गुजरात के एक मशहूर हीरा व्यापारी ने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को कीमती आभूषणों का बड़ा दान दिया है।
विश्व हिंदू परिषद (VHP) के अधिकारियों ने बताया कि गुजरात के एक मशहूर हीरा व्यापारी और ग्रीन लैब नाम की प्रसिद्ध आभूषण कंपनी के मालिक मुकेश पटेल ने यह भव्य दान किया है। उन्होंने श्री राम के लिए 11 हीरों से जड़े मुकुट और सोने से बने धनुष-बाण भेंट किए हैं।
चार्टर्ड प्लेन से अयोध्या लाए गए आभूषण
विश्व हिंदू परिषद के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष दिनेश नेवादिया ने कहा- दान दिए आभूषणों में एक हजार कैरेट का हीरा, 30 किलो चांदी, 300 ग्राम सोना, 300 कैरेट रुबी से 11 मुकुट बनाए गए हैं। इनके अलावा, गले का हार, कान के कुंडल, माथे का तिलक, चारों भाइयों के लिए धनुष-बाण हैं। इन आभूषणों को चार्टर्ड प्लेन से अयोध्या लाया गया। उन्होंने भगवान की पूजा और सजावट के लिए कई तरह के विशेष आभूषण और सामान भी दिए हैं। इसमें हार, झुमके, माथे के तिलक (सजावटी चिन्ह), रामायण के चार भाइयों के प्रतीक के रूप में चार बड़े और तीन छोटे धनुष, चार तरकश, तीन गदाएँ और एक पूजा में इस्तेमाल होने वाली माणिक्य शामिल हैं।
भगवान राम का भव्य श्रृंगार
मंदिर प्रशासन के अनुसार, इन आभूषणों का उपयोग भगवान राम की मूर्तियों के श्रृंगार और मंदिर में होने वाले धार्मिक आयोजनों में किया जाएगा। बता दें कि श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को देशभर से लगातार दान मिल रहे हैं। यह हालिया भेंट मंदिर में उपयोग के लिए इकट्ठा की जा रही पवित्र कलाकृतियों और आभूषणों के संग्रह में एक महत्वपूर्ण जोड़ है।
राम दरबार की हुई प्राण प्रतिष्ठा
यह दान 6 जून को उस ऐतिहासिक कार्यक्रम के एक दिन बाद सामने आया है, जिसमें भगवान राम के शाही स्वरूप वाले राम दरबार की प्राण प्रतिष्ठा की गई थी। इस विशेष मौके पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद थे। समारोह के दौरान राम जन्मभूमि परिसर में बनाए गए आठ नए मंदिरों में भगवानों की मूर्तियों की स्थापना की गई। यह कार्यक्रम धार्मिक और सांस्कृतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण रहा, और अब इस खास दान ने श्रद्धा और आस्था की भावना को और भी गहरा कर दिया है।