E20 पेट्रोल से बिगड़ी Innova Hycross? एथेनॉल विवाद के बीच बिहार के यूट्यूबर का दावा, Toyota का आया जवाब

E20 Petrol Row: बिहार के एक टोयोटा इनोवा हाइक्रॉस कार के मालिक और मशहूर यूट्यूबर मनीष कश्यप ने अपनी हाइब्रिड MPV में खराबी जैसी समस्याओं के लिए E20 पेट्रोल को ज़िम्मेदार ठहराते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। सोशल मीडिया पर शेयर किए गए दो वीडियो में कश्यप का दावा है कि ये समस्याएं तब शुरू हुईं जब उन्होंने एथेनॉल वाला पेट्रोल का इस्तेमाल करना शुरू किया

अपडेटेड Jul 05, 2026 पर 12:58 PM
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E20 Petrol Row: टोयोटा का कहना है कि वायरल इनोवा हाइक्रॉस की समस्या पेट्रोल में मिलावट की वजह से थी, न कि E20 फ्यूल की वजह से

E20 Petrol Row: एथेनॉल को लेकर जारी विवाद के बीच बिहार के मशहूर यूट्यूबर मनीष कश्यप ने अपनी टोयोटा इनोवा हाइक्रॉस हाइब्रिड MPV में आई तकनीकी खराबी के लिए E20 पेट्रोल को जिम्मेदार ठहराया है। सोशल मीडिया पर जारी दो वीडियो में कश्यप ने दावा किया कि E20 पेट्रोल भरवाने के बाद उनकी कार में इंजन से जुड़ी कई गंभीर समस्याएं सामने आईं। हालांकि, कंपनी के अनुसार यह कार E20 पेट्रोल के अनुरूप (Compatible) है।

Toyota कंपनी ने एक बयान जारी कर मनीष के आरोपों को खारिज कर दिया है। टोयोटा का कहना है कि वायरल इनोवा हाइक्रॉस की समस्या फ्यूल में मिलावट की वजह से थी, न कि E20 पेट्रोल की वजह से...।

12 हजार किलोमीटर चलने के बाद शुरू हुई परेशानी


मनीष कश्यप के मुताबिक, उनकी इनोवा हाइक्रॉस करीब 12,000 किलोमीटर चल चुकी है। इसके बाद अचानक इंजन में कंपन (Vibration), नॉकिंग और अन्य तकनीकी दिक्कतें आने लगीं। जांच के लिए कार को टोयोटा के सर्विस सेंटर ले जाया गया।

वीडियो में मनीष कश्यप ने दावा किया कि कार के फ्यूल सिस्टम से लिए गए अलग-अलग सैंपलों में इथेनॉल की मात्रा सामान्य से अधिक और ईंधन में दूषित पदार्थ (Contamination) दिखाई दिए। उन्होंने फ्यूल टैंक, फ्यूल पंप और फिल्टर असेंबली भी दिखाते हुए सवाल उठाया कि आखिर ईंधन में इतनी गंदगी कैसे पहुंची।

वारंटी पर भी खड़े हुए सवाल

मनीष कश्यप का कहना है कि उन्होंने अपनी कार के लिए 2 लाख किलोमीटर तक की एक्सटेंडेड वारंटी ली है। इसके बावजूद यदि समस्या को "दूषित ईंधन" (Fuel Contamination) माना जाता है, तो सर्विस सेंटर ने संकेत दिया कि मरम्मत, सफाई या पार्ट बदलने का खर्च वारंटी में कवर होना आसान नहीं होगा। यूट्यूबर ने सवाल उठाया कि उनकी कार के फ्यूल लिड पर साफ लिखा है- 'Up to E20 Petrol...';। ऐसे में यदि E20 पेट्रोल इस्तेमाल करने के बाद वाहन में खराबी आती है, तो उसका खर्च ग्राहक पर क्यों डाला जाए?

