
Vice Presidential Elections: जगदीप धनखड़ के इस्तीफे के बाद खाली हुए भारत के उपराष्ट्रपति पद के लिए चुनाव का एलान कर दिया गया है। चुनाव आयोग के मुताबिक, उपराष्ट्रपति पद के लिए 9 सितंबर को चुनाव कराया जाएगा। चुनाव आयोग ने बताया कि उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए अधिसूचना 7 अगस्त को जारी की जाएगी। नामांकन पत्र दाखिल करने की अंतिम तिथि 21 अगस्त तय की गई है।
आयोग ने दी थी ये जानकारी
इससे पहले चुनाव आयोग ने प्रेस नोट में बताया था कि भारत के संविधान के अनुच्छेद 324 के तहत निर्वाचन आयोग को उपराष्ट्रपति के चुनाव की जिम्मेदारी सौंपी गई है। संविधान के अनुच्छेद 66(1) के अनुसार, उपराष्ट्रपति का चुनाव एक निर्वाचक मंडल द्वारा किया जाता है, जिसमें राज्यसभा के निर्वाचित और मनोनीत सदस्यों के साथ-साथ लोकसभा के निर्वाचित सदस्य शामिल होते है।
कौन-कौन डाल सकता है वोट
बता दें कि राष्ट्रपति के चुनाव में सभी सांसदों के साथ देशभर के विधानसभाओं के विधायक वोट डालते हैं तो उपराष्ट्रपति चुनाव में वोट डालने का काम केवल सांसद करते हैं। उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए तैयार की गई निर्वाचक मंडल की सूची में कुल 782 सदस्य है। इनमें 542 सदस्य लोकसभा के है, जबकि 240 सदस्य राज्यसभा के है। ऐसे में नए उपराष्ट्रपति पद पर वही व्यक्ति निर्वाचित होगा, जिसके पास 394 सदस्यों का समर्थन होगा।
कैसे होता है चुनाव
उपराष्ट्रपति का चुनाव सीक्रेट बैलेट बॉक्स के जरिए ही होता है। वोटिंग के बाद इसके वोटों की काउंटिंग होती है और उसी दिन रिजल्ट घोषित हो जाता है। बता दें कि उप राष्ट्रपति का कार्यकाल भी पांच साल का ही होता है। ये चुनाव इसलिए अहम है क्योंकि उप राष्ट्रपति राज्यसभा का सभापति भी होता है। देश में पहली बार उपराष्ट्रपति का चुनाव 1952 में हुआ था।
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