Delhi News: दिल्ली विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद आम आदमी पार्टी (AAP) में बड़ा फेरबदल हुआ है। आम आदमी पार्टी ने फरवरी में हुए चुनावों में मिली हार के बाद सौरभ भारद्वाज को दिल्ली का नया प्रमुख नियुक्त किया है। AAP महासचिव संदीप पाठक ने बताया कि सौरभ भारद्वाज आम आदमी पार्टी की दिल्ली इकाई के नए अध्यक्ष होंगे। जबकि महाराज मलिक पार्टी की जम्मू कश्मीर इकाई के प्रमुख होंगे। पूर्व मुख्यमंत्री और AAP विधायक आतिशी अब राष्ट्रीय राजधानी में बीजेपी की अगुवाई वाली दिल्ली सरकार का मुकाबला करने के लिए रणनीति तैयार करेंगी।
मनीष सिसोदिया आम आदमी पार्टी के पंजाब मामलों के प्रभारी, गोपाल राय पार्टी के गुजरात मामलों के प्रभारी, पंकज गुप्ता पार्टी के गोवा मामलों के प्रभारी और संदीप पाठक पार्टी के छत्तीसगढ़ मामलों के प्रभारी नियुक्त किए गए हैं।
अभी तक गोपाल राय दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष थे। उन्होंने अब गुजरात प्रभारी बनाया गया है। जबकि पंकज गुप्ता गोवा के प्रभारी होंगे। आम आदमी पार्टी की शुक्रवार को हुई पॉलीटिकल अफेयर्स कमेटी (PAC) की बैठक में यह फैसला लिया गया।
महत्वपूर्ण राज्य गुजरात AAP के लिए चुनावी युद्ध क्षेत्र बना हुआ है। 2022 में पंजाब जीतने के बाद आम आदमी पार्टी ने भारतीय जनता पार्टी के किले को भेदने की मुहिम छेड़ दी है। दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए मतदान 5 फरवरी को हुआ था और नतीजे 8 फरवरी को घोषित किए गए थे।
दिल्ली विधानसभा में 70 में से 48 सीटें जीतकर बीजेपी ने 27 साल बाद सत्ता हासिल की है। इस चुनाव में बीजेपी और आम आदमी पार्टी (AAP) के बीच सीधा मुकाबला था। हालांकि, इस बार AAP को सिर्फ 22 सीटें ही मिल पाईं। दिल्ली के पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल, पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया, सौरभ भारद्वाज और सत्येंद्र जैन जैसे प्रमुख AAP नेता इस बार जीत का स्वाद नहीं चख पाए।
दिल्ली में पिछले 10 वर्षों में भारतीय जनता पार्टी का मत प्रतिशत लगभग 13 अंक बढ़ा है। जबकि इसी अवधि के दौरान AAP का मत प्रतिशत लगभग 10 अंक कम हुआ है। दिल्ली विधानसभा चुनाव में भाजपा और आम आदमी पार्टी के मतों में मात्र दो प्रतिशत का अंतर रहा। BJP ने राष्ट्रीय राजधानी में 70 में से 48 सीटें जीतकर सत्ता हासिल की है। दिल्ली में कांग्रेस लगातार तीसरी बार एक भी सीट नहीं जीत सकी।
AAP को 43.57 प्रतिशत मत मिले, जो 2020 के चुनाव में 53.57 प्रतिशत से कम है। वर्ष 2015 के विधानसभा चुनाव में उसे 54.5 प्रतिशत मत मिले थे। ऐसा शायद पहली बार है कि कोई पार्टी 40 प्रतिशत मत प्राप्त करने के बाद भी चुनाव हार गई। वर्ष 2020 और 2015 में AAP ने क्रमशः 67 और 62 सीटें हासिल करके भारी जनादेश हासिल किया था। बीजेपी ने 45.56 प्रतिशत मत हासिल किए और 48 सीटें जीतीं। बीजेपी का मत प्रतिशत 2020 के चुनाव में मिले 38.51 प्रतिशत और 2015 के चुनाव में हासिल 32.3 प्रतिशत के मुकाबले बढ़ा है।
वर्ष 1998 से 2013 तक 15 साल तक दिल्ली में सत्ता में रही कांग्रेस को एक भी सीट नहीं मिली और उसे 6.34 प्रतिशत मत मिले। देश की सबसे पुरानी पार्टी के लिए एकमात्र राहत की बात यह रही कि पिछली बार की तुलना में इस बार उसके मत प्रतिशत में 2.1 प्रतिशत का सुधार हुआ। कांग्रेस को 2020 के विधानसभा चुनाव में 4.3 प्रतिशत मत मिले थे। कांग्रेस को इस बार मिले 6.34 फीसदी वोट के चलते AAP को सभी विधानसभा क्षेत्रों में नुकसान उठाना पड़ा।