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चीन समेत पड़ोसी देशों के लिए भारत ने आसान किए निवेश के नियम! कैबिनेट ने FDI मानदंडों में ढील को दी मंजूरी

FDI Investment: जून 2020 में गलवान घाटी की हिंसक झड़प के बाद भारत ने कई कड़े कदम उठाए थे। टिकटॉक, वीचैट और अलीबाबा जैसे 200 से अधिक चीनी ऐप्स को भारत सरकार ने प्रतिबंधित कर दिया गया था। चीनी निवेश प्रस्तावों की जांच को बेहद सख्त कर दिया गया था, जिससे कई बड़े प्रोजेक्ट्स अटक गए थे

Curated By: Abhishek Guptaअपडेटेड Mar 10, 2026 पर 4:16 PM
चीन समेत पड़ोसी देशों के लिए भारत ने आसान किए निवेश के नियम! कैबिनेट ने FDI मानदंडों में ढील को दी मंजूरी
साल 2020 में गलवान घाटी संघर्ष के बाद भारत ने निवेश के नियम कड़े कर दिए थे

FDI Norms: भारत सरकार ने एक बड़ा फैसला लेते हुए चीन सहित उन सभी देशों के लिए प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) के नियमों में ढील दी है, जिनकी सीमाएं भारत से लगती हैं। मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में 'प्रेस नोट 3 (2020)' के कड़े प्रावधानों में संशोधन को मंजूरी दी गई।

क्या था पुराना प्रेस नोट- 3 नियम?

साल 2020 में गलवान घाटी संघर्ष के बाद भारत ने निवेश के नियम कड़े कर दिए थे। नियम के मुताबिक, भारत के साथ जमीनी सीमा साझा करने वाले 7 देशों चीन, बांग्लादेश, पाकिस्तान, भूटान, नेपाल, म्यांमार और अफगानिस्तान से आने वाले किसी भी निवेश के लिए सरकार की मंजूरी लेना अनिवार्य था। इसका मुख्य उद्देश्य भारतीय कंपनियों के 'अवसरवादी अधिग्रहण' को रोकना था, विशेषकर चीन की ओर से।

जून 2020 में गलवान घाटी की हिंसक झड़प के बाद भारत ने कई कड़े कदम उठाए थे। टिकटॉक, वीचैट और अलीबाबा जैसे 200 से अधिक चीनी ऐप्स को भारत सरकार ने प्रतिबंधित कर दिया गया था। चीनी निवेश प्रस्तावों की जांच को बेहद सख्त कर दिया गया था, जिससे कई बड़े प्रोजेक्ट्स अटक गए थे।

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