कर्नाटक में कांग्रेस के अंदर नई सरकार और कैबिनेट गठन को लेकर हलचल तेज हो गई है। मल्लिकार्जुन खड़गे को कर्नाटक के सात कांग्रेस नेताओं, जिनमें तीन विधायक और दो MLC शामिल हैं, ने चिट्ठी लिखकर कोलार जिले को कैबिनेट में ज्यादा प्रतिनिधित्व देने की मांग की है।
नेताओं ने कहा है कि कोलार जिले से तीन मंत्रियों को जगह मिलनी चाहिए। उन्होंने दलित कोटे से एस. एन. नारायणस्वामी को मंत्री बनाने की मांग की है। वहीं जनरल कैटेगरी से के. वाई. नंजेगौड़ा और कोथुर जी. मंजूनाथ को कैबिनेट में शामिल करने की बात कही गई है।
यह मांग ऐसे समय आई है जब कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन के बाद नई कैबिनेट को लेकर चर्चाएं तेज हैं।
इसी बीच कर्नाटक कांग्रेस विधायक दल की बैठक शनिवार शाम बुलाई गई है। यह बैठक बेंगलुरु के विधान सौधा में शाम 4 बजे होगी। बैठक की अध्यक्षता सिद्धारमैया करेंगे, जो फिलहाल कांग्रेस विधायक दल के नेता हैं।
बैठक में डी.के. शिवकुमार, रणदीप सिंह सुरजेवाला, एन. एस. बोसेराजू और पार्टी के सभी कार्यकारी अध्यक्ष शामिल होंगे। सभी विधायकों को बैठक में अनिवार्य रूप से आने को कहा गया है।
दरअसल, सिद्धारमैया के इस्तीफे के बाद कांग्रेस अब नए विधायक दल के नेता का चुनाव करने जा रही है। माना जा रहा है कि डिप्टी सीएम और केपीसीसी अध्यक्ष डी के शिवकुमार अगले मुख्यमंत्री बन सकते हैं।
राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने सिद्धारमैया का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है और मंत्रिपरिषद भंग कर दी गई है। हालांकि नई व्यवस्था होने तक सिद्धारमैया को कार्यवाहक मुख्यमंत्री बने रहने को कहा गया है।
सतीश जरकीहोली को मिल सकती है बड़ी जिम्मेदारी
इसी बीच कर्नाटक कांग्रेस में वरिष्ठ नेता सतीश जरकीहोली की भूमिका को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं। पार्टी के अंदर अटकलें लगाई जा रही हैं कि नई राजनीतिक व्यवस्था में उन्हें बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है।
सूत्रों के अनुसार, सतीश जरकीहोली को डिप्टी सीएम बनाया जा सकता है। वहीं कुछ नेताओं का झुकाव है कि उन्हें कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी यानी केपीसीसी अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी दी जा सकती है।
कांग्रेस के अंदर चल रही इन चर्चाओं को राज्य में नेतृत्व परिवर्तन और नई कैबिनेट गठन से जुड़ते देखा जा रहा है। पार्टी अब क्षेत्रीय और जातीय संतुलन साधने की कोशिश में जीती हुई है, इसलिए वरिष्ठ नेताओं की भूमिका पर लगातार मंथन चल रहा है।