Surya Murder Case: 'इसकी कहानी खत्म कर दे', गाजियाबाद कांड में बड़ा खुलासा...सूर्या की हत्या के लिए असद को पिता ने उकसाया!
Surya murder case: परिवार का दावा है कि हमले के बाद सूर्य अपनी जान बचाने के लिए करीब 200 मीटर तक भागा, लेकिन हमलावरों ने उसका पीछा नहीं छोड़ा। उन्होंने दोबारा उसे घेर लिया और फिर चाकू से हमला किया। पुलिस के मुताबिक, कई बार चाकू लगने के कारण सूर्य गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़ा। आरोप है कि हमलावर उसे मृत समझकर मौके से फरार हो गए। बाद में इस घटना की सूचना मिलने पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू की
Ghaziabad Surya murder case : गाजियाबाद में सूर्या की हत्या का मुख्य आरोपी असद रविवार को पुलिस मुठभेड़ में मारा गया
गाजियाबाद में 17 वर्षीय सूर्य प्रताप चौहान की हत्या के मुख्य आरोपी की रविवार सुबह पुलिस मुठभेड़ में मौत हो गई। आरोपी 28 मई को किशोर पर चाकू से हमला करने के बाद से फरार चल रहा था। शनिवार देर रात खोड़ा और इंदिरापुरम पुलिस की संयुक्त टीम के साथ हुई मुठभेड़ के दौरान उसे गोली लगी। जानकारी के मुताबिक, इस मामले के मुख्य आरोपी असद को हत्या के लिए उसके पिता नवाब ने कथित तौर पर उकसाया था। जांच में पता चला है कि नवाब को अपने बेटे असद की दोस्ती सूर्या चौहान के साथ पसंद नहीं थी और वह लगातार इस रिश्ते को लेकर नाराज रहता था।
पुलिस एनकाउंटर में मारा गया असद
पुलिस के अनुसार, आरोपी असद की गिरफ्तारी पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। मुठभेड़ के दौरान उसने पुलिस पर फायरिंग की, जिसके जवाब में हुई कार्रवाई में वह घायल हो गया। बाद में उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस मामले में पुलिस ने आरोपी के पिता समेत तीन अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया है। अधिकारियों का कहना है कि इन सभी की इस अपराध में कथित भूमिका की जांच की जा रही है। पुलिस ने यह भी बताया कि मुठभेड़ के दौरान एक पुलिसकर्मी भी घायल हुआ है, जिसका इलाज जारी है। मामले की आगे की जांच की जा रही है।
बकरीद के दिन हुई हत्या
बता दें कि, ये घटना 28 मई को गाजियाबाद के खोड़ा क्षेत्र में घटी थी। आरोपी असद और उसके साथियों ने 17 वर्षीय सूर्य प्रताप चौहान पर हमला किया था। बताया जा रहा है कि यह घटना बकरीद के जश्न के दौरान हुई एक मामूली कहासुनी के बाद हुई थी। सूर्य के परिवार के मुताबिक, पीड़ित और आरोपी पहले से एक-दूसरे को जानते थे और दोनों का सामाजिक दायरा भी लगभग एक जैसा था। परिवार का कहना है कि कुछ महीने पहले भी उनके बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। माना जा रहा है कि पुरानी रंजिश और हालिया बहस के कारण यह घटना हुई, जिसकी पुलिस जांच कर रही है।
पीड़ित परिवार ने किया ये खुलासा
पीड़ित की बहन का आरोप है कि सूर्य प्रताप चौहान को धोखे से घटनास्थल पर बुलाया गया था। उन्होंने बताया कि सूर्य घर पर था, तभी उसे एक फोन आया। फोन करने वालों ने उसे ईद का जश्न मनाने के लिए बाहर आने को कहा। शुरुआत में वह जाने के लिए तैयार नहीं था, लेकिन बार-बार कहने पर वह उनके साथ चला गया। बहन के अनुसार, वहां पहले से सात लोग मौजूद थे और सभी के पास चाकू थे। आरोप है कि उन लोगों ने मिलकर सूर्य पर हमला कर दिया।
परिवार का दावा है कि हमले के बाद सूर्य अपनी जान बचाने के लिए करीब 200 मीटर तक भागा, लेकिन हमलावरों ने उसका पीछा नहीं छोड़ा। उन्होंने दोबारा उसे घेर लिया और फिर चाकू से हमला किया। पुलिस के मुताबिक, कई बार चाकू लगने के कारण सूर्य गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़ा। आरोप है कि हमलावर उसे मृत समझकर मौके से फरार हो गए। बाद में इस घटना की सूचना मिलने पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू की।
इस घटना के बाद स्थानीय लोगों और कई हिंदू संगठनों में काफी नाराजगी देखने को मिली। लोगों ने आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग करते हुए विरोध प्रदर्शन भी किए। पुलिस उपायुक्त (ट्रांस-हिंडन) धवल जायसवाल ने बताया कि इस मामले में कुल पांच लोगों को आरोपी बनाया गया था। घटना के बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन मुख्य आरोपी असद फरार हो गया था।
पुलिस ने ऐसे किया अनकाउंटर
असद की तलाशी में पुलिस लगातार अभियान चला रही थी । उसे पकड़ने के लिए पुलिस की कई विशेष टीमें बनाई गई थीं। साथ ही उसकी गिरफ्तारी पर 50 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया गया था। पुलिस के मुताबिक, उन्हें खुफिया जानकारी मिली थी कि मुख्य आरोपी असद अपने साथियों से पैसे लेकर इलाके से फरार होने की तैयारी कर रहा है। इस सूचना के आधार पर पुलिस ने कई जगह बैरिकेडिंग की और सघन जांच अभियान शुरू किया। पुलिस उपायुक्त धवल जायसवाल ने बताया कि जांच के दौरान जब पुलिस टीम ने असद को रोकने की कोशिश की, तो उसने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। इसके बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की। जवाबी फायरिंग में असद को गोली लगी और वह गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस उसे तुरंत अस्पताल लेकर पहुंची, लेकिन वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
असद को हत्या के लिए पिता ने उकसाया था
पुलिस के अनुसार, मुठभेड़ स्थल से एक मोटरसाइकिल और एक हथियार बरामद किया गया है। इन सामानों को कब्जे में लेकर आगे की जांच की जा रही है। वहीं, हत्या के मामले में पुलिस ने तीन अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए लोगों के नाम नवाब, फरहान और आतिफ बताए गए हैं। इनमें नवाब मुख्य आरोपी असद का पिता है। पुलिस की पूछताछ में फरहान ने बताया कि विवाद की शुरुआत 28 मई की दोपहर असद और सूर्य प्रताप चौहान के बीच हुई बहस से हुई थी। उसका कहना है कि झगड़े की जानकारी मिलने के बाद वह और नवाब, दोनों असद के साथ मिलकर सूर्य का सामना करने की योजना में शामिल हो गए थे।
पूछताछ के दौरान फ़रहान ने दावा किया कि आरोपियों ने दोपहर करीब 3.30 बजे नवनीत विहार में सूर्या का सामना किया। उसने कथित तौर पर पुलिस को बताया कि उसने असद को एक चाकू दिया, जबकि नवाब ने उसे पीड़ित पर हमला करने के लिए उकसाते हुए कहा, "आज इसकी कहानी खत्म कर दे।"