Delhi Hotel Rates: दिल्ली में होटल का कमरा हुआ 'सोने' से भी महंगा! ₹18 हजार का रूम 80,000 हजार रुपये पार, BRICS Summit से पहले कमरों की भारी डिमांड

BRICS 2026 effect: ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 की तैयारियों के कारण दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में होटल दरों में बेतहाशा वृद्धि हुई है। लक्जरी कमरे जिनकी कीमत आमतौर पर प्रति नाइट लगभग 18,000 रुपये होती है, अब या तो वह बुक हो चुकी हैं या फिर 80,000 रुपये एक नाइट की कीमत पहुंच गई है

अपडेटेड Sep 07, 2026 पर 12:24 PM
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BRICS 2026 effect: ₹18 हजार वाला कमरा 80,000 रुपये तक पहुंच गया है

Delhi Hotel Rates: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 (BRICS Summit 2026) से पहले होटल के कमरों की कीमतों में जबरदस्त बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। जिन लग्जरी कमरों का सामान्य दिनों में किराया करीब 18,000 रुपये प्रति नाइट रहता है, उनकी कीमत अब बढ़कर 70 से 80 हजार रुपये या उससे भी अधिक पहुंच गई है। कई होटलों में प्रीमियम कमरे पहले ही बुक हो चुके हैं। बता दें कि 18वां BRICS Summit 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली के 'भारत मंडपम' में आयोजित होना है।

भारत इस महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है, जिसमें BRICS सदस्य और साझेदार देशों के नेता, राजनयिक, मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में प्रतिनिधिमंडल शामिल होंगे। BRICS Summit से पहले दिल्ली-NCR में होटल कमरों की भारी मांग और कीमतों में उछाल अंतरराष्ट्रीय आयोजन के बड़े पैमाने को दिखाता है।

दिल्ली समेत पूरे NCR में जहां आम यात्रियों के लिए होटल में कमरा लेना महंगा हो गया है। वहीं, दिल्ली का हॉस्पिटैलिटी सेक्टर इसे भारत की मेहमाननवाजी, संस्कृति, खान-पान और पर्यटन को दुनिया के सामने पेश करने के बड़े अवसर के तौर पर देख रहा है।


20 सितंबर तक महंगे रह सकते हैं होटल

होटल इंडस्ट्री से जुड़े सूत्रों के मुताबिक सम्मेलन से पहले और उसके बाद भी दिल्ली-NCR में होटल की मांग काफी ऊंची बनी रह सकती है। माना जा रहा है कि करीब 20 सितंबर तक होटल के किराए सामान्य से ऊपर रह सकते हैं। इसका सबसे बड़ा कारण विदेशी प्रतिनिधिमंडलों, राजनयिकों, मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों का दिल्ली पहुंचना है। बड़ी संख्या में मेहमानों के आने से होटल के उपलब्ध कमरों पर दबाव बढ़ गया है।

सिर्फ दिल्ली नहीं, NCR के होटल भी बुक

होटल कमरों की बढ़ती मांग का असर सिर्फ मध्य दिल्ली तक सीमित नहीं है। फरीदाबाद, गुरुग्राम और नोएडा के होटल भी तेज बुकिंग का सामना कर रहे हैं। कई होटलों में कमरे लगभग पूरी तरह बुक हो चुके हैं। जबकि कुछ प्रॉपर्टीज में उपलब्धता बेहद सीमित रह गई है। ट्रैवल एजेंट्स के मुताबिक, बड़े अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों में वरिष्ठ अधिकारियों और राजनयिकों की प्राथमिकता आमतौर पर हाई ग्रेड के कमरों की होती है। इसके अलावा सुरक्षा कारणों से होटल के कुछ कमरों या पूरे ब्लॉक को भी आधिकारिक प्रतिनिधिमंडलों के लिए रिजर्व रखा जा सकता है।

