Robert Vadra: बिजनेसमैन रॉबर्ट वाड्रा को शनिवार को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने शिकोहपुर जमीन सौदे से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जमानत दे दी। वाड्रा आज पहले कोर्ट में पेश हुए थे। यह मामला प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत है, जिसकी जांच प्रवर्तन निदेशालय (ED) कर रहा है।
कोर्ट ने वाड्रा को 50,000 रुपये के निजी मुचलके और उतनी ही राशि के एक जमानतदार के साथ जमानत दी है।
यह फैसला उस समय आया जब राउज एवेन्यू कोर्ट ने एक दिन पहले ही शिकोहपुर जमीन सौदे से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी द्वारा दाखिल चार्जशीट पर संज्ञान लिया था, जिसमें वाड्रा और अन्य लोग आरोपी हैं।
गुरुग्राम के जमीन से जुड़ा है मामला
यह मामला गुरुग्राम के शिकोहपुर में स्थित 3.53 एकड़ जमीन से संबंधित है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) का आरोप है कि 12 फरवरी 2008 को यह जमीन ओंकारेश्वर प्रॉपर्टीज से स्काई लाइट हॉस्पिटैलिटी नाम की कंपनी ने धोखाधड़ी से हासिल की थी, जो रॉबर्ट वाड्रा से जुड़ी बताई जाती है। इस मामले में वाड्रा को भी आरोपी बनाया गया है।
ईडी के अनुसार, भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया के दौरान कथित तौर पर झूठी घोषणाएं की गईं, जबकि वाड्रा के व्यक्तिगत प्रभाव का इस्तेमाल करके कमर्शियल लाइसेंस हासिल किया गया। ट्रायल कोर्ट के सामने पेश होते हुए एजेंसी के वकील ने दलील दी कि भूमि लेनदेन के लिए दिखाए गए 7.5 करोड़ रुपये का भुगतान एक चेक के माध्यम से किया गया था जिसे कभी भुनाया नहीं गया।
ईडी ने आगे आरोप लगाया कि बाद में उस जमीन को DLF को अधिक कीमत पर बेच दिया गया।
पिछले साल जुलाई में, एजेंसी ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत एक अस्थायी कुर्की आदेश जारी किया, जिसमें इस मामले के संबंध में लगभग 37.64 करोड़ रुपये मूल्य की 43 अचल संपत्तियों को जब्त किया गया।