'दिल्ली में लोकतंत्र का गला घोंटा गया...'; राहुल गांधी की हिरासत पर विजय का हमला, NEET खत्म करने की मांग दोहराई

Rahul Gandhi Detention Row: तमिलनाडु की सत्तारूढ़ तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) ने केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस पर तीखा हमला बोला है। सीएम विजय की अगुवाई वाली पार्टी ने आरोप लगाया कि दिल्ली में लोकतंत्र का गला घोंट दिया गया और शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे नेताओं एवं छात्रों के अधिकारों का खुला उल्लंघन किया गया

अपडेटेड Jul 22, 2026 पर 11:17 AM
Rahul Gandhi Detention Row: विजय की पार्टी टीवीके ने दिल्ली पुलिस पर तीखा हमला बोला है

Rahul Gandhi Detention Row: दिल्ली में NEET-UG 2026 पेपर लीक को लेकर छात्रों के प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को हिरासत में लिए जाने पर तमिलनाडु की सत्तारूढ़ तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) ने केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस पर तीखा हमला बोला है। सीएम विजय की अगुवाई वाली पार्टी ने आरोप लगाया कि दिल्ली में लोकतंत्र का गला घोंट दिया गया और शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे नेताओं एवं छात्रों के अधिकारों का खुला उल्लंघन किया गया।

TVK ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा कि राहुल गांधी को जिस तरह दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन स्थल से जबरन हटाया और हिरासत में लिया, वह लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। पार्टी ने कहा कि छात्रों के शांतिपूर्ण आंदोलन को दबाने की कोशिश स्वीकार नहीं की जा सकती।

NEET खत्म करने की मांग दोहराई


TVK ने अपने बयान में कहा कि NEET परीक्षा शुरू से ही विवादों में रही है और बार-बार पेपर लीक की घटनाओं ने इसकी विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पार्टी का कहना है कि हर साल परीक्षा से जुड़े विवादों के कारण लाखों छात्र मानसिक तनाव का सामना करते हैं और उनका भविष्य अनिश्चित हो जाता है। इसी के साथ TVK ने केंद्र सरकार से NEET परीक्षा को पूरी तरह समाप्त करने और मेडिकल प्रवेश की व्यवस्था राज्यों को सौंपने की मांग दोहराई।

तमिलनाडु सरकार पहले से कर रही विरोध

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय लंबे समय से NEET का विरोध करते रहे हैं। उनका कहना है कि यह परीक्षा ग्रामीण क्षेत्रों, सरकारी स्कूलों, तमिल माध्यम और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों के साथ न्याय नहीं करती। राज्य सरकार लगातार मांग करती रही है कि एमबीबीएस, बीडीएस और आयुष पाठ्यक्रमों में राज्य कोटे की सीटों पर 12वीं के अंकों के आधार पर प्रवेश की अनुमति दी जाए।

उन्होंने कहा कि यह परीक्षा ग्रामीण इलाकों, सरकारी स्कूलों, तमिल-माध्यम पृष्ठभूमि और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के छात्रों को असमान रूप से नुकसान पहुंचाती है। उन्होंने NEET को खत्म करने और राज्यों को 12वीं कक्षा के अंकों के आधार पर राज्य कोटे के तहत MBBS, BDS और AYUSH जैसे कोर्स में छात्रों को एडमिशन देने की अनुमति देने की मांग फिर से उठाई।

राहुल गांधी ने क्यों किया प्रदर्शन?

राहुल गांधी ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास के निकट पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ प्रदर्शन किया। उनका आरोप था कि NEET-UG 2026 पेपर लीक और छात्रों पर पुलिस कार्रवाई जैसे गंभीर मुद्दों पर सरकार संसद में चर्चा कराने से बच रही है। इसलिए विपक्ष ने छात्रों की आवाज उठाने के लिए प्रधानमंत्री आवास के बाहर विरोध प्रदर्शन किया।

हालांकि, प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस ने राहुल गांधी समेत कई कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया। बाद में राहुल गांधी ने हिरासत स्थल से वीडियो संदेश जारी कर सरकार से सवाल पूछते हुए कहा कि छात्रों के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर जवाबदेही तय होनी चाहिए। NEET पेपर लीक को लेकर देशभर में छात्रों का विरोध प्रदर्शन जारी है। विपक्षी दल इस मुद्दे पर केंद्र सरकार को लगातार घेर रहे हैं।

मंत्री अर्जुन ने भी निंदा

तमिलनाडु के लोक निर्माण एवं खेल विकास मंत्री आधव अर्जुन ने नीट पेपर लीक मामले के खिलाफ राष्ट्रीय राजधानी में प्रदर्शन कर रहे छात्रों और विपक्षी नेताओं पर पुलिस की कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए केंद्र सरकार की आलोचना की है। अर्जुन ने शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ की गई कार्रवाई को लोकतंत्र को कुचलना करार देते हुए नीट के खिलाफ तमिलनाडु के अडिग रुख को दोहराया।

अर्जुन ने कहा कि देशभर के छात्र शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन के अपने संवैधानिक अधिकार का इस्तेमाल कर रहे हैं और उस व्यवस्था को समाप्त करने की मांग कर रहे हैं, जो राज्य-स्तरीय शिक्षा और युवाओं के भविष्य को कमजोर करती है।

मंत्री ने नई दिल्ली में पुलिस की कार्रवाई की निंदा करते हुए प्रदर्शनकारी छात्रों के साथ अपराधियों जैसा व्यवहार किए जाने की आलोचना की। उन्होंने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और सांसद प्रियंका गांधी वाद्रा को हिरासत में लिए जाने की भी आलोचना की। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत कई कांग्रेस नेताओं ने छात्रों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई के विरोध में मंगलवार को प्रधानमंत्री आवास के निकट धरना दिया था।

ये भी पढ़ें- LPG Gas Rate Today: क्या फिर महंगा होने वाला है LPG सिलेंडर? जानिए आज आपके शहर में क्या है नया रेट

अर्जुन ने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को वहां से हटाए जाने को लोकतांत्रिक अधिकारों पर सीधा हमला बताया। मंत्री ने केंद्र सरकार से छात्र आंदोलन की वैधता को स्वीकार करने तथा नीट को तत्काल समाप्त कर शिक्षा को राज्य सूची में वापस लाने की मांग की। उन्होंने कहा कि हम नीट को समाप्त करने की दिशा में हर जरूरी कदम उठाएंगे और छात्रों के अधिकारों तथा कल्याण की रक्षा के लिए हमेशा अडिग ढाल बनकर खड़े रहेंगे।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।