E20 पेट्रोल से कार का इंजन खराब होने पर कंज्यूमर कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, कंपनी को देनी पड़ेगी इस शख्स को नई कार!

E20 Petrol: E20 पेट्रोल को लेकर देश में पहली बार एक कंज्यूमर कोर्ट का बड़ा फैसला सामने आया है। मामला एक कार मालिक से जुड़ा है, जिसने दावा किया था कि E20 पेट्रोल इस्तेमाल करने के बाद उसकी कार में बार-बार खराबी आने लगी और उसे भारी नुकसान उठाना पड़ा।

अपडेटेड Jul 16, 2026 पर 1:14 PM
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E20 पेट्रोल से कार का इंजन खराब होने पर कंज्यूमर कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला

E20 Petrol: E20 पेट्रोल को लेकर देश में पहली बार एक कंज्यूमर कोर्ट का बड़ा फैसला सामने आया है। मामला एक कार मालिक से जुड़ा है, जिसने दावा किया था कि E20 पेट्रोल इस्तेमाल करने के बाद उसकी कार में बार-बार खराबी आने लगी और उसे भारी नुकसान उठाना पड़ा।

'इंडिया टुडे' रिपोर्ट के मुताबिक, रायपुर जिला कंज्यूमर डिस्प्यूट्स रिड्रेसल कमीशन ने इस मामले में कार मालिक के पक्ष में फैसला सुनाया है। आयोग ने वाहन निर्माता कंपनी और डीलर को कार की मरम्मत में हुए खर्च की भरपाई करने के साथ-साथ मानसिक परेशानी और कानूनी लड़ाई के खर्च के लिए मुआवजा देने का आदेश दिया है।

कंज्यूमर का आरोप था कि E20 पेट्रोल भरवाने के बाद उसकी गाड़ी में बार-बार मैकेनिकल दिक्कतें आने लगी थीं। जैसे- गाड़ी की परफॉर्मेंस खराब होना, इंजन में मिसफायरिंग और माइलेज लगातार कम होना।


कंज्यूमर ने आगे बताया कि कई बार कई बार ऑथराइज्ड सर्विस सेंटरों पर जाने और बार-बार मरम्मत की कोशिशों के बावजूद समस्याएं बनी रहीं, जिसके कारण आखिरकार इंजन से जुड़े भारी खर्च हुए।

वहीं, इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यही था कि क्या गाड़ी की मैकेनिकल समस्याओं के लिए E20 पेट्रोल जिम्मेदार था।

मैन्युफैक्चरर और डीलर ने आरोप को खारिज किया

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, मैन्युफैक्चरर और डीलर ने इस आरोप को खारिज करते हुए कहा कि गाड़ी E20 फ्यूल के अनुकूल थी। उन्होंने गाड़ी में आई समस्याओं का कारण संभावित टूट-फूट, रखरखाव से जुड़ी दिक्कतें या फ्यूल से असंबंधित अन्य कारणों को बताया।

हालांकि, कंज्यूमर कमीशन ने मैन्युफैक्चरर की दलील नहीं मानी। आदेश में कहा गया कि गाड़ी के मालिक ने कई बार कार को रिपेयर के लिए ऑथराइज्ड वर्कशॉप में भेजा था, फिर भी वैसी ही दिक्कतें आती रहीं।

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, कमीशन ने पाया कि कई बार रिपेयर की कोशिशों के बावजूद खराबी का बार-बार होना इस बात की पुष्टि करता है कि असल समस्या का ठीक से समाधान नहीं किया गया था।

अधिकतर पंपों पर E20 पेट्रोल ही सबसे ज्यादा उपलब्ध

फैसले में आयोग ने एक और अहम बात पर जोर दिया। आयोग ने कहा कि अब पेट्रोल पंपों पर E20 पेट्रोल ही सबसे ज्यादा उपलब्ध है, ऐसे में वाहन मालिकों के पास कोई दूसरा व्यावहारिक विकल्प नहीं बचता। इस वजह से उपभोक्ता को E20 पेट्रोल का इस्तेमाल करने के लिए मजबूर होना पड़ता है।