हाइब्रिड मॉडल के लिए दिए थे ₹5 लाख ज्यादा

मनीष कश्यप ने दावा कि उन्होंने पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए सामान्य मॉडल की तुलना में लगभग ₹5 लाख अधिक कीमत देकर हाइब्रिड वेरिएंट खरीदा था। उनका कहना है कि यदि सरकार E20 ईंधन को बढ़ावा दे रही है और वाहन भी उसी के अनुरूप है, तो ऐसी स्थिति में उपभोक्ता को नुकसान नहीं उठाना चाहिए। फिलहाल यह मामला जांच के दायरे में है।

कंपनी का आया बयान

टोयोटा किर्लोस्कर मोटर (TKM) ने शनिवार को साफ किया कि सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वह वीडियो, जिसमें दावा किया गया था कि E20 फ्यूल के इस्तेमाल से टोयोटा इनोवा हाइक्रॉस में समस्या आई, असल में इथेनॉल-ब्लेंडेड फ्यूल से जुड़ा नहीं था। कंपनी ने कहा कि उनकी टेक्निकल जांच में पता चला कि समस्या फ्यूल में मिलावट के कारण हुई थी।

एक बयान में कंपनी ने कहा कि इस घटना में शामिल टोयोटा इनोवा हाइक्रॉस एक E20-कम्पैटिबल गाड़ी है, जिसे 20 फीसदी इथेनॉल-ब्लेंडेड फ्यूल के इस्तेमाल के लिए डिजाइन, टेस्ट और सर्टिफाई किया गया है।

Toyota ने कहा, "गाड़ी की हमारी डिटेल्स टेक्निकल जांच के आधार पर समस्या फ्यूल में मिलावट के कारण थी। हमारी जांच से पुष्टि हुई कि गाड़ी के किसी भी हिस्से या उसके फ्यूल सिस्टम को कोई नुकसान नहीं पहुंचा था।" कंपनी ने बताया कि गाड़ी में स्टैंडर्ड E20 फ्यूल दोबारा भरने से पहले उनकी सर्विस टीम ने फ्यूल टैंक और फ्यूल लाइनों को खाली करके साफ किया। जांच के बाद, गाड़ी सामान्य रूप से काम करती पाई गई और उसे ग्राहक को वापस कर दिया गया।

कंपनी ने आगे कहा, "यह साफ तौर पर ज़ाहिर है कि यह घटना E20 फ्यूल के इस्तेमाल से जुड़ी नहीं है। यह पूरी तरह से नॉन-स्टैंडर्ड और मिलावटी फ्यूल के कारण हुई थी।" TKM ने ग्राहकों को सलाह दी कि वे फ्यूल में मिलावट या गड़बड़ी के जोखिम को कम करने के लिए केवल अधिकृत और प्रतिष्ठित फ्यूल स्टेशनों से ही फ्यूल भरवाएं, क्योंकि इससे गाड़ी की परफॉर्मेंस पर बुरा असर पड़ सकता है।

ग्राहकों से कंपनी की अपील

कंपनी ने ग्राहकों से यह भी आग्रह किया कि वे आधिकारिक स्रोतों से मिली भरोसेमंद और विज्ञान-आधारित जानकारी पर ही भरोसा करें। साथ ही गाड़ी की परफ़ॉर्मेंस या फ्यूल कम्पैटिबिलिटी से जुड़े किसी भी सवाल के लिए अधिकृत टोयोटा डीलरशिप या उनकी कस्टमर केयर टीम से संपर्क करें।

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इसके अलावा, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय (MoPNG) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फैलाई जा रही उस जानकारी को गलत और गुमराह करने वाला बताया, जिसमें कहा जा रहा था कि एथेनॉल-ब्लेंडेड पेट्रोल (E20) गाड़ियों के लिए हानिकारक है। सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि एथेनॉल वाले पेट्रोल से ज्यादा प्रदूषण फैलाता है। साथ ही इथेनॉल के लिए फसलों के उत्पादन में पानी की बर्बादी का कारण बनता है।

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