महंगाई का एक और बड़ा झटका! उज्ज्वला योजना के फ्री सिलेंडरों पर चली सरकार की कैंची, अब साल में मिलेंगे सिर्फ इतने रिफिल

Govt Cuts Ujjwala LPG Cylinder: खाड़ी युद्ध से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों में आए भारी उछाल के कारण घरेलू एलपीजी सिलेंडर की बिना किसी सब्सिडी के लागत ₹1600 से भी ऊपर निकल गई है। इस भारी लागत के कारण सरकारी तेल विपणन कंपनियों को प्रति सिलेंडर करीब ₹700 का घाटा उठाना पड़ रहा था

अपडेटेड Jun 08, 2026 पर 7:17 PM
अब उज्ज्वला योजना के तहत आने वाले परिवारों को साल में सिर्फ 4 सिलेंडरों पर ही अतिरिक्त सब्सिडी का लाभ मिल सकेगा

Govt Cuts LPG Subsidised: देश की आम जनता और खासकर गरीब परिवारों के लिए एक बड़ा झटका देने वाली खबर सामने आ रही है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और एलपीजी की आसमान छूती कीमतों को देखते हुए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है।

सरकार ने 'प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना' (PMUY) के लाभार्थियों को हर साल मिलने वाले सब्सिडी वाले एलपीजी सिलेंडरों की संख्या को 9 से घटाकर अब केवल 4 कर दिया है। यानी अब उज्ज्वला योजना के तहत आने वाले परिवारों को साल में सिर्फ 4 सिलेंडरों पर ही अतिरिक्त सब्सिडी का लाभ मिल सकेगा। मिडिल ईस्ट में जारी गहरे संकट के बीच यह फैसला लिया गया है।

क्यों लिया गया यह बड़ा फैसला?


पेट्रोलियम मंत्रालय के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों में आए भारी उछाल के कारण घरेलू एलपीजी सिलेंडर की बिना किसी सब्सिडी के लागत ₹1600 से भी ऊपर निकल गई है। इस भारी लागत के कारण सरकारी तेल विपणन कंपनियों को प्रति सिलेंडर करीब ₹700 का घाटा उठाना पड़ रहा था।

पेट्रोलियम मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव प्रवीन खनूजा ने बताया कि पिछले वित्तीय वर्ष के अंत तक घरेलू एलपीजी पर कुल घाटा बढ़कर ₹60000 करोड़ तक पहुंच गया है, जो इससे पिछले साल ₹41338 करोड़ था। इस घाटे की भरपाई के लिए केंद्रीय कैबिनेट ने तेल कंपनियों को ₹30000 करोड़ के मुआवजे को मंजूरी भी दी है।

उज्ज्वला ग्राहकों को अब कितने में मिलेगा सिलेंडर?

सरकार द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, भले ही घरेलू सिलेंडर की वास्तविक कीमत ₹1600 से ज्यादा हो, लेकिन उपभोक्ताओं को इस पर भारी इनडायरेक्ट सब्सिडी दी जा रही है:

उज्ज्वला ग्राहक (पहले 4 सिलेंडर): उज्ज्वला योजना के तहत आने वाले 10.58 करोड़ से अधिक कनेक्शन धारकों को सालाना पहले 4 सिलेंडरों पर ₹300 की अतिरिक्त सब्सिडी सीधे उनके बैंक खाते में भेजी जाएगी। इस तरह उनके लिए पहले 4 सिलेंडरों की प्रभावी कीमत ₹642 होगी, जो अंतरराष्ट्रीय कीमत से करीब 60 फीसदी सस्ती है।

सामान्य ग्राहक (गैर-उज्ज्वला): सामान्य उपभोक्ताओं को भी सरकार की तरफ से प्रति सिलेंडर ₹700 की इनडायरेक्ट सब्सिडी मिल रही है। हाल ही में घरेलू सिलेंडर के दाम में ₹29 की बढ़ोतरी के बाद अब सामान्य ग्राहकों को यह सिलेंडर ₹942 में मिलेगा, जो अंतरराष्ट्रीय दरों से करीब 45 फीसदी सस्ता है।

होर्मुज जलडमरूमध्य बंद होने से बिगड़े हालात

फरवरी में मिडिल ईस्ट संकट गहराने से पहले भारत द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले प्रोपेन-ब्यूटेन ब्लेंड एलपीजी के लिए सऊदी सीपी का रेट करीब 543 डॉलर प्रति टन था। लेकिन फरवरी के अंत में होर्मुज के बंद होने के बाद खाड़ी देशों से होने वाला निर्यात बुरी तरह प्रभावित हुआ।

इसके बाद अप्रैल में यह कीमत उछलकर 775 डॉलर प्रति टन हो गई और जून में यह और बढ़कर 790 डॉलर प्रति टन पर पहुंच गई है। संकट से पहले के मुकाबले एलपीजी के इस वैश्विक बेंचमार्क में करीब 46 फीसदी की भारी बढ़ोतरी हो चुकी है।

पेट्रोल-डीजल पर भी तेल कंपनियों को हो रहा भारी नुकसान

अधिकारियों ने जानकारी दी कि तेल कंपनियां सिर्फ एलपीजी पर ही नहीं, बल्कि पेट्रोल और डीजल की बिक्री पर भी भारी घाटा उठा रही हैं। वर्तमान में तेल कंपनियों को डीजल पर ₹30 प्रति लीटर और पेट्रोल पर ₹6 प्रति लीटर का घाटा हो रहा है। कंपनियों का यह दैनिक नुकसान करीब ₹600 से ₹700 करोड़ तक पहुंच रहा है।

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