Bullet Train project: भारत की पहली 'बुलेट ट्रेन' प्रोजेक्ट अब तेजी से अपने अहम पड़ावों की ओर बढ़ रही है। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोमवार (7 सितंबर) को बताया कि मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर पर काम तेज गति से चल रहा है। आने वाले महीनों में कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल होने की उम्मीद है। इस प्रोजेक्ट के तहत सूरत और बिलीमोरा के बीच पहला सेक्शन अगले साल शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। रेल मंत्री ने यह भी बताया कि बुलेट ट्रेन के निर्माण की दिशा में भी बड़ी प्रगति हुई है। टेस्टिंग के लिए पहला बुलेट ट्रेन कोच तैयार हो चुका है। इससे भारत में हाई-स्पीड ट्रेन की मैन्युफैक्चरिंग और टेस्टिंग की प्रक्रिया एक महत्वपूर्ण चरण में पहुंच गई है।
अश्विनी वैष्णव ने हाल ही में बुलेट ट्रेन के निर्माण से जुड़ी प्रगति की समीक्षा की। इस दौरान सामने आया कि पहला टेस्ट कोच तैयार किया जा चुका है। इसके साथ ही ट्रेन के निर्माण का काम भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। रेल मंत्रालय के मुताबिक, बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट के इंफ्रास्ट्रक्चर और ट्रेन मैन्युफैक्चरिंग दोनों मोर्चों पर तेजी से काम हो रहा है। वापी-सूरत सेक्शन का सिविल कंस्ट्रक्शन कार्य दिसंबर 2026 तक पूरा होने की उम्मीद है। इस तरह ट्रैक, स्टेशन और अन्य सिविल इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ-साथ ट्रेन के निर्माण की प्रगति भी परियोजना को सेवा शुरू करने के लक्ष्य के करीब ले जा रही है।
अगले साल सूरत-बिलीमोरा से शुरू हो सकती है यात्रा
मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल (MAHSR) कॉरिडोर के सूरत-बिलीमोरा हिस्से को पहले चरण में शुरू करने का लक्ष्य है। इस सेक्शन के अगले साल यानी 2027 में चालू होने की उम्मीद है। पूरे कॉरिडोर पर हाई-स्पीड रेल सेवा अगस्त 2027 में शुरू होने की उम्मीद है। इसके शुरू होने के बाद भारत में पहली बार यात्री हाई-स्पीड रेल सेवा का अनुभव कर सकेंगे।
508 किलोमीटर लंबा है पूरा कॉरिडोर
मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन कॉरिडोर की कुल लंबाई 508 किलोमीटर है। यह महाराष्ट्र, गुजरात और केंद्र शासित प्रदेश दादरा एवं नगर हवेली से होकर गुजरेगा। प्रत्येक स्टेशन को संबंधित शहर की पहचान और संस्कृति को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किया जा रहा है। स्टेशनों पर आधुनिक सुविधाओं के साथ बेहतर मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने की योजना है।
इस कॉरिडोर पर कुल 12 स्टेशन बनाए जा रहे हैं। इनमें:-
मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल परियोजना की आधारशिला सितंबर 2017 में रखी गई थी। इसे भारत में हाई-स्पीड रेल नेटवर्क की शुरुआत की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम माना गया। परियोजना का उद्देश्य केवल मुंबई और अहमदाबाद के बीच यात्रा का समय कम करना ही नहीं, बल्कि यात्रियों को बेहतर आराम, सुरक्षा और विश्वसनीयता के साथ आधुनिक रेल यात्रा का अनुभव देना भी है।
रेल यात्रा में आएगा बड़ा बदलाव
सरकार के मुताबिक, बुलेट ट्रेन परियोजना भारत के रेल इंफ्रास्ट्रक्चर को आधुनिक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। हाई-स्पीड रेल नेटवर्क से तेज कनेक्टिविटी के साथ आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। अब पहला टेस्ट कोच तैयार होने और निर्माण कार्य में तेजी आने के बाद भारत की पहली बुलेट ट्रेन परियोजना का अगला बड़ा पड़ाव ट्रायल और शुरुआती सेक्शन को चालू करना होगा।
अगर तय डेडलाइ के मुताबिक, बुलेट ट्रेन का काम आगे बढ़ता रहा, तो 2027 में भारत हाई-स्पीड रेल के नए दौर में एंट्री कर सकता है। समकालीन आर्किटेक्चर, आधुनिक सुविधाएं और मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी इसके डिज़ाइन का अहम हिस्सा हैं। इस कॉरिडोर पर पहली हाई-स्पीड रेल सर्विस अगस्त 2027 में शुरू होने की उम्मीद है।