वियतनाम में डूबे 15 भारतीयों के शव वापस आएंगे, जानिए फ्लाइट से कैसे आती है डेडबॉडी, कहां रखा जाता है ताबूत?

Vietnam boat accident : हनोई स्थित भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी देते हुए कहा कि नाव हादसे में जान गंवाने वाले 15 भारतीय नागरिकों के शव हो ची मिन्ह सिटी भेजे जा रहे हैं। दूतावास ने बताया कि सभी शव रविवार शाम तक वहां पहुंच जाएंगे। दूतावास के अनुसार, हो ची मिन्ह सिटी में जरूरी कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद शवों को जल्द से जल्द भारत भेजा जाएगा

अपडेटेड Jul 12, 2026 पर 8:06 PM
नाव हादसे में जान गंवाने वाले 15 भारतीय पर्यटकों के शव हो ची मिन्ह सिटी भेज दिए गए हैं।

वियतनाम के फु क्वोक द्वीप के पास हुए दर्दनाक नाव हादसे में जान गंवाने वाले 15 भारतीय पर्यटकों के शव हो ची मिन्ह सिटी भेज दिए गए हैं। वहां से सभी शवों को भारत लाने की तैयारी की जा रही है। यह जानकारी रविवार, 12 जुलाई को हनोई स्थित भारतीय दूतावास ने दी। भारतीय दूतावास के मुताबिक, हादसे में बचाए गए 17 भारतीय पर्यटकों में से 16 अपने घर लौट रहे हैं। वहीं एक भारतीय पर्यटक की हालत गंभीर बनी हुई है और उसका इलाज फु क्वोक के एक अस्पताल में चल रहा है।

यह हादसा शनिवार को फु क्वोक द्वीप के पास हुआ था, जब 'होन मे रुट न्गोई' इलाके के पास एक स्पीडबोट अचानक पलट गई। नाव में 32 भारतीय पर्यटक और चालक दल के 4 स्थानीय सदस्य सवार थे। हादसे के बाद बाकी सभी लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया।

हादसे में 15 भारतीयों की मौत


हनोई स्थित भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी देते हुए कहा कि नाव हादसे में जान गंवाने वाले 15 भारतीय नागरिकों के शव हो ची मिन्ह सिटी भेजे जा रहे हैं। दूतावास ने बताया कि सभी शव रविवार शाम तक वहां पहुंच जाएंगे। दूतावास के अनुसार, हो ची मिन्ह सिटी में जरूरी कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद शवों को जल्द से जल्द भारत भेजा जाएगा। भारतीय दूतावास ने यह भी बताया कि उसकी टीमें लगातार वियतनाम के अधिकारियों के साथ मिलकर काम कर रही हैं। वियतनामी प्रशासन ने भरोसा दिया है कि सभी जरूरी औपचारिकताएं जल्द पूरी कर शवों को भारत भेजने में पूरा सहयोग किया जाएगा।

इनके शव लाए जा रहे हैं भारत

भारतीय दूतावास के अनुसार, इस दर्दनाक हादसे में जान गंवाने वाले 15 भारतीयों में सबसे ज्यादा 10 लोग तमिलनाडु के रहने वाले थे। इसके अलावा तीन लोग आंध्र प्रदेश और दो लोग केरल के निवासी थे। मृतकों में दो महिलाएं भी शामिल हैं। दूतावास की ओर से जारी सूची के मुताबिक, तमिलनाडु के मृतकों के नाम सेंथिल कुमार जयवेल, मुरुगा प्रभु अरुमुगम, श्रीधर सुंदरराजन, शेख अब्दुल्ला अब्दुल मजीद, बालाजी नटेसन, विनय कुमार चिथिरापुरम भास्कर, रविशंकर सुकुमारन, संतोष कुमार शांतिलाल जैन, बाबू कुप्पुस्वामी और अलगुराजन शिवसामी हैं। वहीं आंध्र प्रदेश के मृतकों की पहचान नल्लापेटा आदिशेषैया रवितेजा, श्रीधर मुडियम और जया लक्ष्मी गेल्ली के रूप में हुई है। केरल के मृतकों के नाम एविकोट चेरियन थॉमस और लोवेनी थॉमस हैं।

कुछ लोगों का अस्पताल में चल रहा इलाज

भारतीय दूतावास ने प्रभावित परिवारों की मदद के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं। दूतावास ने बताया कि नाव हादसे में बचाए गए 17 भारतीय पर्यटकों में से 16 को इलाज के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है और वे भारत लौट रहे हैं। दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि हादसे में घायल अधिकांश पर्यटकों का इलाज पूरा हो चुका है। गंभीर रूप से घायल दो लोगों में से एक की हालत में सुधार होने के बाद उसे भी अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है और वह भारत लौट रहा है। वहीं दूसरे घायल भारतीय पर्यटक का इलाज अभी भी फु क्वोक के एक अस्पताल में चल रहा है।

जानिए फ्लाइट से कैसे आती है डेडबॉडी

बता दें कि शवों को फ्लाइट में कार्गो यानी माल ढुलाई सर्विस के रूप में लेकर जाया जाता है। यानी जैसे फ्लाइट में अन्य सामान भेजे जाते हैं, उसी तरह शव को भी ताबूत में पैक करके भेजा जा सकता है। हालांकि शवों को फ्लाइट में लेकर जाने से जुड़े कुछ नियम हैं, जिन्हें फॉलो करना होता है। जानकारी के मुताबिक, विमान में इंसान के शवों को फ्लाइट से दो प्रकार से लेकर जाया जा सकता है। उनके मृत शरीर को ताबूत में रखकर या फिर उनके जले हुए अवशेषों को अस्थि कलश में रखकर।

शवों को फ्लाइट से भेजने के लिए गाइडलाइंस

शव को जिस ताबूत में रखा गया है, उसका पहले उपयोग नहीं हुआ होना चाहिए।

ताबूत का पैकिंग मटेरियल मजबूत होना चाहिए, जिससे वह शव का वजन उठा सके।

पैकिंग में भेजने वाले का नाम और पता लिखा होना चाहिए. साथ ही सिर की ओर या ऊपर की तरफ इशारा करने वाला लेबल लगा होना चाहिए।

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