50 मिनट में गाजियाबाद से नोएडा एयरपोर्ट! नमो भारत रैपिड रेल के नए रूट में 23 स्टेशन होंगे शामिल, पूरी डिटेल यहां जानिए

Ghaziabad-Jewar Namo Bharat Corridor: प्रस्तावित गाजियाबाद-जेवर नमो भारत कॉरिडोर के लिए शुरुआती DPR (डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तैयार हो गई है और NCRTC अब इसे अंतिम रूप देने की प्रक्रिया में है। यह कॉरिडोर गाजियाबाद से शुरू होकर नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक जाएगा।

अपडेटेड Aug 11, 2026 पर 1:59 PM
गाजियाबाद से Jewar Airport तक बनेगा 72 KM कॉरिडोर

Ghaziabad-Jewar Namo Bharat Corridor: प्रस्तावित गाजियाबाद-जेवर नमो भारत कॉरिडोर के लिए शुरुआती DPR (डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तैयार हो गई है और NCRTC अब इसे अंतिम रूप देने की प्रक्रिया में है। यह कॉरिडोर गाजियाबाद से शुरू होकर नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक जाएगा। इसकी लंबाई करीब 72 किलोमीटर होगी और यह दूरी लगभग 50 मिनट में पूरी की जा सकेगी। अधिकारियों ने बताया कि सराय काले खां से जेवर तक सीधे दिल्ली कॉरिडोर बनाने पर विचार किया गया था, लेकिन बाद में इसे रद्द कर दिया गया।

NCRTC के एक अधिकारी ने कहा, "पिछले साल 29 दिसंबर की बैठक में किए गए प्रस्ताव के अनुसार, गाजियाबाद-जेवर नमो भारत RRTS-कम-मेट्रो कॉरिडोर गाजियाबाद नमो भारत स्टेशन से शुरू होगा और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर खत्म होगा। इस कॉरिडोर का लगभग 71 किलोमीटर हिस्सा एलिवेटेड (ऊंचाई पर) और 1 किलोमीटर हिस्सा अंडरग्राउंड (जमीन के नीचे) होगा।" "अंडरग्राउंड हिस्सा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के टर्मिनल-1 और ग्राउंड ट्रांसपोर्टेशन सेंटर के पास होगा।"

पूरे कॉरिडोर पर गाजियाबाद स्टेशन के अलावा कुल 22 स्टेशन बनाने का प्रस्ताव है। इनमें से 21 स्टेशन एलिवेटेड (ऊंचाई पर) होंगे, जबकि NIA पर बनने वाला आखिरी स्टेशन अंडरग्राउंड होगा। अधिकारी ने बताया, "गाजियाबाद नमो भारत स्टेशन से Eco-Tech VI तक मेट्रो सेवाएं उपलब्ध होंगी, जिसमें 18 स्टेशन शामिल होंगे। कॉरिडोर पर कुल 11 स्टेशन होंगे और सात स्टेशन नमो भारत और मेट्रो दोनों सेवाओं के लिए कॉमन होंगे।"


बाद के चरण में अलाइनमेंट पर एक नमो भारत स्टेशन और 11 मेट्रो स्टेशन जोड़ने का प्रावधान भी शामिल किया गया है। अधिकारी ने आगे कहा, "कॉरिडोर के लिए दो डिपो प्रस्तावित हैं - इकोटेक-VI डिपो, जो मुख्य डिपो-कम-वर्कशॉप के तौर पर काम करेगा, और YEIDA सेक्टर 21 डिपो, जो सेकेंडरी डिपो के तौर पर काम करेगा।"

यह प्रस्तावित कॉरिडोर नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से NCR के मुख्य इलाकों तक आसान कनेक्टिविटी देगा। एयरपोर्ट से गाजियाबाद तक का सफर 50 मिनट से कम, सराय काले खां तक 70 मिनट से कम, दिल्ली एयरोसिटी तक 80 मिनट से कम और बेगमपुल तक 85 मिनट से कम समय में पूरा होगा। यह कॉरिडोर ग्रेटर नोएडा के बहुत ज्यादा भीड़-भाड़ वाले और घनी आबादी वाले इलाकों को भी जोड़ेगा।

बता दें कि दिसंबर 2025 में YEIDA ने प्रस्ताव दिया था कि NCRTC को सराय काले खां टावर से नोएडा सिटी सेंटर मेट्रो स्टेशन और सूरजपुर होते हुए एक नए रूट (संशोधित अलाइनमेंट) के लिए नया सर्वे करना चाहिए और नई प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करनी चाहिए।

हालांकि, यह फैसला एक समीक्षा के बाद लिया गया, जिसमें यह बात सामने आई कि नोएडा एयरपोर्ट को दिल्ली के साथ बेहतर और लंबे समय तक चलने वाली कनेक्टिविटी की जरूरत है, जो प्रस्तावित गाजियाबाद-जेवर कॉरिडोर से नहीं मिल पाएगी और जिसके लिए बड़े तकनीकी बदलावों की जरूरत होगी। लेकिन इस पर कभी अमल नहीं हुआ।

केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय (MoHUA) ने इससे पहले इस कॉरिडोर की DPR को कई आपत्तियों के साथ वापस भेज दिया था। मंत्रालय ने खास तौर पर इस बात पर सवाल उठाया था कि प्रस्तावित कॉरिडोर में दिल्ली से सीधी कनेक्टिविटी नहीं है। इसके अलावा, यात्रियों की जरूरत और संख्या को समझने के लिए जरूरी डेस्टिनेशन सर्वे नहीं कराया गया था।

मंत्रालय ने यह भी कहा था कि इस कॉरिडोर का कुछ हिस्सा NMRC की प्रस्तावित एक्वा लाइन एक्सटेंशन से दोहराता है। साथ ही, एक ही एलिवेटेड कॉरिडोर पर रैपिड रेल और मेट्रो दोनों को सुरक्षित तरीके से चलाने को लेकर भी सवाल उठाए गए थे।

हालांकि, YEIDA ने स्पष्टीकरण दिए, लेकिन MoHUA का कहना था कि एलाइनमेंट एयरपोर्ट-कनेक्टिविटी के नियमों को पूरा नहीं करता है और इससे पर्याप्त यात्री संख्या (राइडरशिप) नहीं मिलेगी।

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