Gen Z के बाद अब यूपी में स्कूलों को लेकर Gen Alpha के प्रोटेस्ट पर अलर्ट, UP के DM को दिए गए ये खास निर्देश
Gen Alpha protests in UP: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षण संस्थानों में कमियों को लेकर Gen Alpha के छात्रों के विरोध-प्रदर्शनों पर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने सभी जिला प्रशासन को सोशल मीडिया पर उठाई गई शिकायतों सहित सभी कमियों पर बारीकी से नजर रखने का निर्देश दिया है
Gen Alpha protests in UP: Gen Alpha छात्रों के प्रदर्शन से यूपी सरकार अलर्ट हो गई है
Gen Alpha protests in UP: उत्तर प्रदेश में स्कूलों की व्यवस्थाओं को लेकर Gen Alpha छात्रों के विरोध-प्रदर्शन ने राज्य सरकार की चिंता बढ़ा दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्कूल-कॉलेजों से जुड़ी छात्रों और अभिभावकों की शिकायतों को गंभीरता से लेने एवं उन पर तेजी से कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। सीएम योगी के निर्देश के बाद अब जिलाधिकारी (DM) और मंडलायुक्त सोशल मीडिया पर स्कूलों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों से जुड़ी शिकायतों की निगरानी करेंगे।
अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि सोशल मीडिया या आधिकारिक अकाउंट के जरिए सामने आने वाली शिकायतों की पहले जांच की जाए। फिर तथ्य सामने आने के बाद शिकायतकर्ता को जवाब दिया जाए।
कई जिलों में छात्रों के प्रदर्शन के बाद सरकार सख्त
यह कार्रवाई ऐसे समय में की गई है जब प्रदेश के कई जिलों में छात्रों ने शैक्षणिक संस्थानों की समस्याओं को लेकर प्रदर्शन किए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक लखनऊ, आजमगढ़, महोबा, हमीरपुर, उन्नाव समेत कई जिलों में छात्रों ने अलग-अलग मुद्दों को लेकर विरोध जताया।
इनमें स्कूलों में शिक्षकों की कमी, खराब बुनियादी सुविधाएं और प्रशासनिक स्तर पर शिकायतों के समाधान में देरी जैसे मुद्दे शामिल हैं। सरकार अब इन शिकायतों को केवल स्थानीय स्तर की समस्या मानकर छोड़ने के बजाय उन पर निगरानी और जवाबदेही तय करने की तैयारी में है।
सोशल मीडिया पोस्ट पर भी रहेगी DM की नजर
मुख्य सचिव एसपी गोयल ने मंडलायुक्तों और जिलाधिकारियों को स्कूलों तथा अन्य शैक्षणिक संस्थानों से संबंधित सोशल मीडिया पोस्ट पर नजर रखने के निर्देश दिए हैं। जिलाधिकारियों को कहा गया है कि उनके आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर आने वाली शिकायतों को देखा जाए।
इसके बाद संबंधित मामले की जमीनी स्तर पर जांच कराई जाए और तथ्यों के आधार पर जवाब दिया जाए। यानी छात्रों, अभिभावकों या अन्य लोगों द्वारा सोशल मीडिया पर उठाई गई स्कूल संबंधी शिकायतों को अब प्रशासनिक स्तर पर भी संज्ञान में लिया जाएगा।
मुख्यमंत्री कार्यालय के अधिकारी भी करेंगे निगरानी
सरकार ने सिर्फ जिलाधिकारियों तक ही निगरानी सीमित नहीं रखी है। मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) के अधिकारियों को भी नोडल अधिकारी बनाया गया है। इन अधिकारियों की जिम्मेदारी शैक्षणिक संस्थानों में सामने आने वाली कमियों पर नजर रखना और यह सुनिश्चित करना होगा कि समस्याओं का समाधान बिना अनावश्यक देरी के किया जाए।
कई विभागों के संस्थान निगरानी के दायरे में
सरकार की नई निगरानी व्यवस्था के तहत सिर्फ बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग के स्कूल ही नहीं आएंगे। जहां भी लापरवाही या प्रशासनिक कमी सामने आएगी, वहां जिम्मेदारी तय करने के भी निर्देश दिए गए हैं। इसके दायरे में कई तरह के शैक्षणिक संस्थान शामिल होंगे।
इनमें:
बेसिक शिक्षा
माध्यमिक शिक्षा
उच्च शिक्षा
तकनीकी शिक्षा
व्यावसायिक शिक्षा
समाज कल्याण विभाग
श्रम विभाग से जुड़े संस्थान शामिल हैं।
शिक्षकों की तैनाती में देरी पर भी सवाल
CM योगी आदित्यनाथ ने सर्वोदय विद्यालयों में टीचरों की तैनाती में हुई देरी को लेकर भी सवाल उठाए हैं। नया शैक्षणिक सत्र 1 अप्रैल से शुरू हो चुका था। इसके बावजूद कुछ स्कूलों में शिक्षकों की तैनाती में देरी की बात सामने आई। सीएम योगी ने इस मामले में जिम्मेदारी तय करने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा जून में शिक्षक भर्ती के विज्ञापन जारी करने में हुई देरी के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की पहचान करने को भी कहा गया है।
स्कूलों में इंफ्रास्ट्रक्चर और साफ-सफाई पर जोर
राज्य सरकार ने बेसिक और माध्यमिक विद्यालयों में बुनियादी ढांचे, साफ-सफाई और छात्रों एवं अभिभावकों के साथ संवाद को बेहतर बनाने के लिए डिटेल्स गाइडलाइंस जारी किए हैं। मानसून के दौरान जलभराव और साफ-सफाई से जुड़ी समस्याओं को लेकर भी अधिकारियों को पहले से तैयारी करने के निर्देश दिए गए हैं। ताकि बारिश के दौरान स्कूलों में छात्रों को परेशानी न हो।
सरकार का संदेश- शिकायतों को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा
छात्रों के प्रदर्शन और सोशल मीडिया पर लगातार उठ रही शिकायतों के बाद सरकार का नया कदम यह संकेत देता है कि अब स्कूलों से जुड़ी समस्याओं पर प्रशासन की निगरानी और कड़ी होगी। जिलाधिकारियों पर शिकायतों की समय पर जांच, तथ्यात्मक जवाब और समाधान सुनिश्चित करने का दबाव रहेगा।
योगी सरकार का उद्देश्य यह है कि छात्रों और अभिभावकों की समस्याएं सोशल मीडिया पर विरोध या प्रदर्शन का रूप लेने से पहले ही प्रशासन के स्तर पर उनका समाधान किया जा सके। यूपी सरकार के इस कदम से साफ है कि छात्रों की ऑनलाइन शिकायतों को अब केवल सोशल मीडिया पोस्ट नहीं। बल्कि प्रशासनिक कार्रवाई के लिए महत्वपूर्ण इनपुट के तौर पर देखा जाएगा।