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Dengue Vaccine: जापान के ताकेदा फार्मा के साथ डील के बाद भारत में 2027 से बिकेगी डेंगू वैक्सीन, भारत के दवा नियामक ने जुलाई में दी थी मंजूरी

Dengue Vaccine: जापान के ताकेदा फार्मास्यूटिकल के साथ करार के बाद भारत में डेंगू वैक्सीन के वितरण का रास्ता साफ हो गया है। भारत में इस टीके का वितरण अगल साल से शुरू होगा। भारतीय दवा नियामक ने इस साल जुलाई में इस दवा के लिए मंजूरी दी थी। आइए जानें

MoneyControl Newsअपडेटेड Sep 18, 2026 पर 7:23 PM
Dengue Vaccine: जापान के ताकेदा फार्मा के साथ डील के बाद भारत में 2027 से बिकेगी डेंगू वैक्सीन, भारत के दवा नियामक ने जुलाई में दी थी मंजूरी
ताकेदा फार्मास्युटिकल भारत में अपनी क्यूडेंगा डेंगू वैक्सीन का प्रचार और वितरण करेगी।

Dengue Vaccine: भारत में काफी समय से डेंगू के टीका की चर्चा हो रही है। लेकिन अब इस टीके के लिए लोगों को और इंतजार नहीं करना होगा। जापान के ताकेदा फार्मास्युटिकल के साथ करार के बाद मच्छरों के काटने से होने वाली इस बीमारी का टीका अगले साल से उपलब्ध होगा। ताकेदा की क्यूडेंगा डेंगू वैक्सीन जुलाई में भारत के दवा नियमक द्वारा मंजूर की गई पहला ऐसा टीका था। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, यह वैक्सीन भारत में 2027 के पहले छह महीनों में उपलब्ध होने की उम्मीद है।

डॉ. रेड्डीज लैबोरेटरीज ने जापानी दवा बनाने वाली कंपनी ताकेदा फार्मास्युटिकल के साथ एक अहम करार किया है, जिसके तहत वह भारत में अपनी क्यूडेंगा डेंगू वैक्सीन का प्रचार और वितरण करेगी। ताकेदा फार्मास्युटिकल ने जुलाई में कहा, "हम 2030 तक हर साल 10 करोड़ डोज की वैश्विक विनिर्माण क्षमता तक पहुंचने के अपने लक्ष्य के बहुत करीब होंगे।" ताकेदा का कहना है कि पिछले दो दशकों में भारत में डेंगू के मामले 11 गुना बढ़ गए हैं।

क्या है क्यूडेंगा?

ताकेदा फार्मास्युटिकल के अनुसार, क्यूडेंगा को चार से 60 साल की उम्र के लोगों में डेंगू को रोकने के लिए दिया जाएगा। इसे सभी चार डेंगू वायरस सीरोटाइप से बचाने के लिए विकसित किया गया है। इस साल की शुरुआत में एक लेट-स्टेज ट्रायल में इस टीके की दूसरी डोज के एक साल बाद डेंगू से बचाव में 80.2% तक कारगर है। इसने 18 महीने बाद डेंगू से जुड़े हॉस्पिटलाइजेशन संबंधी खतरे के खिलाफ 90.4% असरदार साबित हुई है। क्यूडेंगा टीके की 0.5 मिली इंजेक्शन के तौर पर तीन महीने के अंतर पर दो डोज दर जाती है। यह टीका उन लोगों को भी लगाया जा सकता है, जिन्हें पहले डेंगू नहीं हुआ हो। इसस प्री-वैक्सीनेशन टेस्टिंग की जरूरत खत्म हो जाती है।

भारत में डेंगू का संकट

भारत में डेंगू के मामले आमतौर पर मानसून के दौरान और उसके बाद ज्यादा होते हैं। जमा हुआ पानी एडीज मच्छरों के पनपने की जगह बनाता है। नेशनल सेंटर फॉर वेक्टर बोर्न डिजीज कंट्रोल (NCVBDC) के अस्थायी आंकड़ों के मुताबिक, भारत में 2025 में डेंगू के 1,13,450 मामले और 95 मौतें दर्ज की गईं।

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