रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने भविष्य में हथियारों के विकास और उत्पादन से जुड़े कॉन्ट्रैक्ट के लिए प्राइवेट कंपनियों से बोली लगाने को कहा है। द इकोनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, यह कदम भारत के रणनीतिक हथियार कार्यक्रम में प्राइवेट सेक्टर की भागीदारी बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है।
