Vande Bharat: बेंगलुरु से मुंबई के बीच दौड़ेगी दूसरी 'वंदे भारत' स्लीपर ट्रेन, जानें रूट और एडवांस फीचर्स समेत सबकुछ
Bengaluru-Mumbai Vande Bharat: देश की दूसरी वंदे भारत स्लीपर ट्रेन जल्द ही यात्रियों के लिए शुरू होने वाली है। बेंगलुरु के सर एम. विश्वेश्वरैया टर्मिनल (SMVT) रेलवे स्टेशन पर इस ट्रेन को फाइनल टेस्टिंग के लिए लाया गया है। रेलवे की मंजूरी मिलने के बाद इसे केएसआर बेंगलुरु-छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (CSMT), मुंबई रूट पर चलाया जाएगा
Bengaluru-Mumbai Vande Bharat: बेंगलुरु और मुंबई के बीच वंदे भारत स्लीपर ट्रेन जल्द शुरू होने वाली है
Bengaluru-Mumbai Vande Bharat: भारतीय रेलवे जल्द ही यात्रियों को एक और हाई-टेक वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की सौगात देने जा रहा है। इंडियन रेलवे के बेड़े में एक और आधुनिक अध्याय जुड़ने जा रहा है। देश की दूसरी 'वंदे भारत स्लीपर ट्रेन' अपनी पहली कमर्शियल उड़ान से पहले फाइनल टेस्टिंग के लिए बेंगलुरु रेलवे स्टेशन पहुंच चुकी है। यह प्रीमियम ट्रेन देश के दो सबसे बड़े आर्थिक और तकनीकी केंद्रों बेंगलुरु और मुंबई (CSMT) के बीच की दूरी को बेहद कम समय में और विश्वस्तरीय सुविधाओं के साथ तय करेगी।
यह ट्रेन केएसआर बेंगलुरु-छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (CSMT), मुंबई रूट पर चलाई जाएगी। सभी तकनीकी टेस्टिंग और रेलवे से मंजूरी मिलने के बाद इसकी आधिकारिक शुरुआत की जाएगी। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव पहले ही इस रूट पर वंदे भारत स्लीपर सेवा जल्द शुरू करने की घोषणा कर चुके हैं।
ट्रेन की बड़ी बातें
ट्रेन शुरू होने से बेंगलुरु, हुबली-धारवाड़, बेलगावी, पुणे और मुंबई के बीच यात्रा पहले से अधिक तेज, आरामदायक और सुविधाजनक हो जाएगी। भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (BEML) द्वारा निर्मित और चेन्नई की इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (ICF) की तकनीक से सजी यह आकर्षक 'ऑरेंज और ग्रे' रंग की ट्रेन फिलहाल सर एम. विश्वेश्वरैया टर्मिनस (SMVT) बेंगलुरु में खड़ी है। यहां इसके तकनीकी और सुरक्षा मानकों को परखा जा रहा है।
दक्षिण पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी डॉ. मंजूनाथ कनामाडी के अनुसार, ट्रेन अभी BEML के पास ही है और अंतिम परीक्षण के लिए बेंगलुरु लाई गई है। इसे अभी भारतीय रेलवे को औपचारिक रूप से नहीं सौंपा गया है। सभी ट्रायल और सुरक्षा मंजूरियां पूरी होने के बाद इसकी लॉन्चिंग की तारीख घोषित की जाएगी। देश की पहली वंदे भारत स्लीपर जनवरी 2026 में हावड़ा-कामाख्या रूट पर शुरू हुई थी, जिससे दोनों शहरों के बीच यात्रा समय में करीब 6 घंटे की कमी आई थी।
6 कोच, 823 यात्रियों की क्षमता
यह ट्रेन भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (BEML) ने इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (ICF), चेन्नई की तकनीक से तैयार की है। 16 कोच वाली इस ट्रेन में 11 एसी थ्री-टियर, 4 एसी टू-टियर और 1 फर्स्ट एसी कोच होंगे। ट्रेन में कुल 823 यात्रियों के सफर की क्षमता होगी।
180 किमी प्रति घंटे की रफ्तार और आधुनिक सुविधाएं
वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को 180 किमी प्रति घंटे की अधिकतम रफ्तार के लिए डिजाइन किया गया है। इसमें आरामदायक कुशन वाले बर्थ, ऑटोमैटिक दरवाजे, बेहतर सस्पेंशन, कम शोर, 'कवच' सुरक्षा सिस्टम, इमरजेंसी टॉक-बैक सिस्टम, आधुनिक ड्राइवर कंट्रोल, बेहतर स्वच्छता के लिए डिसइन्फेक्शन तकनीक और एयरोडायनामिक डिजाइन जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं दी गई हैं।
