Cyclone Murasu Alert: ओडिशा में आ रहा विनाशकारी चक्रवात 'मुरासु'! 3 नवंबर को आंध्र तट से टकराएगा तूफान, भारी बारिश का अलर्ट
Cyclone Murasu Alert: ओडिशा में एक नया चक्रवाती तूफान 'मुरासु' को लेकर अलर्ट जारी हुआ है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अधिकारियों ने बताया कि यह तूफान तीन नवंबर को आंध्र प्रदेश के तट से टकरा सकता है। इससे पहले 28 अक्टूबर को चक्रवात अर्नब ने आंध्र प्रदेश और ओडिशा में दस्तक दी थी
Cyclone Murasu Alert: आंध्र प्रदेश और ओडिशा 28 अक्टूबर की सुबह आए चक्रवाती तूफान 'अर्नब' की मार झेल चुके हैं
Cyclonic Storm 'Murasu' Alert: बंगाल की खाड़ी में एक बार फिर नए चक्रवाती तूफान का खतरा मंडराने लगा है। चक्रवात 'अर्नब' से हुई मूसलाधार बारिश और बाढ़ की तबाही से ओडिशा के कुछ जिले अभी उबरे भी नहीं हैं कि एक नया चक्रवाती तूफान 'मुरासु' ने चिंता बढ़ा दी है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी में बना गहरा दबाव तेजी से चक्रवाती तूफान में बदल रहा है। इसके 3 नवंबर की सुबह दक्षिण आंध्र प्रदेश के तट पर 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाओं के साथ टकराने की आशंका है। संभावित खतरे को देखते हुए ओडिशा सरकार ने निचले और पहाड़ी इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के निर्देश दिए हैं।
3 नवंबर को आंध्र प्रदेश तट से टकरा सकता है तूफान
मौसम विभाग के अधिकारियों ने बताया कि बंगाल की खाड़ी में बना निम्न दबाव का क्षेत्र तीव्र होकर अवदाब के क्षेत्र में बदल गया है। अब इसके चक्रवाती तूफान में तब्दील होने की आशंका है। यह तूफान तीन नवंबर को आंध्र प्रदेश के तट से टकरा सकता है। इससे पहले 28 अक्टूबर को चक्रवात 'अर्नब' ने आंध्र प्रदेश और ओडिशा में दस्तक दी थी। उस समय तट पर पहुंचने के दौरान हवा की रफ्तार 150 किलोमीटर प्रति घंटा थी।
तेज रफ्तार से चलेंगी हवाएं
IMD के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने कहा, "संभावित चक्रवाती तूफान में हवा की रफ्तार 80 से 90 किलोमीटर प्रति घंटे रहने की आशंका है। इस दौरान हवा के झोंके 100 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं। यह मंगलवार तीन नवंबर की सुबह आंध्र प्रदेश के तट से टकरा सकता है।" आईएमडी ने बुलेटिन में कहा है कि दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी और उससे सटे अंडमान-निकोबार द्वीप समूह तथा अंडमान सागर के ऊपर बना अवदाब का क्षेत्र पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ा और 31 अक्टूबर को 11 बजकर 30 मिनट पर उसी क्षेत्र में दबाव में बदल गया।
अगले 12 घंटे के दौरान कैसे रहेगा वेदर?
