AC Helmets: एसी हेलमेट पहन ट्रैफिक संभाल रही पुलिस, कैसे काम करता है ये और कितना इफेक्टिव?

AC Helmets: दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के इस कदम का मकसद तेज धूप और चिलचिलाती गर्मी में पुलिसकर्मियों को राहत देना है, ताकि वे अपनी करीब 8 घंटे की ड्यूटी सुरक्षित तरीके से कर सकें।दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने अपने जवानों जो हाई-टेक उपकरण दिए हैं। इनमें सबसे खास है नया सोलर सपोर्ट वाला कूलिंग हेलमेट, जिसे तेज गर्मी और लू से बचाने के लिए तैयार किया गया है

अपडेटेड May 25, 2026 पर 4:59 PM
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दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने अपने जवानों को मौसम की मार बचाने के लिए नई कूलिंग तकनीक का इस्तेमाल शुरू किया है।

पूरे देश में इस समय लोग मौसम की मार झेल रहे हैं। राजधानी दिल्ली समेत पूरे उत्तर भारत, गर्म भट्टी की तरह जल रहा है। दिल्ली-एनसीआर में तो तापमान ने 45 डिग्री सेल्सियस के पार कर लिया है। वहीं इस भीषण गर्मी के बीच दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने अपने जवानों को मौसम की मार बचाने के लिए नई कूलिंग तकनीक का इस्तेमाल शुरू किया है। एक नए पायलट प्रोजेक्ट के तहत, इस कड़ी धूप में तैनात ट्रैफिक पुलिसकर्मियों को खास “एसी हेलमेट” दिए गए हैं। इसके अलावा उन्हें पोर्टेबल हैंड फैन, टेबल फैन और इमरजेंसी हाइड्रेशन किट भी उपलब्ध कराई गई हैं।

सोलर सपोर्ट वाला कूलिंग हेलमेट

बता दें कि, दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के इस कदम का मकसद तेज धूप और चिलचिलाती गर्मी में पुलिसकर्मियों को राहत देना है, ताकि वे अपनी करीब 8 घंटे की ड्यूटी सुरक्षित तरीके से कर सकें।दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने अपने जवानों जो हाई-टेक उपकरण दिए हैं। इनमें सबसे खास है नया सोलर सपोर्ट वाला कूलिंग हेलमेट, जिसे तेज गर्मी और लू से बचाने के लिए तैयार किया गया है। यह हेलमेट खास तौर पर सिर को ठंडा रखने के लिए बनाया गया है, क्योंकि वर्दी और लगातार धूप में ड्यूटी करने के दौरान सबसे पहले सिर पर ही गर्मी का असर पड़ता है। हेलमेट में बैटरी से चलने वाला कूलिंग सिस्टम लगा है, जो अंदर का तापमान नियंत्रित करता है।


8 से 12 डिग्री सेल्सियस तक कम हो जाएगा तापमान

पुलिस की तकनीकी जानकारी के मुताबिक, यह हेलमेट बाहर के तापमान की तुलना में पहनने वाले के सिर के आसपास का तापमान 8 से 12 डिग्री सेल्सियस तक कम कर सकता है। इससे पुलिसकर्मियों को 45 डिग्री तक की तेज गर्मी में भी राहत मिल सकेगी। फिलहाल इन उपायों को ट्रायल के तौर पर लागू किया गया है। इनमें सोलर पावर से चलने वाले एसी हेलमेट शामिल हैं, जो सिर के आसपास का तापमान करीब 12 डिग्री सेल्सियस तक कम कर सकते हैं। इसके अलावा पुलिसकर्मियों को बैटरी से चलने वाले छोटे कूलिंग उपकरण भी दिए गए हैं, जैसे हैंड फैन और कॉलर फैन, ताकि तेज गर्मी में राहत मिल सके।

एसी हेलमेट सिर्फ सिर की सुरक्षा के लिए नहीं बने हैं, बल्कि ये तेज गर्मी में सिर को ठंडा रखने का भी काम करते हैं। इनमें खास कूलिंग सिस्टम लगाया गया है, जो पुलिसकर्मियों को लू और गर्मी से राहत देता है।

ऐसे काम करता है एसी हेलमेट

  • थर्मोइलेक्ट्रिक कूलिंग सिस्टम: हेलमेट के अंदर खास कूलिंग पैड लगे होते हैं। ये बिजली की मदद से अंदर की गर्मी बाहर निकालते हैं और ठंडी हवा पैदा करते हैं।
  • कमर पर लगती है बैटरी: हेलमेट ज्यादा भारी न हो, इसलिए इसकी बैटरी कमर पर बेल्ट के साथ लगाई जाती है। एक पतली वायर के जरिए बैटरी हेलमेट से जुड़ी रहती है।
  • पंखे और एयर वेंट्स: हेलमेट में छोटे पंखे और एयर वेंट्स लगे होते हैं, जो बाहर की हवा को अंदर लाकर सिर और माथे के आसपास ठंडी हवा पहुंचाते हैं।
  • एसी हेलमेट के शुरुआती नतीजे काफी अच्छे माने जा रहे हैं। ये हेलमेट तेज गर्मी में पुलिसकर्मियों को बड़ी राहत दे रहे हैं।

हेलमेट की खासियत

  • यह हेलमेट बाहर के तापमान के मुकाबले सिर के आसपास का तापमान 8 से 12 डिग्री सेल्सियस तक कम कर देता है। कुछ मॉडल में यह राहत 15 डिग्री तक भी मिलती है। यानी अगर बाहर तापमान 45°C है, तो हेलमेट पहनने वाले को करीब 33 से 35°C जैसा महसूस होता है।
  • 8 घंटे तक बैटरी बैकअप: हेलमेट की बैटरी एक बार पूरी चार्ज होने पर लगातार 8 घंटे तक चल सकती है। यह समय ट्रैफिक पुलिसकर्मी की पूरी ड्यूटी शिफ्ट के बराबर है।
  • जल्दी चार्ज होने वाली बैटरी: इसकी बैटरी सिर्फ 2 से 2.5 घंटे में पूरी तरह चार्ज हो जाती है।

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