दिल्ली के मालवीय नगर स्थित होटल में लगी भीषण आग के बाद बुधवार को साकेत के मैक्स अस्पताल का माहौल बेहद दर्दनाक नजर आया। अस्पताल के बाहर और वेटिंग एरिया में बड़ी संख्या में परिजन, दोस्त और परिचित अपने लापता रिश्तेदारों की जानकारी पाने के लिए भटकते दिखे।
लोग अस्पताल में लगी लिस्ट देख रहे थे, लगातार फोन कर रहे थे और अधिकारियों से अपने परिजनों के बारे में पूछताछ कर रहे थे। आग में झुलसे लोगों को इलाज और पहचान के लिए अस्पताल लाया गया था।
एक परिजन रोते हुए बोले, "फोटो देखकर किसी की पहचान नहीं हो पा रही है। सब लोग इतने बुरी तरह जल गए हैं कि पहचानना मुश्किल हो गया है।"
गुरुग्राम के रहने वाले नमित गोयल ने बताया कि उनके परिवार के छह सदस्य इस हादसे की चपेट में आ गए। इनमें से चार शवों की पहचान हो चुकी है, लेकिन दो लोगों का अब तक पता नहीं चल पाया है।
उन्होंने कहा, "चार शव मैक्स साकेत की मोर्चरी में हैं और दो शव किसी दूसरे अस्पताल में हैं। हम उन्हें तलाशने की कोशिश कर रहे हैं।"
परिजनों के मुताबिक, ये सभी लोग इलाज के लिए गुरुग्राम से दिल्ली आए थे और हादसे के वक्त होटल में ठहरे हुए थे।
वहीं, विवेक नाम का एक युवक अपनी 25 साल की दोस्त सुजिता की तलाश में अस्पताल पहुंचा। उसने बताया कि पुलिस ने पहचान के लिए कई तस्वीरें दिखाईं, लेकिन वह अपनी दोस्त को पहचान नहीं सका।
विवेक ने कहा, "उसकी पहचान नहीं हो पा रही है और उसका फोन भी बंद आ रहा है।"
बता दें कि यह भीषण आग फ्लोरिश स्टे नाम के बेड एंड ब्रेकफास्ट होटल में लगी थी, जो हौज रानी की संकरी और घनी आबादी वाली बस्ती में स्थित है। आग लगते ही होटल में अफरा-तफरी मच गई और अंदर फंसे लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कुछ ही मिनटों में पूरे भवन में धुआं भर गया था और लोगों को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला।
अस्पताल में मौजूद एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि इस हादसे में कम से कम 21 लोगों की मौत हुई है, जबकि 40 से ज्यादा लोगों को बचाया गया है। वहीं, 20 से अधिक घायलों को मैक्स साकेत अस्पताल लाया गया है।
फिलहाल आग लगने की असली वजह का पता नहीं चल पाया है। पुलिस और अन्य एजेंसियां मामले की जांच कर रही हैं।