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राजस्थान के मरीजों की ₹1 लाख वाली कैंसर दवा दिल्ली के ब्लैक मार्केट में कैसे पहुंची? जांच में खुलेंगे कई राज

दिल्ली पुलिस की इंटर-स्टेट सेल ने मंगलवार को एक संदिग्ध ड्रग सिंडिकेट के कुछ सदस्यों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने उनके पास से कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली 22 दवाओं की शीशियां बरामद कीं। पुलिस अभी इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और दवाओं की सप्लाई से संबंधित जानकारी जुटाने के लिए जांच आगे बढ़ा रही है

Edited By: Ankita Pandeyअपडेटेड Aug 19, 2026 पर 9:36 PM
राजस्थान के मरीजों की ₹1 लाख वाली कैंसर दवा दिल्ली के ब्लैक मार्केट में कैसे पहुंची? जांच में खुलेंगे कई राज
जांच के दौरान बरामद की गई बावेंसियो 200mg/10ml की चार शीशियों का राजस्थान से कनेक्शन सामने आया है (Photo: Canva)

राजस्थान सरकार ने महंगी कैंसर की दवाओं के सप्लाई और डिस्ट्रीब्यूशन को लेकर जांच के आदेश दिए हैं। दिल्ली पुलिस ने एक संदिग्ध ड्रग नेटवर्क से कुछ दवाएं बरामद की हैं, जो राजस्थान सरकार की खरीद से जुड़े एक बैच की बताई जा रही हैं। स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने बुधवार को मामले की जांच के निर्देश दिए। उन्होंने साफ कहा कि, सरकारी अस्पतालों में मरीजों के लिए खरीदी गई दवाओं को बिना अनुमति बाहर बेचने के लिए नहीं भेजा जा सकता। जांच में अगर किसी तरह की गड़बड़ी सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने RMSCL को सरकारी दवाओं की सप्लाई पर कड़ी नजर रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि दवाओं को अस्पतालों तक पहुंचाने की पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता होनी चाहिए और हर स्तर पर रिकॉर्ड सही तरीके से रखा जाए। उन्होंने ये भी साफ किया कि जांच के दौरान अगर किसी अधिकारी की लापरवाही, गड़बड़ी या किसी के साथ मिलीभगत सामने आती है, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

दिल्ली पुलिस ने बरामद की 22 दवाओं की शीशियां

दिल्ली पुलिस की इंटर-स्टेट सेल ने मंगलवार को एक संदिग्ध ड्रग सिंडिकेट के कुछ सदस्यों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने उनके पास से कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली 22 दवाओं की शीशियां बरामद कीं। इनमें डार्जलेक्स, इम्फिंजी, एर्बिटक्स, बावेंसियो, एडसेट्रिस और कीट्रुडा जैसी महंगी दवाएं शामिल हैं। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 27.19 लाख रुपये नकद भी जब्त किए। फिलहाल पुलिस इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और दवाओं की सप्लाई से संबंधित जानकारी जुटाने के लिए जांच आगे बढ़ा रही है।

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