पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान से बढ़ते तनाव के बीच भारत लगातार अपनी तैयारियों को मजबूत कर रहा है। इसी कड़ी में सोमवार को रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) और भारतीय नौसेना ने एक बड़ा परीक्षण किया है। DRDO और नौसेना ने मिलकर स्वदेशी रूप से विकसित मल्टी-इन्फ्लुएंस ग्राउंड माइन (MIGM) का सफल परीक्षण किया है। बता दें कि यह प्रणाली खासतौर पर स्टील्थ तकनीक वाले दुश्मन के जहाजों और पनडुब्बियों को खत्म करने की क्षमता रखती है।
इंडियन नेवी की बढ़ेगी ताकत
पाकिस्तान से बढ़ते तनाव के बीच भारतीय नौसेना ने समुद्री मोर्चे पर अपनी ताकत को और धारदार बना लिया है। रक्षा मंत्रालय ने बताया कि यह नई माइन खासतौर पर दुश्मन के स्टील्थ जहाजों और पनडुब्बियों को रोकने के लिए बनाई गई है, जिससे भारतीय नौसेना की ताकत और भी बढ़ेगी। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने DRDO, नौसेना और इससे जुड़े सभी उद्योगों को इस कामयाबी पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह नई तकनीक भारतीय नौसेना की समुद्री लड़ाकू क्षमताओं को और मज़बूत बनाएगी।
वहीं MIGM के सफल परीक्षण पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि, भारतीय नौसेना और डीआरडीओ ने स्वदेशी रूप से डिजाइन और विकसित मल्टी-इन्फ्लुएंस ग्राउंड माइन का सफलतापूर्वक परीक्षण किया। इस उपलब्धि के लिए मैं DRDO और भारतीय नौसेना को बधाई देता हूं। यह सिस्टम भारतीय नौसेना की ताकत और बढ़ाएगी।
हर मोर्चे पर भारत कर रहा तैयारी
पिछले हफ्ते भारतीय नौसेना ने बताया कि उसके नए स्वदेशी मिसाइल विध्वंसक जहाज आईएनएस सूरत ने समुद्र के ऊपर उड़ रही एक तेज़ और कम ऊंचाई वाली मिसाइल को सफलतापूर्वक मार गिराया। इसके अलावा, 27 अप्रैल को नौसेना ने लंबी दूरी तक सटीक हमला करने की क्षमता दिखाते हुए एंटी-शिप मिसाइल का सफल परीक्षण किया, जिससे उसके प्लेटफॉर्म, सिस्टम और सैनिकों की तैयारियों की पुष्टि हुई।
बता दें कि MIGM की तैनाती अरब सागर में भारतीय नौ सेना को काफी बल देगी, खासकर संवेदनशील समुद्री गलियारों और चोक पॉइंट्स पर जहां से पाकिस्तान और चीन की नौसेना की आवाजाही संभावित है।