बुलेटिन के अनुसार, इसके अगले 12 घंटों के दौरान पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ने और दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी के ऊपर निम्न दबाव के क्षेत्र में बदलने की बहुत अधिक आशंका है। बयान में कहा गया है कि इसके बाद के 12 घंटों के दौरान यह पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए और तीव्र होकर चक्रवाती तूफान में बदल सकता है। बुलेटिन में बताया गया कि इसके दो नवंबर की शाम तक दक्षिण-पश्चिम और पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के आसपास के क्षेत्रों से होते हुए आंध्र प्रदेश के तट के पास पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में पहुंचने की आशंका है।
अवदाब का क्षेत्र ऐसी मौसमी स्थिति है, जो निम्न दबाव के क्षेत्र से अधिक तीव्र होती है। लेकिन चक्रवाती तूफान से कम प्रभावशाली होती है। भुवनेश्वर स्थित मौसम विज्ञान केंद्र की निदेशक मनोरमा मोहंती ने कहा, "हम इस प्रणाली की प्रगति पर नजर रख रहे हैं और इसके आगे बढ़ने के साथ ही नयी जानकारी जारी करेंगे। आईएमडी ने ओडिशा के कुछ जिलों में हल्की से मध्यम बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ने का अनुमान जताया है।
ओडिशा के इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
नए चक्रवाती सिस्टम का असर दक्षिणी ओडिशा में भी देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग ने 3 और 4 नवंबर को राज्य के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश की आशंका जताई है। कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश भी हो सकती है। भुवनेश्वर स्थित मौसम विज्ञान केंद्र ने दक्षिणी ओडिशा के जिलों के लिए 2 और 3 नवंबर को बारिश का अलर्ट जारी किया है। इस दौरान 7 से 20 सेंटीमीटर तक बारिश होने का अनुमान है। चिंता की बात यह है कि इन इलाकों में पहले ही 28 अक्टूबर को आंध्र प्रदेश तट से टकराए चक्रवात 'अर्नब' के कारण भारी बारिश और बाढ़ का असर देखा जा चुका है।
60 से 70 किमी प्रति घंटे तक चल सकती हैं हवाएं
IMD ने ओडिशा के दक्षिणी हिस्सों में तेज हवाएं चलने की भी चेतावनी दी है। मौसम विभाग के अनुसार:-
2 नवंबर की शाम से हवा की रफ्तार 40 से 50 किमी प्रति घंटा रह सकती है। झोंके 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं।
3 नवंबर को हवा की स्पीड बढ़कर 50 से 60 किमी प्रति घंटा हो सकती है। झोंकों की रफ्तार 70 किमी प्रति घंटे तक रहने का अनुमान है।
4 नवंबर को दोपहर तक हवा की रफ्तार धीरे-धीरे घटकर 40 से 50 किमी प्रति घंटा रह सकती है।
ओडिशा सरकार अलर्ट, निचले इलाकों से लोगों को निकालने का आदेश
संभावित चक्रवात और भारी बारिश के खतरे को देखते हुए ओडिशा के आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने शनिवार को अधिकारियों के साथ तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में संभावित बाढ़, जलभराव और राहत-बचाव व्यवस्था को लेकर चर्चा की गई। सरकार ने निचले इलाकों और पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन को राहत शिविरों और आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है।
गंजाम और गजपति में पहले से जारी हैं राहत-बचाव कार्य
ओडिशा के गंजाम और गजपति जिले पहले ही चक्रवात 'अर्नब' के कारण भारी बारिश और बाढ़ से प्रभावित हैं। ऐसे में नए तूफान की आशंका ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। गंजाम जिला प्रशासन ने बाढ़ और जलभराव की आशंका वाले संवेदनशील इलाकों में भोजन, पीने के पानी और अन्य जरूरी सामान का पर्याप्त स्टॉक रखने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों को राहत शिविरों की तैयारी पूरी करने के लिए कहा गया है।
प्रशासनिक बयान के मुताबिक, ब्लॉक विकास अधिकारियों (BDO) और तहसीलदारों को विस्तृत माइक्रो-प्लान तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, जोखिम वाले स्थानों पर रहने वाले सभी लोगों को रविवार रात तक सुरक्षित आश्रय स्थलों में पहुंचाने को कहा गया है।
लगातार दो चक्रवातों से बढ़ी चिंता
ओडिशा के दक्षिणी जिलों के लिए यह स्थिति इसलिए भी चुनौतीपूर्ण है, क्योंकि चक्रवात 'अर्नब' के बाद अब एक नए चक्रवाती सिस्टम का खतरा सामने है। पहले से प्रभावित इलाकों में दोबारा भारी बारिश होने पर बाढ़ और जलभराव की समस्या गंभीर हो सकती है। ऐसे में प्रशासन की प्राथमिकता संवेदनशील इलाकों से लोगों को सुरक्षित निकालने, जरूरी सामान उपलब्ध कराने और राहत-बचाव व्यवस्था को तैयार रखने की है।