E20 Petrol Row: रायपुर कंज्यूमर कोर्ट के आदेश को चुनौती देगी Maruti Suzuki, अदालत ने नई कार देने का दिया था आदेश

E20 Controversy: मारुति सुजुकी इंडिया ने कहा है कि वह रायपुर के डिस्ट्रिक्ट कंज्यूमर डिस्प्यूट्स रिड्रेसल कमीशन के आदेश को चुनौती देगी। इस आदेश में कंपनी को एक ग्राहक की गाड़ी को नए E20-कम्पैटिबल मॉडल से बदलने का निर्देश दिया गया था

अपडेटेड Jul 16, 2026 पर 11:00 PM
E20 Row: फ्यूल मामले में दूसरी कार देने के मामले में कोर्ट के फैसले को मारुति सुजुकी चुनौती देगी

E20 Row: देश की प्रमुख कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया ने कहा है कि वह रायपुर के डिस्ट्रिक्ट कंज्यूमर डिस्प्यूट्स रिड्रेसल कमीशन के 14 जुलाई के आदेश को चुनौती देगी। इस आदेश में कंपनी को एक ग्राहक की गाड़ी को नए E20-कम्पैटिबल मॉडल से बदलने का निर्देश दिया गया था। ग्राहक ने E20 पेट्रोल के इस्तेमाल से जुड़ी समस्याओं की शिकायत की थी। यह आदेश छत्तीसगढ़ के एक 'ग्रैंड विटारा हाइब्रिड' मालिक से जुड़ा है, जिन्होंने कंज्यूमर फोरम में शिकायत की थी कि E20 पेट्रोल भरवाने के बाद गाड़ी में तकनीकी खराबी आ गई थी।

खबरों के मुताबिक, कमीशन ने कंपनी को 45 दिनों के भीतर दूसरी गाड़ी देने या RTO और इंश्योरेंस के खर्च समेत 20.5 लाख रुपये का पूरा रिफंड देने का निर्देश दिया था। इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए मारुति सुजुकी ने कहा कि मामले में शामिल गाड़ी पहले से ही E20 कम्पैटिबल थी और ओनर मैनुअल में बताए अनुसार E20 फ्यूल पर चलने में पूरी तरह सक्षम थी। बताया गया है कि कार ग्राहक को जून 2024 में बेची गई थी। लेकिन इसे जनवरी 2023 में बनाया गया था।

फ्यूल में मिलावट के सबूत मिले?


मारुति सुजुकी ने आगे कहा कि ग्राहक की गाड़ी से लिए गए फ्यूल में मिलावट के सबूत मिले हैं । कमीशन के आदेश में कई अन्य महत्वपूर्ण तथ्यों को शामिल नहीं किया गया है। कंपनी ने एक बयान में कहा, "हमें रायपुर के डिस्ट्रिक्ट कंज्यूमर डिस्प्यूट्स रिड्रेसल कमीशन के एक आदेश के बारे में पता चला है, जिसमें मारुति सुजुकी को ग्राहक की गाड़ी को नई E20-कम्पैटिबल कार से बदलने का निर्देश दिया गया है।"

दिग्गज कार कंपनी ने आगे कहा, "इस मामले में शामिल कार E20-कम्पैटिबल थी और E20 फ्यूल के इस्तेमाल के लिए पूरी तरह तैयार थी, जैसा कि ओनर मैनुअल में बताया गया है। ग्राहक की गाड़ी से लिए गए फ्यूल में मिलावट के सबूत हैं। आदेश में कई अन्य महत्वपूर्ण तथ्यों को भी शामिल नहीं किया गया है।"

क्या है पूरा मामला?

यह आदेश छत्तीसगढ़ के एक 'ग्रैंड विटारा हाइब्रिड' मालिक से जुड़ा है। उन्होंने कंज्यूमर फोरम में शिकायत की थी कि E20 पेट्रोल भरवाने के बाद गाड़ी में तकनीकी खराबी आ गई थी। खबरों के मुताबिक, कमीशन ने कंपनी को 45 दिनों के भीतर दूसरी गाड़ी देने या RTO और इंश्योरेंस के खर्च समेत 20.5 लाख रुपये का पूरा रिफंड देने का निर्देश दिया था। मारुति सुजुकी ने कहा कि वह इस फैसले के खिलाफ कानूनी रास्ता अपनाएगी।

ये भी पढ़ें- Karnataka Doctor Murder: पति की हत्या और बेटे पर चाकू से हमला... फिर रील देखती रही डॉक्टर पत्नी! कर्नाटक की दिल दहला देने वाली वारदात

एथेनॉल ब्लेंडेड फ्यूल और गाड़ियों की कम्पैटिबिलिटी को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच इस मामले ने ध्यान खींचा है। कार कंपनियों का कहना है कि E20-कम्पैटिबल सर्टिफाइड वाहन 20 प्रतिशत तक इथेनॉल वाले ईंधन पर सुरक्षित रूप से चलने के लिए डिजाइन किए गए हैं। बशर्ते कि सप्लाई किया गया ईंधन तय क्वालिटी स्टैंडर्ड्स के अनुरूप हो।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।