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, आदेश में कहा गया है कि जब ईंधन के दूसरे विकल्प उपलब्ध नहीं थे, तो उपभोक्ताओं से E20 पेट्रोल का इस्तेमाल न करने की उम्मीद नहीं की जा सकती थी।

इसके बाद आयोग ने उपभोक्ता की शिकायत को सही ठहराया और निर्माता व डीलर को वाहन मालिक को मरम्मत का खर्च देने का आदेश दिया। साथ ही, उपभोक्ता को हुई मानसिक परेशानी और कानूनी कार्यवाही में हुए खर्च के लिए अतिरिक्त मुआवजा भी देने का आदेश दिया गया।

रिपोर्ट के मुताबिक, आदेश में पेमेंट के लिए एक समय-सीमा भी तय की गई और कहा गया कि अगर तय समय के अंदर मुआवजा नहीं दिया गया, तो उस पर ब्याज लगेगा। बता दें कि यह फैसला ऐसे समय में आया है जब भारत अपने इथेनॉल-ब्लेंडिंग प्रोग्राम के तहत E20 पेट्रोल का इस्तेमाल बढ़ा रहा है।

राजनीतिक मकसद से लगाए जा रहे आरोप 

इस बीच, केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने एथेनॉल ब्लेंडिंग कार्यक्रम का समर्थन करने को लेकर उन पर लगाए गए हितों के टकराव और निजी फायदे के आरोपों को खारिज कर दिया है।

टाइम्स ऑफ इंडिया से बात करते हुए गडकरी ने कहा कि ये आरोप राजनीतिक मकसद से लगाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि उनके बेटों के कारोबार की एथेनॉल सेक्टर में हिस्सेदारी बहुत कम है और पूरे उद्योग में उसका योगदान भी बेहद सीमित है।

गडकरी ने यह भी कहा कि उस कारोबार पर 1,600 करोड़ रुपये का कर्ज है और उनका उससे कोई सीधा संबंध नहीं है। उन्होंने साफ किया कि एथेनॉल की कीमत तय करने या उसकी खरीद प्रक्रिया में उनकी कोई भूमिका नहीं है।

उन्होंगे आग कहा कि इथेनॉल ब्लेंडिंग प्रोग्राम वाजपेयी सरकार के समय शुरू हुआ था और UPA सरकार ने भी इसका समर्थन किया था। उन्होंने कहा कि उन्होंने गन्ने, मक्के, पराली और बांस से बनने वाले इथेनॉल के साथ-साथ मेथनॉल, हाइड्रोजन और इलेक्ट्रिक वाहनों जैसे वैकल्पिक ईंधन का भी समर्थन किया है।

E20 पेट्रोल को लेकर गलत जानकारी फैसला जा रही है

E20 पेट्रोल को लेकर उठ रही चिंताओं पर गडकरी ने कहा, “यह गलत जानकारी फैलाई जा रही है कि E20 पेट्रोल से इंजन खराब हो जाता है। E10 मानकों के अनुरूप सभी वाहन E20 पेट्रोल पर चलने के लिए उपयुक्त हैं। अभी तक E20 पेट्रोल से इंजन खराब होने की कोई शिकायत सामने नहीं आई है। मारुति सुजुकी भी सार्वजनिक रूप से यह बात कह चुकी है”

उन्होंने आगे कहा, “E20 ईंधन को अच्छी तरह से टेस्ट करने के बाद लॉन्च किया गया था। जहां तक माइलेज की बात है, तो दिल्ली या मुंबई जैसे शहरों के ट्रैफिक में आपको कोई बड़ा बदलाव नहीं दिखेगा, लेकिन दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर तेज रफ्तार से गाड़ी चलाते समय माइलेज में थोड़ी कमी आ सकती है। मैंने हमेशा कहा है कि पेट्रोल की तुलना में इथेनॉल की कैलोरीफिक वैल्यू कम होने के कारण माइलेज में थोड़ी कमी आती है।”

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