Dharmendra Pradhan: इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध मार्च के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बुधवार (22 जुलाई) को लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से मुलाकात की। यह मुलाकात ऐसे समय हुई है जब सरकार ने लोकसभा में कहा है कि नीट पेपर लीक मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है। अधिकारियों के अनुसार, सरकार द्वारा लोकसभा में यह बयान दिए जाने के बाद ही प्रधान ने बिरला से मुलाकात की।
सरकार ने लोकसभा स्पीकर से आग्रह किया है कि वह इस बारे में सभी दलों के नेताओं के साथ बैठक के बाद निर्णय करें किचर्चा किस नियम के तहत होगी, कितनी लंबी होगी और कब होगी। विपक्ष नीट पेपर लीक मामले पर चर्चा की मांग कर रहा है। साथ ही परीक्षा में कथित अनियमितताओं से जुड़े विवाद को संभालने के तरीके को लेकर धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर भी अड़ा है।
मानसून सत्र शुरू होने के बाद नीट पेपर लीक मामले में छात्रों के आंदोलन को लेकर विपक्ष के हंगामे के कारण संसद में गतिरोध जारी है। इस बीच सरकार ने बुधवार को लोकसभा में कहा कि वह नीट पेपर लीक मामले में सदन में चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है।
लोकसभा की कार्यवाही सुबह स्थगित होने के बाद दोबारा 12 बजे शुरू हुई तो स्पीकर ओम बिरला ने सरकार की ओर से बयान देने के लिए संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू का नाम पुकारा। इसी बीच कांग्रेस सांसद के.सी. वेणुगोपाल ने नीट पेपर लीक मामले में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई और इस मुद्दे पर विपक्ष के कार्यस्थगन प्रस्ताव पर चर्चा कराने की मांग भी की।
इस पर किरेन रिजिजू ने कहा, "सरकार नीट पेपर लीक पर चर्चा के लिए पूरी तरह से तैयार है। हमने पहले दिन से यह बात कही है। लेकिन चर्चा नियम के तहत होती है। चर्चा कब होनी है, कितनी लंबी होनी है और किस नियम के तहत होनी है, इसका निर्णय स्पीकर (बिरला) सभी दलों के नेताओं से बात कर लेंगे।" उन्होंने कहा, "इस देश के युवाओं के भविष्य के लिए हम सब मिलकर सार्थक चर्चा करें, सरकार यही चाहती है।"
प्रधान के खिलाफ बिहार में भारी प्रदर्शन
बिहार पुलिस ने बुधवार को नीट पेपर लीक मामले को लेकर धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे छात्र नेताओं के 'लोक भवन मार्च' को रोकने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े, पानी की बौछार की और लाठीचार्ज किया। प्रदर्शनकारी छात्र भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) लिबरेशन के छात्र संगठन ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) के बैनर तले एकत्र हुए थे। उन्हें राज्यपाल आवास से करीब तीन किलोमीटर दूर गांधी मैदान के पास पुलिस कार्रवाई का सामना करना पड़ा।
भाकपा (माले) लिबरेशन के विधायक और आइसा के पूर्व राष्ट्रीय महासचिव संदीप सौरभ इस मार्च का नेतृत्व कर रहे थे। पुलिस ने तत्काल यह पुष्टि नहीं की कि प्रदर्शन के सिलसिले में कितने लोगों को हिरासत में लिया गया है। इस बीच, कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शनकारी बुधवार को भी नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरने पर डटे रहे। प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में जारी उनका आंदोलन दूसरे महीने में प्रवेश कर गया है।