इस अत्याधुनिक ट्रेन का निर्माण भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (BEML) ने इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (ICF), चेन्नई की तकनीक के साथ किया है। ट्रेन में कुल 16 कोच हैं, जिनमें 11 एसी थ्री-टियर, 4 एसी टू-टियर और 1 फर्स्ट एसी कोच शामिल हैं। इसमें 823 यात्री एक साथ सफर कर सकेंगे।
इसमें आरामदायक कुशन वाले बर्थ, ऑटोमैटिक स्लाइडिंग दरवाजे, बेहतर सस्पेंशन, कम शोर वाली तकनीक, कवच सुरक्षा प्रणाली, इमरजेंसी टॉक-बैक सिस्टम, आधुनिक ड्राइवर कंट्रोल, बेहतर स्वच्छता के लिए डिसइन्फेक्शन तकनीक और एयरोडायनामिक डिजाइन जैसी आधुनिक सुविधाएं दी गई हैं।
अभी BEML के पास है ट्रेन, ट्रायल के बाद होगा हैंडओवर
दक्षिण पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी डॉ. मंजूनाथ कनामाडी के अनुसार, ट्रेन फिलहाल अंतिम परीक्षण के लिए बेंगलुरु लाई गई है। अभी इसे भारतीय रेलवे या दक्षिण पश्चिम रेलवे को औपचारिक रूप से नहीं सौंपा गया है। टेस्टिंग का काम पूरा होने और सभी सुरक्षा मंजूरियां मिलने के बाद इसकी लॉन्चिंग की तारीख घोषित की जाएगी।
देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन जनवरी 2026 में हावड़ा-कामाख्या रूट पर शुरू की गई थी, जिससे दोनों शहरों के बीच यात्रा समय में लगभग 6 घंटे की कमी आई है। अब बेंगलुरु-मुंबई रूट पर शुरू होने वाली दूसरी वंदे भारत स्लीपर से पश्चिम और दक्षिण भारत के यात्रियों को भी तेज और आधुनिक रेल यात्रा का लाभ मिलेगा।
इन प्रमुख शहरों को जोड़ेगा नया रूट
यह ट्रेन न केवल बेंगलुरु और मुंबई के बीच सफर आसान करेगी। बल्कि रास्ते में आने वाले कई महत्वपूर्ण औद्योगिक और सांस्कृतिक शहरों को भी बेहतरीन कनेक्टिविटी देगी। रेल मंत्रालय के अनुसार, इस सेवा से निम्नलिखित शहरों के बीच का सफर बेहद तेज हो जाएगा:
केएसआर बेंगलुरु (KSR Bengaluru)
हुब्बल्ली-धारवाड़ (Hubballi-Dharwad)
बेलागावी (Belagavi)
पुणे (Pune)
छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस, मुंबई (CSMT)
कोच और यात्री क्षमता (Coach Composition)
लंबी दूरी के सफर को ध्यान में रखते हुए इस ट्रेन की क्षमता और डिब्बों के लेआउट को बेहद संतुलित रखा गया है। इस 16-कोच की पूरी ट्रेन में कुल 823 यात्री एक साथ सफर कर सकेंगे:-
थ्री-टियर एसी (AC 3-Tier): 11 कोच
टू-टियर एसी (AC 2-Tier): 4 कोच
फर्स्ट एसी (First AC): 1 कोच
किसी फाइव-स्टार होटल जैसी हैं खूबियां
दे भारत स्लीपर को यात्रियों के सफर को थकान-मुक्त और सुरक्षित बनाने के लिए अत्याधुनिक तकनीक से अपग्रेड किया गया है:-
180 किमी/घंटा की रफ्तार: इस ट्रेन को अधिकतम 180 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से दौड़ने के लिए डिजाइन किया गया है, जो पारंपरिक ट्रेनों के मुकाबले यात्रा के समय को कई घंटे कम कर देगी।
एर्गोनोमिक बर्थ और बेहतर सस्पेंशन: ट्रेन की बर्थ (सीटों) में विशेष कुशनिंग दी गई है। साथ ही इसके एडवांस सस्पेंशन सिस्टम के कारण यात्रियों को तेज रफ्तार में भी झटके महसूस नहीं होंगे।
कवच सुरक्षा प्रणाली (Kavach System): ट्रेन हादसों को रोकने के लिए इसमें भारत की स्वदेशी 'कवच' सुरक्षा तकनीक इन-बिल्ट है। इसके अलावा किसी भी आपात स्थिति के लिए 'इमरजेंसी टॉक-बैक सिस्टम' भी दिया गया है।
हाइजीन और ऑटोमेशन: डिब्बों के अंदर हवा को साफ और कीटाणुमुक्त रखने के लिए विशेष डिसइंफेक्टेंट टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल हुआ है। इसके दरवाजे पूरी तरह से ऑटोमैटिक हैं जो सेंसर और वेस्टिब्यूल से लैस हैं।
कब शुरू होगी सेवा?
साउथ वेस्टर्न रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (CPRO) डॉ. मंजूनाथ कनमडी के अनुसार, वर्तमान में यह ट्रेनसेट केवल फाइनल चेकिंग और ट्रायल के लिए बेंगलुरु में है। जैसे ही BEML इसके सभी जरूरी तकनीकी परीक्षण पूरे कर लेगा, इसे आधिकारिक तौर पर भारतीय रेलवे को सौंप दिया जाएगा। रेलवे अथॉरिटी से अंतिम मंजूरी मिलते ही इस रूट पर ट्रेन के परिचालन की तारीखों और किराए की घोषणा कर दी जाएगी।