Jag Vasant: एक और LPG कार्गो 'जहाज जग' वसंत शुक्रवार को मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष और ऊर्जा मार्ग होर्मुज स्ट्रेट के बंद होने के बीच गुजरात के कांडला पोर्ट पर पहुंचा। इस जहाज में कुल 42,000 मीट्रिक टन लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (LPG) भरी हुई है। कांडला पोर्ट अथॉरिटी ने बताया कि इस गैस को मिड-सी ट्रांसफर के जरिए आज उतारा जाएगा।
बता दें कि गुजरात का कांडला पोर्ट भारत के सबसे बड़े एनर्जी इंपोर्ट, बंदरगाहों में से एक है। यहीं से LPG देश के अलग-अलह शहरों में भेजी जाती है। इस बड़ी खेप के भारत पहुंचने से LPG की उपलब्धता और मजबूत होने की उम्मीद है।
कांडला पोर्ट अथॉरिटी के अनुसार, गैस की बढ़ती मांग को देखते हुए 'जग वसंत' से LPG उतारने के लिए 'मिड-सी ट्रांसफर' तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। इस प्रक्रिया में समुद्र के बीच ही जहाज से LPG को सीधे दूसरे सिस्टम या पोर्ट की सुविधा तक पहुंचाया जाता है। इससे न केवल समय की बचत होती है, बल्कि गैस की अनलोडिंग प्रक्रिया भी काफी तेज हो जाती है।
LPG का यह टैंकर होर्मुज स्ट्रेट से होकर आया है, जो ईरान का युद्धग्रस्त इलाका है। इसके बंद होने से उर्जा सप्लाई में रुकावट आ रही थी। हालांकि, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने भारत समेत कई अन्य मित्र देशों के जहाजों को होर्मुज से गुजरने की अनुमति दे दी है।
बता दें कि होर्मुज स्ट्रेट का खुला रहना भारत के लिए बहुत जरूरी है, क्योंकि इसी समुद्री रास्ते से मिडिल ईस्ट से रोज 2.5–2.7 मिलियन बैरल से अधिक कच्चा तेल और लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (LPG) भारत आता है। इसलिए, ऊर्जा उत्पादों की लगातार और सुरक्षित सप्लाई के लिए होर्मुज का खुला रहना बहुत जरूरी है।
अब तक कितने टैंकर सुरक्षित पहुंचे
ईरान और अमेरिका के बीच जारी संघर्ष के बावजूद भारत अपनी उर्जा जरूरतों को पूरा करने में कामयाब रहा है। ‘जग वसंत’ के अलावा भारतीय तटों पर कई जहाज पहले ही दस्तक दे चुके हैं: