दिल्ली-एनसीआर के लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत मिली है। पिछले 24 घंटों के दौरान हुई हल्की बारिश और तेज हवाओं के चलते तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के दिल्ली आंचलिक केंद्र द्वारा जारी ताजा बुलेटिन के अनुसार दिल्ली-एनसीआर में 13 जून को भी राहत का यह सिलसिला जारी रहेगा। मौसम विभाग ने दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद समेत पूरे एनसीआर में गरज-चमक के साथ बारिश और 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अलर्ट जारी किया है। इस मौसमी बदलाव के कारण जून के महीने में भी तापमान सामान्य से काफी नीचे बना हुआ है।
पिछले 24 घंटों में बदला मिजाज, 6 डिग्री तक लुढ़का पारा
दिल्ली-एनसीआर में पिछले 24 घंटों के दौरान मौसम के मिजाज में बड़ा बदलाव देखा गया है। दिल्ली में अधिकतम तापमान में 4 से 6 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान में 6 से 8 डिग्री सेल्सियस की भारी गिरावट दर्ज की गई है। इस दौरान अधिकतम तापमान 38 से 39 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 21 से 23 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा। दिल्ली के कई हिस्सों में न्यूनतम तापमान सामान्य से काफी कम (-5.1 डिग्री सेल्सियस या उससे भी कम) रिकॉर्ड किया गया है। वहीं, कुछ इलाकों में अधिकतम तापमान भी सामान्य से 3.1 से 5.0 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज हुआ। पिछले 24 घंटों में दक्षिण-पूर्वी दिशा से 44 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं, जिनके झोंकों की गति 67 किमी प्रति घंटे तक पहुंच गई थी। इस दौरान दिल्ली के अधिकांश हिस्सों में बहुत हल्की से हल्की बारिश दर्ज की गई।
13 जून का मौसम पूर्वानुमान: दोपहर बाद आंधी-पानी का अलर्ट
मौसम विभाग के मुताबिक 13 जून को दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद तीनों ही क्षेत्रों में एक जैसा मौसम रहने का अनुमान है-
14 और 15 जून को कैसा रहेगा मौसम?
आंधी-तूफान को लेकर मौसम विभाग की चेतावनी
मौसम विभाग ने गरज-चमक और 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं (धूलभरी आंधी) के कारण होने वाले नुकसान को लेकर अलर्ट जारी किया है। तेज हवाओं के कारण पेड़ों की शाखाएं टूट सकती हैं और बड़े व पुराने पेड़ उखड़ सकते हैं। पेड़ों की टहनियां गिरने से बिजली की लाइनों और कम्युनिकेशन के तारों को भारी नुकसान पहुंच सकता है, जिससे बिजली गुल होने की समस्या आ सकती है। ग्रामीण और आस-पास के इलाकों में खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका है। तेज हवाओं के कारण कमजोर और अस्थाई कंक्रीट के ढांचों को आंशिक या बड़ा नुकसान हो सकता है। घरों के बाहर या छतों पर रखी ढीली वस्तुएं आंधी में उड़ सकती हैं, इसलिए उन्हें सुरक्षित स्थानों पर रखने की सलाह दी गई है।