गाजियाबाद के भारत सिटी सोसाइटी की 9वीं मंजिल से कूदकर जान देने वाली इन तीन बहनों की कहानी जितनी दुखद है, उतनी ही हैरान कर देने वाली भी। गाजियाबाद पुलिस ने इस मामले में शुरुआती जांच की जानकारी दी है। पुलिस के अनुसार, इस दुखद घटना के पीछे गहरा मानसिक तनाव यानी इमोशनल डिस्ट्रेस एक बड़ी वजह रहा। जांच में सामने आया है कि लड़कियां उस समय काफी तनाव में थीं, जब उनके पिता ने उनके मोबाइल फोन अपने पास रख लिए थे।
पुलिस ने दी ये बड़ी जानकारी
बताया जा रहा है कि पिता को उनकी कोरियाई कल्चर के प्रति बढ़ती दिलचस्पी और मोबाइल के ज्यादा इस्तेमाल को लेकर चिंता थी, इसी वजह से उन्होंने फोन ले लिए थे। पुलिस का कहना है कि मोबाइल फोन छिन जाने के बाद लड़कियां और ज्यादा परेशान रहने लगीं और धीरे-धीरे डिप्रेशन में चली गईं। फिलहाल पुलिस मामले के सभी पहलुओं की गहराई से जांच कर रही है। गाजियाबाद में 16, 14 और 11 साल की तीन बहनों की अपने अपार्टमेंट की नौवीं मंज़िल से गिरने से मौत हो गई। इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर ऑनलाइन गेमिंग की लत और कोरियाई पॉप कल्चर के प्रति बढ़ती दीवानगी को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
इमोशनल डिस्ट्रेस बनी बड़ी वजह
समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, यह घटना रात करीब 2 बजे हुई। बताया जा रहा है कि लड़कियों ने जो सुसाइड नोट छोड़ा, उसमें कोरिया के प्रति उनके जुनून और ऑनलाइन टास्क-बेस्ड गेम्स की लत का जिक्र था। पुलिस के मुताबिक, लड़कियों के पिता ने लगभग तीन महीने पहले 16 साल की बेटी के लिए एक मोबाइल फोन खरीदा था। इसके करीब 15 दिन पहले 14 साल की बेटी के लिए भी एक फोन लिया गया था। घटना से कुछ दिन पहले पिता ने वह फोन बेच दिया, जिसका इस्तेमाल बहनें के-ड्रामा देखने के लिए करती थीं। इसके बाद घर में तनाव बढ़ गया था। पुलिस फिलहाल पूरे मामले की जांच कर रही है और सभी पहलुओं को ध्यान से देख रही है।
पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, अधिकारियों ने बताया कि मोबाइल फोन ले लिए जाने के बाद लड़कियां न तो ऑनलाइन गेम खेल पा रही थीं और न ही अपने कोरियाई दोस्तों से बात कर पा रही थीं। इससे वे काफी परेशान रहने लगी थीं। पहले पुलिस ने कहा था कि पिता ने शायद आर्थिक तंगी के कारण फोन बेच दिया था। यह भी बताया गया कि आत्महत्या से कुछ दिन पहले पिता ने लड़कियों से उनका सोशल मीडिया अकाउंट डिलीट करवाया था, जिसके करीब 2,000 फॉलोअर्स थे।
मामले की जांच के लिए साइबर क्राइम टीम मोबाइल के IMEI नंबर के जरिए उन लोगों का पता लगाने की कोशिश कर रही है, जिन्होंने फोन खरीदा था। इसका मकसद कोरियाई ऐप से डेटा वापस हासिल करना है। निमिश पाटिल के मुताबिक, पुलिस इस मामले की कई पहलुओं से जांच कर रही है, जिसमें परिवार की स्थिति भी शामिल है। साथ ही, फोरेंसिक रिपोर्ट का भी इंतजार किया जा रहा है, ताकि पूरी सच्चाई सामने आ सके।
मौत से पहले लिया था मां का फोन
बताया जा रहा है कि घटना वाली रात लड़कियों ने अपनी मां का मोबाइल फोन लिया था, लेकिन वे उस फोन में कोरियाई ऐप नहीं चला पाईं। जब फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची, तो उसने वह फोन अपने कब्जे में ले लिया। जांच में पता चला कि उस फोन में कोरियाई ऐप का कोई एक्सेस नहीं था। फिंगरप्रिंट, हाथ से लिखा सुसाइड नोट और कुछ मैसेज को फोरेंसिक साइंस लैब में जांच के लिए भेज दिया गया है। पुलिस अब रिपोर्ट का इंतजार कर रही है, ताकि सही कारण सामने आ सके।
पुलिस पूछताछ में यह भी सामने आया है कि लड़कियों के पिता की तीन पत्नियां हैं और वे आपस में सगी बहनें हैं। एक पत्नी 16 साल की लड़की की मां है, जबकि दूसरी 14 और 12 साल की लड़कियों की मां है। पुलिस के मुताबिक, तीनों बहनें अपने पिता के ज्यादा करीब थीं। सुसाइड नोट में भी उन्होंने अपने पिता का जिक्र किया है, लेकिन मां का कहीं उल्लेख नहीं किया गया है। फिलहाल पुलिस मामले की हर एंगल से जांच कर रही है और पूरी सच्चाई सामने लाने की कोशिश में जुटी है।