Delhi PG collapse: सत्य निकेतन में 4 साल बाद फिर वही खौफ! 2022 की त्रासदी की याद दिला गया बिल्डिंग हादसा, अब तक 7 की मौत
Delhi PG collapse: दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) के दक्षिण परिसर के पास स्थित सत्य निकेतन में एक इमारत ढहने की घटना में जान गंवाने वालों की संख्या सोमवार (7 सितंबर) को बढ़कर सात हो गई। यह बिल्डिंग रविवार (6 सितंबर) दोपहर करीब 1:30 बजे मरम्मत कार्य के दौरान ढह गई। इसमें लड़कों का पेइंग गेस्ट (PC) आवास था। दिल्ली पुलिस मकान मालिक की तलाश कर रही है
Delhi PG collapse: देश की राजधानी दिल्ली में बिल्डिंग गिरने से कम से कम सात लोगों की जान जा चुकी है
Delhi PG collapse: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में चार साल बाद एक बार फिर बिल्डिंग गिरने की दर्दनाक घटना ने 2022 के हादसे की यादें ताजा कर दी हैं। चार साल पहले जहां मरम्मत और निर्माण कार्य के दौरान तीन मंजिला मकान ढहने से दो मजदूरों की मौत हुई थी। जबकि चार लोग घायल हुए थे। वहीं, अब उसी इलाके में एक पांच मंजिला इमारत अचानक भरभराकर गिर गई। इस इमारत का इस्तेमाल लड़कों के पेइंग गेस्ट (PG) के तौर पर किया जा रहा था।
6 सितंबर को फिर हुआ दर्दनाक हादसा
ताजा हादसा 6 सितंबर 2026 को दोपहर करीब 1:30 बजे दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) के साउथ कैंपस के पास स्थित सत्य निकेतन की एक संकरी और भीड़भाड़ वाली गली में हुआ। अधिकारियों के मुताबिक, हादसे के वक्त इमारत में मरम्मत का काम चल रहा था। मलबे में कई लोगों के दबे होने की आशंका के बाद बड़े पैमाने पर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया।
अधिकारियों के अनुसार, अब तक सात लोगों की मौत हो चुकी है। जबकि छह लोगों को मलबे से सुरक्षित बाहर निकाला गया है। रात तक चले राहत एवं बचाव अभियान के दौरान एक और व्यक्ति को मलबे से निकाला गया। लेकिन उसकी जान नहीं बचाई जा सकी।
2022 में भी दोपहर के वक्त ढहा था मकान
इस हादसे की सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि चार साल पहले भी इसी इलाके में लगभग इसी समय एक निर्माणाधीन इमारत ढह गई थी। 25 अप्रैल 2022 को सत्या निकेतन में एक तीन मंजिला मकान में रेनोवेशन और बदलाव का काम चल रहा था। दोपहर करीब 1:15 बजे मकान की छत का हिस्सा अचानक गिर गया। वहां काम कर रहे मजदूर मलबे में दब गए।
संकरी गली ने बचाव अभियान को बनाया मुश्किल
2022 के हादसे में भी रेस्क्यू टीमों के सामने सबसे बड़ी चुनौती इलाके की संकरी गलियां थीं। जगह कम होने की वजह से फायर टेंडर घटनास्थल तक आसानी से नहीं पहुंच सके थे। इसके चलते राहतकर्मियों को सीमित जगह में ही मलबे के बीच काम करना पड़ा। दिल्ली फायर सर्विस ने उस समय करीब आठ फायर टेंडर और लगभग 50 कर्मचारियों को राहत अभियान में लगाया था। मलबे में फंसे मजदूरों तक पानी पहुंचाने और उन्हें शांत रखने के लिए दमकलकर्मियों ने कंक्रीट की स्लैब में छोटे-छोटे छेद किए थे। इसके बाद मलबे को काटकर मजदूरों तक पहुंचने की कोशिश की गई।
हादसे से पहले ही निगम की नजर में थी इमारत
2022 में जिस मकान के गिरने से दो मजदूरों की मौत हुई थी, वह हादसे से पहले ही स्थानीय निकाय की निगरानी में आ चुका था। तत्कालीन साउथ दिल्ली म्युनिसिपल कॉरपोरेशन (SDMC) के मुताबिक, संपत्ति में कथित तौर पर बिना अनुमति निर्माण और बदलाव का काम किए जाने को लेकर मालिक को 31 मार्च 2022 को नोटिस दिया गया था। इसके बाद 11 अप्रैल को पुलिस से निर्माण कार्य रुकवाने का अनुरोध भी किया गया था।
MCD के अनुसार, वह मकान करीब 25 साल पुराना था। कथित अवैध निर्माण को लेकर उसके खिलाफ कार्रवाई शुरू की गई थी। हादसे के बाद ठेकेदार और मकान मालिक के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 304 (गैर इरादतन हत्या) और 308 (गैर इरादतन हत्या के प्रयास) के तहत FIR दर्ज की गई थी।
2026 में फिर मरम्मत के दौरान गिरा पांच मंजिला PG
अब चार साल बाद सत्य निकेतन में एक बार फिर मरम्मत कार्य के दौरान इमारत गिरने की घटना सामने आई है। 6 सितंबर 2026 को दोपहर में पांच मंजिला इमारत अचानक ढह गई। यह इमारत लड़कों के PG के तौर पर इस्तेमाल की जा रही थी। अधिकारियों के मुताबिक, हादसे के समय इमारत के बेसमेंट में मरम्मत का काम चल रहा था। स्थानीय लोगों ने यह भी दावा किया कि इलाके में हुई भारी बारिश के बाद बेसमेंट में पानी जमा हो गया था। हालांकि, इमारत गिरने की वास्तविक वजह अभी स्पष्ट नहीं है और पूरे मामले की जांच की जा रही है।
अब तक 7 लोगों की मौत
सत्य निकेतन में इमारत ढहने की घटना में जान गंवाने वालों की संख्या सोमवार को बढ़कर सात हो गई। यह इमारत रविवार दोपहर करीब 1:30 बजे मरम्मत कार्य के दौरान ढह गई। इसमें लड़कों का पेइंग गेस्ट (पीजी) चलता था। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि खोज अभियान जारी रहने के बीच इमारत के मलबे में से एक और व्यक्ति को निकाला गया जिसे अस्पताल ले जाने पर मृत घोषित कर दिया गया। उन्होंने बताया कि इमारत के मलबे से अब तक 12 लोगों को निकाला जा चुका है।
सत्य निकेतन में पांच मंजिला इमारत गिरने की घटना के बाद दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली नगर निगम (MCD) के डिप्टी कमिश्नर, एग्जीक्यूटिव इंजीनियर, सुपरिटेंडिंग इंजीनियर, असिस्टेंट इंजीनियर और जूनियर इंजीनियर को सस्पेंड कर दिया है।
Satya Niketan building collapse | Following the incident, the Delhi Government has suspended the MCD Deputy Commissioner, Executive Engineer, Superintending Engineer, Assistant Engineer, and Junior Engineer. pic.twitter.com/Myuur4P8SL
दिल्ली पुलिस, दिल्ली फायर सर्विस, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) सहित कई एजेंसियां रात भर बचाव अभियान चलाती रहीं। इससे पहले मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता सोमवार को दूसरे दिन घटनास्थल पहुंची और बचाव कार्यों का जायजा लिया।