Rahul Gandhi FIR: दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मियों पर हमला करने और सरकारी काम में बाधा डालने के आरोप में कांग्रेस नेताओं राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा के खिलाफ FIR दर्ज की है। सूत्रों ने बताया कि कांग्रेस के कई नेताओं के अलावा, प्रदर्शन में भाग लेने वाले पार्टी कार्यकर्ताओं के खिलाफ भी FIR दर्ज की गई है। उन्होंने बताया कि यह मामला बुधवार (7 अक्टूबर) को दिल्ली में कांग्रेस के प्रदर्शन के दौरान हुई घटनाओं के सिलसिले में दर्ज किया गया है। पुलिस आरोपों और इसमें शामिल लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।
91 लोगों को हिरासत में लिया गया
पुलिस ने बताया कि प्रदर्शन के दौरान कुल 91 लोगों को हिरासत में लिया गया था, जिनमें कई सांसद और नेता शामिल थे। विपक्षी दलों के गठबंधन 'इंडिया' के नेताओं के विरोध प्रदर्शन का राहुल गांधी ने नेतृत्व किया था जिसके बाद लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष गांधी समेत कई सांसदों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया था। जनपथ स्थित एक दक्षिण भारतीय शाकाहारी रेस्तरां में दोपहर के भोजन के बाद जब विपक्षी नेता बसों में सवार होकर जंतर-मंतर पर अचानक धरने के लिए जा रहे थे, तभी पुलिस ने उन्हें रास्ते में रोक दिया, जिससे दोनों पक्षों में तीखी बहस हुई।
ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन
मुख्य निर्वाचन आयुक्त (ECE) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे विपक्षी सदस्यों की नारेबाजी के बीच प्रियंका गांधी और अन्य महिला नेता संविधान की प्रति हाथ में लेकर सड़क पर लेट गईं, जिन्हें जबरन हटाकर पुलिस बसों में बिठाया गया। विरोध प्रदर्शन करने वालों में कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस , मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा), राष्ट्रीय जनता दल, इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग और कुछ अन्य दलों के सांसद शामिल थे।
मारपीट के वीडियो की जांच कर रही दिल्ली पुलिस
दिल्ली पुलिस जंतर-मंतर के पास कांग्रेस के प्रदर्शन के दौरान महिला पुलिस अधिकारियों और कांस्टेबलों समेत अपने कर्मियों से कथित तौर पर मारपीट किए जाने से जुड़े कई वीडियो की जांच कर रही है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि मोबाइल फोन पर बनाए गए इन वीडियो की जांच कर उन प्रदर्शनकारियों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है, जो कथित तौर पर इन घटनाओं में शामिल थे। साथ ही घटनाक्रम का भी पता लगाया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि दिल्ली पुलिस सरकारी कर्मचारियों पर हमला करने और उनके कर्तव्यों के निर्वाह में बाधा डालने समेत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं में FIR दर्ज कर सकती है। सूत्रों ने बताया कि प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए तैनात पुलिसकर्मियों के साथ कथित तौर पर हाथापाई करने या उनके काम में बाधा डालने वालों की पहचान के लिए पुलिस अन्य स्रोतों से मिले वीडियो फुटेज की भी जांच कर रही है।