Maharashtra FDA: बॉम्बे हाई कोर्ट ने महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) को पुणे की एक मिठाई की दुकान को 5 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया है। कोर्ट ने सवाल उठाया कि जब दुकान ने खाद्य सुरक्षा से जुड़े लगभग सभी नियमों का पालन कर लिया था, तो उसका लाइसेंस अब भी निलंबित क्यों रखा गया।
दरअसल, 12 जून को जांच के दौरान साफ-सफाई और हाइजीन से जुड़ी कई कमियां मिलने के बाद दुकान का लाइसेंस सस्पेंड कर दिया गया था। वहीं, दुकान की ओर से कंप्लायंस रिपोर्ट जमा करने के बाद, 13 जुलाई को दोबारा जांच की गई जिसमें 98 प्रतिशत नियमों का पालन पाया गया। 36 में से 35 पैरामीटर जरूरी मानकों के अनुरूप थे।
मामले की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने लाइसेंस का निलंबन जारी रखने के फैसले को रद्द कर दिया और दुकान को दोबारा खोलने की अनुमति दे दी। साथ ही FDA को 30 दिनों के भीतर दुकान को 5 लाख रुपये का भुगतान करने का निर्देश दिया।
ऑनलाइन फूड डिलीवरी पर FDA की सख्ती
वहीं, 13 अगस्त को, महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) ने ऑनलाइन डिलीवरी प्लेटफॉर्म के जरिए खाने-पीने की चीजें बेचने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ एक स्पेशल इंस्पेक्शन ड्राइव चलाई और राज्य भर में 86 प्रतिष्ठानों की जांच की।
इस ड्राइव के तहत, एक प्रतिष्ठान को तुरंत अपना कामकाज बंद करने का निर्देश दिया गया, जबकि 60 सुधार नोटिस जारी किए गए। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, FDA ने तुरंत प्रभाव से 14 फूड बिजनेस लाइसेंस भी सस्पेंड कर दिए।
डेयरी उत्पादों और पान मसाला पर FDA की कार्रवाई
FDA ने राज्यव्यापी इंस्पेक्शन ड्राइव के दौरान दूध और डेयरी उत्पादों के खिलाफ भी कार्रवाई की। विभाग ने बताया कि कुल 698 किलोग्राम डेयरी स्टॉक जब्त किया गया, जिसकी कीमत 34,302 रुपये थी।
विभाग ने पान मसाला और गुटखा जैसे प्रतिबंधित खाद्य पदार्थों की बिक्री, वितरण और परिवहन से जुड़े मामलों में 10 FIR भी दर्ज कीं। जारी एक बयान के अनुसार, इन मामलों में 9 लोगों को गिरफ्तार किया गया और 46,76,631 रुपये मूल्य का स्टॉक जब्त किया गया।
इसके अलावा, लगभग 1,29,762 रुपये मूल्य के अन्य खाद्य पदार्थ भी जब्त किए गए, जिनमें दूध और डेयरी उत्पाद, बेकरी आइटम और खाद्य तेल शामिल हैं, जिनका वजन लगभग 1,270 किलोग्राम था।
109 प्रतिष्ठानों की जांच, 4 लाइसेंस सस्पेंड
FDA ने 109 होटलों, रेस्तरां, ढाबों और अन्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण भी किया। बयान में कहा गया है कि 49 प्रतिष्ठानों को सुधार के लिए नोटिस जारी किए गए, जबकि चार खाद्य प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित कर दिए गए।