Bakrid Kurbani: एसी रूम में सोने वाले बकरे, दुंबा भी मंडी में पहुंचे! बकरीद पर कुर्बानी के लिए इनका रेट इतना कि खरीद लें SUV

Bakrid Kurbani Dumba: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के IIM रोड पर बकरा मंडी सज चुकी है। यूपी के कई जिलों के व्यापारी और पशुपालक अलग-अलग नस्ल के बकरे बेचने के लिए पहुंच रहे हैं। इस बीच, 11 लाख रुपये का एक दुंबा नामक बकरा चर्चा का विषय बना हुआ है

अपडेटेड May 27, 2026 पर 4:51 PM
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Bakrid Kurbani Dumba: भारत में बकरीद (ईद-उल-अजहा) 28 मई 2026 (गुरुवार) को मनाई जा रही है

Bakrid Kurbani Dumba: पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच भारत में बढ़ती महंगाई के असर से बकरीद का त्योहार भी अछूता नहीं है। देश के कई राज्यों में बकरीद के मौके पर कुर्बान किए जाने वाले औसत बकरों की कीमत में पिछले साल की तुलना में कम से कम 15,000 रुपये की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। बकरीद के दिन अल्लाह की रजा के लिए कुर्बानी दी जाती है। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के IIM रोड पर बकरा मंडी सज चुकी है। लखनऊ समेत यूपी के कई जिलों के व्यापारी और पशुपालक अलग-अलग नस्ल के बकरे बेचने के लिए पहुंच रहे हैं।

इस बीच, 11 लाख रुपये का एक 'दुंबा' नामक बकरा चर्चा का विषय बना हुआ है। बाजार में यह बकरा खास आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। महंगे बकरे को देखने और उसकी तस्वीरें लेने के लिए भी लोगों की भीड़ जुट रही है। यह बकरा AC रूम में बेड पर सोता है। इतना ही नहीं ये बकरे देसी घी और काजू-बादाम खाते हैं। बकरीद में कुर्बानी के लिए इस दुंबे की भारी डिमांड है।

क्या होता है दुंबा?


दुंबा एक खास नस्ल का भेड़ जैसा जानवर होता है। इसे उसकी बड़ी और चर्बीदार पूंछ के लिए जाना जाता है। भारत में लोग इसे अक्सर 'अरबी दुंबा' या 'फैट-टेल्ड शीप' भी कहते हैं। यह सामान्य बकरे से अलग दिखता है। ईद या प्रीमियम मीट के लिए यह काफी महंगा बिक सकता है।

इसके अलावा लखनऊ के दुबग्गा स्थित बकरी बाजार में बड़ी संख्या में लोग खरीदारी के लिए पहुंच रहे हैं। कई खरीदारों ने कहा कि बढ़ती महंगाई के कारण इस साल त्योहार का उत्साह पिछले सालों की तुलना में कुछ कम नजर आ रहा है। इसी बीच, बाजार में 2.55 लाख रुपये कीमत वाली एक बकरी आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।

क्यों महंगे बिक रहे हैं बकरे?

पशु व्यापारियों का कहना है कि बकरों की कीमत बढ़ने के पीछे कई कारण हैं। इनमें मटन और चारे की कीमतों में वृद्धि प्रमुख है। उन्होंने बताया कि पश्चिम बंगाल में गाय और भैंस की कुर्बानी को लेकर सख्त नियम लागू किए जाने के बाद बड़ी संख्या में बकरा व्यापारियों का वहां जाना भी कीमतों में वृद्धि की एक बड़ी वजह है, क्योंकि इससे अन्य बाजारों में बकरों की उपलब्धता कम हो गई है।

दूसरी ओर, चांदी महंगी होने से ईद उल अजहा पर कुर्बानी कराने के लिए पात्र लोगों की संख्या में भी कमी आई है। इस्लामी विद्वानों के मुताबिक, बकरीद पर कोई व्यक्ति कुर्बानी के लिए पात्र है या नहीं, यह इस बात पर निर्भर करता है कि उसके पास 612 ग्राम चांदी या उसके बराबर रकम या कोई पूंजी है या नहीं।

ईद उल अजहा या बकरीद का त्योहार 28 मई को मनाया जाएगा। इस्लामी मान्यता के अनुसार, पैगंबर हजरत इब्राहिम अपने बेटे हजरत इस्माइल को इसी दिन अल्लाह के हुक्म पर खुदा की राह में कुर्बान करने जा रहे थे, तभी अल्लाह ने उन्हें (हजरत इस्माइल) जीवनदान दे दिया था। इसी की याद में यह त्योहार मनाया जाता है।

दुंबा की खास बातें

1. बड़ी चर्बीदार पूंछ

दुंबा की सबसे पहचान उसकी मोटी पूंछ होती है, जिसमें फैट जमा रहता है।

2. AC रूम में रखने की बात क्यों होती है?

कई लोग महंगे दुंबों को गर्मी से बचाने के लिए कूलर या एसी वाले कमरे में रखते हैं, खासकर:-

बहुत गर्म इलाकों में

शो या बिक्री के लिए तैयार किए जा रहे जानवरों में

हाई-वैल्यू नस्लों में

3. वजन और कीमत

अच्छा दुंबा 60-150 किलो तक हो सकता है। कुछ बड़े और शो-क्वालिटी दुंबे लाखों रुपये तक में बिकते हैं।

4. क्या खिलाया जाता है?

इनको आमतौर पर दिया जाता है:-

हरा चारा

मक्का, चना, जौ

मिनरल मिक्स

साफ पानी

कुछ फार्मों में वजन बढ़ाने और चमकदार लुक के लिए स्पेशल डाइट भी दी जाती है।

5. दुंबा कहां पाए जाते हैं?

दुंबा मूल रूप से मध्य एशिया और अरब देशों की नस्लों से जुड़े माने जाते हैं। भारत में भी अब कई फार्म इन्हें पालते हैं, खासकर:-

उत्तर प्रदेश

राजस्थान

पंजाब                                                                                                                                                    हरियाणा

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