दिल्ली में PARIVARTAN स्कीम को मंजूरी, अब पुरानी गाड़ियों के मालिकों के लिए बदल जाएंगी ये चीजें

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि यह योजना दिल्ली-एनसीआर में पुराने और ज्यादा प्रदूषण फैलाने वाले ट्रकों व बसों की जगह बीएस-6 और इलेक्ट्रिक वाहन लाने की दिशा में बड़ा कदम है। इससे राजधानी का सार्वजनिक परिवहन और माल ढुलाई सिस्टम अधिक आधुनिक और पर्यावरण के अनुकूल बनेगा। साथ ही वायु प्रदूषण कम करने में भी मदद मिलेगी

अपडेटेड Jul 20, 2026 पर 5:25 PM
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दिल्ली में PARIVARTAN स्कीम को मंजूरी

दिल्ली सरकार ने राजधानी में वाहनों से होने वाले प्रदूषण को कम करने के लिए केंद्र सरकार की नई योजना लागू करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इस योजना का नाम परिवर्तन (PARIVARTAN) है। इसका उद्देश्य पुराने और ज्यादा प्रदूषण फैलाने वाले ट्रकों और बसों को सड़कों से हटाकर उनकी जगह बीएस-6 मानक वाले या इलेक्ट्रिक वाहन लाना है। सरकार का मानना है कि इससे वाहनों से निकलने वाला धुआं और प्रदूषण कम होगा। साथ ही राजधानी की हवा साफ करने और कार्बन उत्सर्जन घटाने में भी मदद मिलेगी।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया योजना के फायदे

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि यह योजना दिल्ली-एनसीआर में पुराने और ज्यादा प्रदूषण फैलाने वाले ट्रकों व बसों की जगह बीएस-6 और इलेक्ट्रिक वाहन लाने की दिशा में बड़ा कदम है। इससे राजधानी का सार्वजनिक परिवहन और माल ढुलाई सिस्टम अधिक आधुनिक और पर्यावरण के अनुकूल बनेगा। साथ ही वायु प्रदूषण कम करने में भी मदद मिलेगी। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत बीएस-4 या उससे पुराने हल्के मालवाहक वाहन (एलजीवी) के मालिक अगर अपनी पुरानी गाड़ी स्क्रैप कराकर नई इलेक्ट्रिक एलजीवी खरीदते हैं, तो उन्हें दिल्ली सरकार की ओर से 10 साल तक मोटर वाहन टैक्स और रजिस्ट्रेशन शुल्क में 100 फीसदी छूट मिलेगी। यह फैसला हाल ही में हुई दिल्ली कैबिनेट की बैठक में लिया गया।


इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने पर मिलेंगे कई बड़े फायदे

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि इस योजना के तहत पात्र लोगों को 5 फीसदी ब्याज सब्सिडी, वाहन निर्माता कंपनी (ओईएम) की ओर से 8 फीसदी तक की छूट और फ्यूल वाउचर या उसके बराबर राशि का एकमुश्त लाभ भी दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि अगर कोई व्यक्ति नई इलेक्ट्रिक हल्की मालवाहक गाड़ी (एलजीवी) खरीदने के बजाय पुरानी (यूज्ड) इलेक्ट्रिक एलजीवी खरीदता है, तब भी उसे कई सुविधाएं मिलेंगी। ऐसे वाहन मालिकों को 10 साल तक मोटर वाहन टैक्स में 50 फीसदी की छूट, 5 फीसदी ब्याज सब्सिडी और फ्यूल वाउचर के बराबर एकमुश्त लाभ दिया जाएगा। दिल्ली सरकार के अनुसार, इस योजना से दिल्ली-एनसीआर के करीब 2.07 लाख ट्रक और बस मालिकों को फायदा मिलने की उम्मीद है।

पुराने वाहनों की जगह आएंगे कम प्रदूषण फैलाने वाले वाहन

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि इस योजना से बड़ी संख्या में पुराने और ज्यादा प्रदूषण फैलाने वाले व्यावसायिक वाहनों की जगह नए, आधुनिक और पर्यावरण के अनुकूल वाहन सड़कों पर आएंगे। इससे दिल्ली में वायु प्रदूषण कम करने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार स्वच्छ और हरित परिवहन को बढ़ावा देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इसी उद्देश्य से योजना में तय किया गया है कि इसके तहत दिल्ली में खरीदे जाने वाले सभी हल्के मालवाहक वाहन (एलजीवी) केवल इलेक्ट्रिक होंगे। वहीं, बसों के मामले में केवल बीएस-6 सीएनजी या इलेक्ट्रिक बसों को ही इस योजना का लाभ मिलेगा।

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