Madhya Pradesh News: देश का “सबसे साफ़ शहर” कहलाने वाला इंदौर में हुए हादसे ने पूरे शहर को हिला कर रख दिया है। इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी पीने से अब तक 15 लोगों की मौत हो चुकी है और 1400 से अधिक लोग बीमार पड़ चुके हैं। वहीं इंदौर की घटना से एमपी सरकार की फजीहत हो रही है। वहीं अब सीएम मोहन यादव ने रिव्यू बैठक के बाद कड़क फैसले लिए हैं। उन्होंने इंदौर नगर निगम कमिश्नर और अपर आयुक्त को घटना को लेकर कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
सीएम मोहन यादव ने लिया ये एक्शन
मध्य प्रदेश के इंदौर में दूषित पानी की सप्लाई के मामले में सीएम मोहन यादव ने नगर निगम आयुक्त और अपर आयुक्त को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही उन्होंने अपर आयुक्त को हटाने और प्रभारी अधीक्षण यंत्री से जल वितरण कार्य विभाग का प्रभार वापस लेने के निर्देश दिए हैं। मोहन यादव ने एक्स पर लिखा, "आज सुबह मुख्य सचिव और अन्य अधिकारियों के साथ इंदौर के दूषित पेयजल प्रकरण में राज्य शासन द्वारा की जा रही कार्रवाई की समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। अपर मुख्य सचिव (नगरीय प्रशासन एवं विकास) द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट पर भी चर्चा की। इंदौर नगर निगम आयुक्त और अपर आयुक्त को इस सम्बन्ध में कारण बताओ नोटिस जारी करने, अपर आयुक्त को तत्काल इंदौर से हटाने और प्रभारी अधीक्षण यंत्री से जल वितरण कार्य विभाग का प्रभार वापस लेने के निर्देश दिए। इंदौर नगर निगम में आवश्यक पदों पर तत्काल प्रभाव से पूर्ति करने के निर्देश भी दिए।"
अबतक 15 लोगों की हो चुकी है मौत
बता दें कि, अधिकारियों ने बताया कि लैब जांच में यह साफ हो गया है कि इंदौर में फैला डायरिया दूषित पीने के पानी की वजह से हुआ था। इस प्रकोप में अब तक कम से कम 15 लोगों की मौत हो चुकी है और 1,400 से ज्यादा लोग बीमार पड़े हैं। इन नतीजों से यह सामने आया है कि मध्य प्रदेश की व्यावसायिक राजधानी माने जाने वाले इंदौर के कुछ इलाकों में पानी की सप्लाई व्यवस्था में गंभीर खामियां हैं। यह बात इसलिए भी चौंकाने वाली है क्योंकि इंदौर पिछले 8 सालों से भारत का सबसे स्वच्छ शहर रहा है।
इंदौर के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. माधव प्रसाद हसानी ने गुरुवार को मीडिया को बताया कि शहर के एक मेडिकल कॉलेज की लैब रिपोर्ट में यह पुष्टि हुई है कि भागीरथपुरा इलाके में एक पाइपलाइन में लीकेज था। इसी लीकेज के कारण पीने के पानी में गंदगी मिल गई, जिससे डायरिया फैलना शुरू हुआ। हालांकि, उन्होंने रिपोर्ट की पूरी जानकारी सार्वजनिक नहीं की।
अधिकारियों ने बताया कि भागीरथपुरा में एक पुलिस चौकी के पास मुख्य पीने के पानी की सप्लाई पाइपलाइन में लीकेज मिला है। बताया गया कि इसी पाइपलाइन के ऊपर एक शौचालय बना हुआ था। लीकेज के कारण इलाके में सप्लाई होने वाला पानी गंदा हो गया, जिससे बीमारी फैलने का खतरा बढ़ गया। अतिरिक्त मुख्य सचिव संजय दुबे ने कहा कि अधिकारी पूरे भागीरथपुरा इलाके की पानी की पाइपलाइन की बारीकी से जांच कर रहे हैं, ताकि कहीं और भी लीकेज तो नहीं है। उन्होंने बताया कि जांच के बाद गुरुवार को पाइपलाइन से घरों में साफ पानी की सप्लाई शुरू कर दी गई है, लेकिन एहतियात के तौर पर लोगों को पानी उबालकर पीने की सलाह दी गई है। इसके साथ ही पानी के नमूने भी लिए गए हैं और जांच के लिए लैब भेजे गए हैं, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि पानी पूरी तरह सुरक्षित है।
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