₹20 हजार में बाहर कमरा लेकर भी बच सकते हैं पैसे

होटल किराए में भारी बढ़ोतरी को देखते हुए ट्रैवल एजेंट लोगों को मध्य दिल्ली से बाहर रहने का विकल्प भी सुझा रहे हैं। ट्रैवल एजेंट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया की पब्लिक रिलेशंस काउंसिल से जुड़े राजन सहगल के मुताबिक, कुछ यात्री दिल्ली के बाहर करीब 20 हजार रुपये में कमरा लेकर और लगभग 10 हजार रुपये परिवहन पर खर्च करके भी कुल लागत को 70-80 हजार रुपये के दिल्ली होटल किराए की तुलना में काफी कम रख सकते हैं। ट्रैवल एजेंट ऐसे ग्राहकों के लिए दिल्ली से बाहर होटल पहले से ब्लॉक कर रहे हैं और आने-जाने के लिए लग्जरी ट्रांसपोर्ट की व्यवस्था कर रहे हैं।

होटल दिखाएंगे भारत की संस्कृति और क्षेत्रीय खान-पान

BRICS Summit को होटल इंडस्ट्री भारत की संस्कृति, खान-पान और पर्यटन को दुनिया के सामने पेश करने के अवसर के तौर पर भी देख रही है। दिल्ली होटल एंड रेस्टोरेंट ओनर्स एसोसिएशन के चेयरमैन मुरलीमणि के मुताबिक, होटल विदेशी प्रतिनिधियों के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रम और अलग-अलग राज्यों के क्षेत्रीय व्यंजनों की व्यवस्था कर रहे हैं। बजट होटल्स को भी अलग-अलग राज्यों के पारंपरिक भोजन को मेन्यू में शामिल करने के लिए प्रोत्साहित किया गया है। इसका उद्देश्य विदेशी मेहमानों को भारत की विविध संस्कृति और खान-पान से परिचित कराना है।

होटल एसोसिएशन किराए कम करने पर कर सकता है चर्चा

होटल किराए में अचानक हुई बढ़ोतरी को लेकर हॉस्पिटैलिटी इंडस्ट्री के भीतर भी चर्चा की संभावना है। होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन से जुड़े पदाधिकारी इस मुद्दे पर विचार कर रहे हैं। होटल संचालकों से अतिरिक्त मेहमानों को बजट कैटेगरी के होटलों में ठहराने और उपलब्धता को अलग-अलग कैटेगरी में बांटने की अपील की जा सकती है, ताकि प्रीमियम होटलों पर दबाव कम हो और किराए को भी नियंत्रित किया जा सके।

ट्रैफिक पर भी असर, रूट डायवर्जन की तैयारी

BRICS Summit को लेकर सिर्फ होटल ही नहीं। बल्कि दिल्ली में ट्रैफिक और सुरक्षा व्यवस्था भी बड़े स्तर पर तैयार की जा रही है। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने 6 सितंबर को मोटरकेड रिहर्सल की। समिट के दौरान प्रमुख सड़कों और महत्वपूर्ण मार्गों पर ट्रैफिक डायवर्जन और नियंत्रित आवाजाही की व्यवस्था की जा सकती है। यात्रियों और दिल्लीवासियों को सलाह दी गई है कि वे यात्रा की योजना पहले से बनाएं, अतिरिक्त समय लेकर निकलें और संभव हो तो मेट्रो समेत सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करें।

लगातार तीन दिन दिल्ली के स्कूल बंद रहेंगे

BRICS Summit की तैयारियों का असर राजधानी के स्कूलों पर भी पड़ेगा। 11 सितंबर को दिल्ली के सभी स्कूल बंद रहेंगे। 5 सितंबर को जारी आधिकारिक सर्कुलर के मुताबिक, यह छुट्टी शिक्षा निदेशालय के तहत आने वाले सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त और मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों पर लागू होगी। शिक्षा निदेशालय के कार्यालय भी उस दिन बंद रहेंगे। 11 के अलावा 12 और 13 सितंबर को शनिवार-रविवार होने की वजह से छुट्टी रहेगी।

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