Delhi Pollution: राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली की वायु गुणवत्ता में रविवार, 30 नवंबर को सुबह मामूली सुधार दर्ज किया गया। सुबह 7 बजे शहर का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) गिरकर 269 हो गया, जो शनिवार शाम 4 बजे दर्ज किए गए 305 से नीचे है। हालांकि, यह 201-300 की सीमा में आता है, जिसे 'खराब' (Poor) श्रेणी माना जाता है। इतने AQI वाली हवा के लंबे समय तक संपर्क में रहने पर अधिकांश लोगों को सांस लेने में तकलीफ हो सकती है। वहीं 300 से ऊपर का AQI 'बहुत खराब' माना जाता है, जो स्वस्थ व्यक्तियों में भी श्वसन संबंधी समस्याओं को उत्पन्न कर सकता है।
मामूली सुधार के बावजूद, रविवार की सुबह शहर के कई इलाके अभी भी 'बहुत खराब' श्रेणी में बने रहे। इनमें शादिपुर, जहांगीरपुरी, नेहरू नगर, आरके पुरम और दिलशाद गार्डन शामिल हैं।
मौसम और विशेषज्ञों की चेतावनी
अधिकारियों और वायु गुणवत्ता विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यह राहत अस्थायी हो सकती है। उम्मीद है कि दिन में मौसम की स्थिति प्रदूषकों के फैलाव के लिए कम अनुकूल हो जाएगी, जिससे प्रदूषण का स्तर फिर से बढ़ सकता है। चूंकि नवंबर महीने में प्रदूषण लगातार उच्च बना रहा, विशेषज्ञ और अधिकारी निवासियों, विशेष रूप से संवेदनशील समूहों, को बाहर कम समय बिताने, मास्क या एयर प्यूरीफायर का उपयोग करने और बाहर जाने-आने से बचने की सलाह दे रहे हैं।
0–50 AQI अच्छा: वायु गुणवत्ता संतोषजनक; न्यूनतम स्वास्थ्य प्रभाव।
51–100 AQI संतोषजनक: वायु गुणवत्ता स्वीकार्य; संवेदनशील व्यक्तियों पर हल्का प्रभाव।
101–200 AQI मध्यम: फेफड़े या हृदय की स्थिति वाले लोगों के लिए सांस लेने में तकलीफ हो सकती है।
201–300 AQI खराब: लंबे समय तक संपर्क में रहने पर श्वसन संबंधी समस्याएं; अधिकांश लोगों को असहजता।
301–400 AQI बहुत खराब: स्वस्थ व्यक्तियों को भी महत्वपूर्ण स्वास्थ्य प्रभाव; संवेदनशील समूहों को अधिक खतरा।
401–500 AQI गंभीर: खतरनाक वायु गुणवत्ता; स्वस्थ लोगों के लिए भी गंभीर स्वास्थ्य प्रभाव।